नेपाल में पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार का मुखिया बनाया गया है. उन्होंने शुक्रवार (12 सितंबर, 2025) को देश के अंतरिम प्रधानमंत्री के पद की शपथ ली. पड़ोसी देश में नई सरकार का गठन होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली प्रतिक्रिया आई है. पीएम मोदी ने सुशीला कार्की को बधाई देते हुए कहा कि नेपाल की प्रगति और समृद्धि के लिए भारत पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
GenZ आंदोलन, हिंसा, आगजनी और तख्तापलट। नेपाल ने 5 दिन में वो सब कुछ देख लिया जो इतिहास में शायद ही पहले कभी देखा हो। सोशल मीडिया बैन और करप्शन को लेकर 8 सितंबर को GenZ ने प्रोटेस्ट शुरू किया। अगले दिन देश में माहौल हिंसक हो गया। संसद, सुप्रीम कोर्ट, पॉलिटिकल पार्टियों के ऑफिस, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री-मंत्रियों के घर और काठमांडू के सिंह दरबार समेत सब जला दिया गया।
केपी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा। 5 दिन के अंदर देश में एक नई व्यवस्था बनी। 12 सितंबर को देश की संसद भंग कर दी गई। पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में उन्हें शपथ दिलाई। Gen-Z नेता सरकार में शामिल नहीं हुए। वे बाहर से ही सरकार का कामकाज देखेंगे।
सुशीला कार्की का नाम प्रधानमंत्री के लिए 10 सितंबर को ही बढ़ाया गया था। GenZ प्रोटेस्ट का समर्थन करने वाले मेयर बालेन शाह ने उनका समर्थन भी किया लेकिन GenZ लीडर्स में सहमति नहीं बनी। फिर दो दिन के अंदर ऐसा क्या हुआ कि 73 साल की सुशीला के नाम पर GenZ एकमत हो गए। उन्होंने किन शर्तों पर अंतरिम सरकार बनने पर सहमति दी और इसमें बालेन शाह की क्या भूमिका रही।
विदेश मंत्रालय ने भी जारी किया बयान
बता दें कि शुक्रवार रात के करीब 9 बजे सुशील कार्की ने नेपाल के अंतरिम पीएम के रूप में शपथ ली। नेपाल के राष्ट्रपति ने उन्हें ये शपथ दिलाई। भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि एक करीबी पड़ोसी, एक लोकतांत्रिक देश और दीर्घकालिक विकास के साझेदार के रूप में भारत, दोनों देशों के लोगों और उनकी खुशहाली के लिए नेपाल के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।
नेपाल में मार्च 2026 में होंगे आम चुनाव
नेपाल में आम चुनाव 5 मार्च, 2026 को होंगे। इस चुनाव के बाद अंतरिम सरकार की जगह नेपाल को एक नई सरकार मिलेगी। बता दें कि नेपाल के अंतरिम पीएम के रूप में शपथ लेने के बाद वह देश की पहली महिला मुखिया के रूप में उभरी हैं। माना जा रहा है कि सुशीला कार्की के आने से भ्रष्टाचार-मुक्त की चाह रखने वाली जनता के लिए आशा की किरण के रूप में उभरी हैं।







