वर्षों से चल रहे रूस और यूक्रेन युद्ध को लेकर पूरी दुनिया की चिंता बरकरार है। इस बीच दुनिया की दो महाशक्तियों के बीच बातचीत हुई है जिसमें एक रूस है जो यूक्रेन के साथ युद्ध में शामिल है तो वहीं दूसरा सुपरपावर अमेरिका है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में अहम बैठक हुई जो करीब तीन घंटे तक चली, लेकिन इस बैठक में भी दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में युद्धविराम को लेकर कोई समाधान नहीं निकल सका है।
बंद कमरे में हो रही इस बैठक में ट्रंप के साथ मार्को रूबियो और विटकॉफ के साथ कुछ अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। वहीं रूसी पक्ष में पुतिन के साथ सर्गेई लावरोव और वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव और आर्थिक सलाहकार किरिल दिमित्रिएव भी मौजूद थे। हालांकि बैठक में दोनों पक्षों में कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई। बैठक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन प्रेस वार्ता के लिए पहुंचे। यह बैठक रूस-यूक्रेन युद्ध पर केंद्रित थी। बता दें कि दोनों नेताओं के बीच 2019 के बाद यह दोनों की पहली आमने-सामने की बैठक है।
दोनों नेताओं ने की साझा प्रेस कांफ्रेंस
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि यूक्रेन की स्थिति हमारी सुरक्षा के लिए एक बुनियादी खतरा है। साथ ही, हम इस बात से आश्वस्त हैं कि समझौते को स्थायी और दीर्घकालिक बनाने के लिए, हमें संघर्ष के सभी प्राथमिक कारणों को समाप्त करना होगा। मैं राष्ट्रपति ट्रम्प से सहमत हूं, जैसा कि उन्होंने आज कहा है, कि स्वाभाविक रूप से, यूक्रेन की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। हम इसका स्वागत करने के लिए तैयार हैं। मैं आशा करता हूं कि हम जिस समझौते पर पहुंचे हैं, उससे हमें उस लक्ष्य के करीब पहुंचने में मदद मिलेगी और यूक्रेन में शांति का मार्ग प्रशस्त होगा। हम उम्मीद करते हैं कि कीव और यूरोपीय राजधानियां इसे सकारात्मक रूप से समझेंगी और काम में कोई बाधा नहीं डालेंगी। वे प्रगति को बाधित करने के लिए किसी गुप्त सौदेबाजी का इस्तेमाल करके उकसावे की कार्रवाई करने की कोशिश नहीं करेंगी।
ट्रंप से सहमत दिखे पुतिन
बैठक के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आगे कहा कि आज जब राष्ट्रपति ट्रम्प कहते हैं कि यदि वे उस समय राष्ट्रपति होते, तो कोई युद्ध नहीं होता, और मुझे पूरा यकीन है कि ऐसा वास्तव में होता। उन्होंने यह भी कहा कि 2022 में पिछले प्रशासन के साथ आखिरी संपर्क के दौरान, मैंने अपने पूर्व अमेरिकी सहयोगी को यह समझाने की कोशिश की थी कि जब शत्रुता की बात आती है, तो स्थिति को उस बिंदु तक नहीं पहुंचाना चाहिए जहां से वापसी संभव न हो। मैंने उस समय सीधे तौर पर कहा था कि यह एक बड़ी भूल है।
नाटो और जेलेंस्की से बात करेंगे- ट्रंप
इस संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमारी बैठक बहुत ही उपयोगी रही। कई मुद्दों पर हमारी सहमति बनी। कुछ बड़ी बातें हैं जिन तक हम अभी तक नहीं पहुंच पाए हैं, लेकिन हमने कुछ प्रगति की है। उन्होंने कहा कि जब तक कोई समझौता अंतिम नहीं हो जाता, तब तक कोई समझौता नहीं होता। इसलिए मैं थोड़ी देर में नाटो को फोन करूंगा और उन सभी लोगों से बात करूंगा जो उपयुक्त हैं। मैं निश्चित रूप से राष्ट्रपति जेलेंस्की को फोन करूंगा और उन्हें आज की बैठक के बारे में बताऊंगा। आज हमने काफी प्रगति की है। हम जल्द ही आपसे बात करेंगे और उम्मीद है कि जल्द ही आपसे फिर मिलेंगे।
पुतिन ने ट्रंप को रूस आने का न्यौता भी दिया
इस प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पुतिन ने संकेतों में ट्रंप को रूस आने का न्यौता भी दिया। ये तब हुआ जब कहा जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने आज की बैठक के लिए अपने समकक्ष को धन्यवाद दिया। इस दौरान पुतिन ने कहा कि ‘अगली बार मॉस्को में’। इस पर ट्रंप ने भी जवाब में कहा कि मैं इसे होते हुए देख सकता हूं।
2019 के बाद पहली बार आमने-सामने मिले पुतिन और ट्रंप
गौरतलब है कि 2019 के बाद पहली बार ट्रंप और पुतिन आमने-सामने मिले हैं। पिछले कुछ महीनों में यूक्रेन में हिंसा और हमले बेहद तेज हुए हैं, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। ऐसे में अमेरिका और रूस की सीधी बातचीत को एक बड़ा कूटनीतिक प्रयास माना जा रहा है, जो शायद इस लंबे चले युद्ध को रोकने की दिशा में कदम साबित हो सकता है।
