कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के भीतर नेतृत्व परिवर्तन का मसला काफी जोर पकड़ चुका है. स्थानीय मीडिया में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व में नई सरकार बनने की तारीख चल रही है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस महीने की 21 या फिर 26 तारीख को डीके शिवकुमार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. राज्य में मौजूदा सिद्दारमैया सरकार का ढाई साल 20 नवंबर को पूरा हो रहा है. ऐसे में कयासबाजी चल रही है कि कथित सत्ता शेयरिंग के फॉर्मूले के मुताबिक 21 या फिर 26 को डीके शिवकुमार सीएम पद की शपथ ले सकते हैं. इस मसले पर अब राज्य के सीएम सिद्दारमैया का बयान भी आ गया है.
डेक्कन हेराल्ड अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिकइससे जुड़े एक सवाल पर शुक्रवार को सिद्दारमैया थोड़ा चिढ़े हुए नजर आए. उन्होंने पत्रकारों के सवालों पर कहा कि ये बात आपको किसने बताई? क्या शिवकुमार ने आपसे यह कहा?
दरअसल, सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार 20 नवंबर को अपने कार्यकाल का आधा पड़ाव, यानी ढाई साल पूरा कर लेगी. इस बीच, राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष शिवकुमार, सिद्धारमैया के साथ कथित पावर-शेयरिंग समझौते के तहत, 20 नवंबर के बाद मुख्यमंत्री पद पर दावा ठोक सकते हैं. विधानसभा में पत्रकारों ने जब सिद्धारमैया से एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूछा कि शिवकुमार 21 या 26 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तो वह भड़क गए. उन्होंने तल्खी से कहा, “यह किसने बताया? क्या शिवकुमार ने आपको यह बताया?” इसके बाद वे नाराज होकर चले गए.
इस घटना ने सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच तनाव की अटकलों को और हवा दी. राजनीतिक हलकों में यह चर्चा आम है कि शिवकुमार ने अपनी मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा के लिए एक ‘डेडलाइन‘ तय की है. हालांकि, शिवकुमार ने सार्वजनिक रूप से सिद्धारमैया या उनके समर्थकों के खिलाफ कोई टकराव नहीं दिखाया. जब सिद्धारमैया के वफादार सामाजिक कल्याण मंत्री एचसी महादेवप्पा से शिवकुमार की ‘डेडलाइन‘ के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा,“मुझे ऐसी बड़ी बातों की जानकारी कैसे होगी? यह केवल मुख्यमंत्री, पार्टी अध्यक्ष (शिवकुमार) और हाईकमान को पता होगा.”
सिद्धारमैया के खेमे के एक अन्य नेता, आवास मंत्री बीजेड जमीर अहमद खान ने शिवकुमार से 2028 के बाद मुख्यमंत्री पद की आकांक्षा रखने का आग्रह किया. जमीर ने कहा कि सिद्धारमैया 2028 तक मुख्यमंत्री रहेंगे. उन्होंने यह भी खारिज किया कि शिवकुमार मुख्यमंत्री पद न मिलने पर बीजेपी के साथ जा सकते हैं. जमीर ने कहा कि शिवकुमार के खून में कांग्रेस है. उनकी मुख्यमंत्री बनने की इच्छा स्वाभाविक है, जैसे कई अन्य नेताओं की है. अगर सिद्धारमैया के बाद शिवकुमार मुख्यमंत्री बनते हैं तो हमें खुशी होगी. लेकिन 2028 तक यह पद खाली नहीं है.
दलित मुख्यमंत्री की मांग
सिद्धारमैया के स्थान पर दलित मुख्यमंत्री की मांग के बीच महादेवप्पा ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान इंतजार और नजर रख रहा है. उन्होंने कहा कि हमारा (दलित मुख्यमंत्री का) आंदोलन जारी रहेगा, लेकिन इसका फैसला हाईकमान को करना है. महादेवप्पा ने जोर देकर कहा कि कोई भी यह नहीं कह रहा कि दलित मुख्यमंत्री नहीं बन सकता. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेतृत्व दलितों के पक्ष में है. केवल दलित और अछूत ही अपनी पीड़ा समझ सकते हैं.







