दिल्ली नगर निगम के 12 वार्डों के उपचुनाव के लिए सुबह साढे 7 बजे से वोटिंग जारी है। सभी सीटों पर मतदान शाम साढ़े पांच बजे तक चलेगा। राज्य चुनाव आयोग ने 12 वॉर्डों में कुल 580 बूथ बनाए हैं। बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। ड्रोन से निगरानी की जा रही है, साथ ही चुनाव आयोग सभी बूथ का लाइव वेबकास्टिंग करा रही है। MCD उपचुनाव में कुल 51 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इस सभी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला 3 दिसंबर को होगा।
शांतिपूर्ण तरीके से मतदान की प्रक्रिया जारी… : राज्य चुनाव आयुक्त विजय देव
राज्य चुनाव आयुक्त विजय देव ने MCD उपचुनाव पर कहा, “दिल्ली में आज 12 वॉर्ड में उपचुनाव चल रहे हैं। शांतिपूर्ण तरीके से मतदान की प्रक्रिया जारी है। हमनें इसके लिए पुख्ता व्यवस्था की है। विस्तृत सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मतदाताओं की सुविधा के लिए भी हमने खास सुविधाएं की हैं जिसमें सभी पोलिंग स्टेशनों की 100% वेब कास्टिंग की जा रही है… इसके साथ-साथ हमने वरिष्ठ नागरिकों और शारीरिक अक्षमताओं वाले नागरिकों के लिए पोस्टल बैलेट की व्यवस्था की गई है… हमने सभी नागरिकों से आह्वान भी किया है कि इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और हमारे लोकतंत्र को मजबूत करें। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की संदेह की बात नहीं है… स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए हम पूरी तरह से काम कर रहे हैं।”
AAP ने बीजेपी पर लगाया पैसे बांटने का आरोप
AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने MCD उपचुनाव पर कहा, “दिल्ली के 12 MCD वार्ड के अंदर उपचुनाव हैं जिसमें से 3 वार्ड AAP के हैं 9 वार्ड भाजपा के हैं। इस छोटे से चुनाव में भी भाजपा ने बेईमानी की । हमने कई इलाकों में उनको एक्सपोज किया कि कैसे भाजपा ने मतदान से पहले गरीबों लोगों को मंदिर पर इकट्ठा किया। वो वहां पर उनके साथ क्या कर रहे थे-पैसे बांट रहे थे कि लालच दे रहे थे इसकी जांच भी चुनाव आयोग ने नहीं किया। तो हमें लगता है कि जब भाजपा इतने छोटे चुनाव में इतनी बेईमानी कर रहे हैं तो बड़े चुनाव में क्या करते होंगे? ये हमारा एक सवाल है..’
दिल्ली की राजनीतिक पसंद बताएंगे नतीजे !
MCD के 12 वोंडों में उप-चुनाव के लिए आज वोटिंग हो रही है। सभी पार्टियों के तमाम वरिष्ठ नेता खुद मैदान में उतरे और चुनाव प्रचार को लीड किया। उप-चुनाव के 3 दिसंबर को नतीजे आएंगे, जो दिल्ली की राजनीति का रुख तय करेंगे। बीजेपी पर अपनी 9 सीटें बचाने और बढ़ाने का दबाव है, जबकि AAP ने अपनी तीन सीटों में इजाफा करने की हर जुगत लगाई है।