फॉक्स न्यूज की अमेरिकी पत्रकार जैकी हेनरिक ने अलास्का से जानकारी दी कि “बातचीत का माहौल डोनाल्ड ट्रंप के लिए चुनौतीपूर्ण रहा और ऐसा लगा कि पुतिन बातचीत में शुरुआती दौर से ही हावी हो गए थे। ऐसा लग रहा था कि पुतिन इस बैठक में अपनी बात कहने आए थे, उन्होंने अपनी बातें कहीं और फिर चले गये।” अमेरिकी पत्रकार की इस जानकारी के अलावा इस बैठक की एक और बहुत बड़ी हैरान करने वाली बात सामने आई है जो ये थी कि अलास्का, जो अमेरिका की धरती है, वहां डोनाल्ड ट्रंप से पहले व्लादिमीर पुतिन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात की।
अलास्का समिट की जानें 10 बड़ी बातें
1-अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच की मुलाकात अलास्का के ज्वाइंट बेस एल्मेंड्रॉफ-रिचर्डसन एयरबेस पर हुई, जो कभी शीत युद्ध के दौरान सोवियत संघ पर नजर रखने का अमेरिका का अहम सैन्य अड्डा था। दोनों नेताओं के बीच तीन घंटे तक बैठक चली, इस बैठक पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थीं। बैठक के बाद भी युद्धविराम पर किसी तरह का कोई समझौता नहीं हो पाया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये बैठक नाकाम रही।
2- डोनाल्ड ट्रंप और पुतिन के बीच कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है लेकिन दोनों नेताओं की बयानबाजी दोनों देशों की रणनीति का हिस्सा थी। जहां डोनाल्ड ट्रंप दुनिया को ये संदेश देना चाहते हैं कि उन्होंने रूस युक्रेन युद्ध को लेकर अहम कदम उठाया है और पुतिन को बातचीत की टेबल पर ला दिया है, जबकि पुतिन ने बातचीत के दौरान शुरू से ही हावी होकर ये संकेत दिया है कि बातचीत उनकी शर्तों के मुताबिक चली है।
3- तीन घंटे की बैठक के बाद दोनों देश के नेताओं ने एक ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की, लेकिन पत्रकारों के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एयर फोर्स वन में संवाददाताओं को बताया कि ट्रंप के साथ पहले से तय वन टू वन बैठक के बजाय, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ भी शामिल हुए।
4- रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव भी व्लादिमीर पुतिन के साथ इस वार्ता में शामिल हुए थे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पुतिन की टीम अनुभवी कूटनीतिज्ञों से बनी थी, जो पश्चिमी दबाव के बीच रूस की स्थिति को मजबूती से पेश कर सके।
5- डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कांफ्रेंस में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि “हमारी बैठक अत्यंत उपयोगी रही और कई बिंदुओं पर हमारे बीच सहमति बन गई है, आगे भी बात होगी।”
6- बैठक के बाद पुतिन ने सबसे पहले मीडिया को संबोधित किया और डोनाल्ड ट्रंप से ज्यादा समय तक संवाददाताओं से बातचीत की और कहा, “हमारी बातचीत रचनात्मक और पारस्परिक सम्मानपूर्ण माहौल में हुई।” अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बैठक में कई बार ये दिखा कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन के हावी हो रहे थे।
7- ट्रंप ने कहा, उन्हें रूसी तेल खरीदने वाले चीन जैसे देशों पर तत्काल टैरिफ लगाने पर विचार करने की जरूरत नहीं है, लेकिन “दो या तीन हफ्तों में” ऐसा करना पड़ सकता है। साथ ही उन्होंने धमकी भी दी है कि अगर यूक्रेन में युद्ध खत्म करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया, तो वे रूस पर प्रतिबंध लगाएंगे और उन देशों पर भी अतिरिक्त प्रतिबंध लगाएंगे जो उसका तेल खरीदते हैं। बता दें कि ट्रंप भारत पर पहले ही रूसी तेल खरीदने के लिए 25 प्रतिशत टैरिफ लगा चुके हैं।
8- फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “व्लादिमीर पुतिन ने एक बात कही, जो सबसे दिलचस्प बातों में से एक थी, वो कि आपके चुनाव में धांधली इसलिए हुई क्योंकि आपके पास डाक से मतदान कराने की प्रक्रिया है।”
9- अलजजीरा के पत्रकार जेम्स बॉयज ने इस बैठक को लेकर कहा, इस बैठक के असली विजेता व्लादिमीर पुतिन हैं। क्योंकि बैठक में युद्धविराम पर कोई बात नहीं बनी है। साथ ही इसके बाद दूसरी बैठक होने की उम्मीद बढ़ी है। साथ ही युद्धविराम को लेकर उम्मीद जरूर बनी है और शायद त्रिपक्षीय बैठक हो और तीसरे नेता के तौर पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की को इस बैठक में शामिल किया जाए। पुतिन ने ट्रंप को मास्को आने का न्योता भी दिया है और हो सकता है कि आने वाले वक्त में अगली बैठक मॉस्को में हो और ट्रंप बैठक में भाग लेने रूस जाएं।
10- ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को बताया है कि यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की और पुतिन युद्धविराम पर बातचीत के लिए एक बैठक कर सकते हैं। अलास्का में पुतिन से मुलाकात के बाद फॉक्स न्यूज के सीन हैनिटी से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि “मुझे लगता है कि वे अब राष्ट्रपति जेलेंस्की, राष्ट्रपति पुतिन और मेरे बीच एक बैठक आयोजित करने जा रहे हैं।”







