इंडिगो के फ्लाइट संचालन पर संकट लगातार छठे दिन भी जारी रहा। रविवार 7 दिसंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो की कई उड़ानें रद्द होने से यात्रियों की परेशानियां बढ़ गईं। इंडिगो की उड़ानें कैंसिल होने की वजह से इंडिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लंबी कतारें लगीं और लोग घंटों इंतजार करते नजर आए। ANI के अनुसार, दिल्ली एयरपोर्ट की फ्लाइट जानकारी स्क्रीन पर कई इंडिगो उड़ानों के रद्द होने की खबर दिखाई गई।
दिल्ली एयरपोर्ट पर संकट का 5वां दिन, अब कैसा है नजारा?
टर्मिनल वन पर अभी भी कुछ लोग ऐसे हैं जो फ्लाइट कैंसिल होने की वजह से फंसे हुए हैं. सऊदी अरब से आए मोहम्मद गुलाब को गुवाहाटी जाना है, लेकिन वह कल शाम से यहां पर है. उनका एक साल का बच्चा बीमार है. उसे देखने के लिए इमरजेंसी में भारत आना पड़ा. उनकी आज सुबह की 7:45 की गुवाहाटी की फ्लाइट थी, लेकिन वह कैंसिल हो गई है. वही, एक दूसरे शख्स को जो हिमाचल के मंडी से आए हैं उन्हें कल इटानगर में अपनी ड्यूटी ज्वाइन करनी थी, वे भी यहां फंसे हुए. टिकट काउंटर भी लोगों की भीड़ है. अनिल ईरान की बेटी को लंदन से वाया गोवा दिल्ली पहुंचना था लेकिन उसमें भी बदलाव की वजह से वह परेशान है. इधर, दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल वन पर बहुत बड़ी तस्वीर नजर आ रही है. जिन यात्रियों के फ्लाइट कैंसिल हो गई है. सभी यात्रियों को रिफंड के साथ-साथ यह बैग्स भी पहुंचाना बड़ी चुनौती एयरलाइन के लिए बना हुआ है.
सरकार ने दूरी के हिसाब से तय किए फ्लाइट्स के किराए
देर रात नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाते हुए परेशान यात्रियों के लिए राहत दिया है. इंडिगो संकट की वजह से अन्य फ्लाइट की मांग बढ़ने की वजह से किराये में बेतहाशा बढ़ोतरी पर लगाम लगाने के लिए एडवाजरी जारी किया है. इसमें भारत सरकार के मंत्रालय ने दूरी के हिसाब से फेयर तय किया है. चलिए देखते हैं कि सरकार ने कितना किराया तय किया है. मंत्रालय के आदेश (Order No. 01/2025) के अनुसार अब कोई भी घरेलू फ्लाइट दिए गए लिस्ट से ज्यादा किराया नहीं वसूलेगी. हालांकि, सरकार के इस आदेश कुछ शर्तें भी हैं. सरकार द्वारा जारी बेस फेयर User Development Fees, Passenger Service Charge और taxes को छोड़कर हैं. साथ ही ये नियम बिजनेस क्लास और RCS-UDAN उड़ानों पर लागू नहीं होंगी. किराया कैप तब तक रहेगी जब तक बाजार में किराए स्थिर नहीं हो जाते या अगला रिव्यू नहीं हो जाता. साथ ही सभी एयरलाइंस को हर बकेट में टिकट उपलब्धता बनाए रखने और सर्ज वाले सेक्टरों पर कैपेसीटी बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं.
सरकार द्वारा तय किए गए बेस फेयर
- 500 किलोमीटर तक की दूरी के लिए ₹7,500
- 500-1000 किलोमीटर के लिए ₹12,000
- 1000-1500 किलोमीटर के लिए ₹15,000
- 1500 किमी से अधिक दूरी के लिए ₹18,000 से ज्यादा base fare नहीं वसूल सकेगी.







