देशभर में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. पहले हिमाचल के शिमला में बादल फटा और अब जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के चशोती इलाके में बादल फटने (Kishtwar Cloudburst) से बड़ी तबाही हुई है. इस आपदा में अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 30 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। यह हादसा मचैल माता यात्रा मार्ग पर हुआ, जिसके चलते यात्रा को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।. बादल फटने की यह घटना जिस जगह पर हुई, वहां लंगर चल रहा था. बादल फटते ही वहां पर पानी तेजी के साथ आया, जिसकी चपेट में वहां मौजूद लोग आ गए. हालांकि यह घटना कैसे हुई ये अब तक पता नहीं चल सका है.रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं.
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने वहां सभी बचाव दल पहुंच गए हैं. वे वहां काम कर रहे हैं और जो भी सहयोग और सहायता जरूरी है, वह सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. हम सभी एक दूसरे के साथ संपर्क में हैं अगर किसी मरीज़ को इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में भर्ती कराना पड़े तो उसकी भी व्यवस्था की जाएगी हेलीकॉप्टर के लिए मौसम अनुकूल नहीं हैं.
किश्तवाड़ आपदा में अब तक 20 लोगों की मौत
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चिशोती इलाके में गुरुवार सुबह हुए भीषण बादल फटने की घटना में अब तक 20 लोगों की मौत हो गई है। इस आपदा में 98 लोग रेस्क्यू किए गए हैं। हादसे में घायल हुए लोगों को अथोली उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाव कार्य जोर-शोर से चल रहे हैं, जिसमें स्थानीय पुलिस, SDRF, NDRF और सेना की टीमें शामिल हैं। भारतीय वायुसेना को भी घायलों को निकालने के लिए अलर्ट किया गया है।
स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है: PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर लिखा, ‘मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। बचाव और राहत कार्य जारी हैं। जरूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।’
NDRF की टीम भी मौके पर पहुंचने वाली है’
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में स्थित चिशोती इलाके में अचानक आई बाढ़ पर जम्मू के डिवीजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने कहा, ‘सुबह करीब 11.30 बजे हमें सूचना मिली कि किश्तवाड़ के चिशोती इलाके में बादल फटा है। एसआरडीएफ, स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया है। एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंचने वाली है। सेना, वायुसेना की टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है। खोज और बचाव अभियान जारी है।’
सेना और NDRF की टीम बचाव कार्य में जुटी
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हादसे पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि किश्तवाड़ में बादल फटने से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। सिविल, पुलिस, सेना, NDRF और SDRF अधिकारियों को बचाव एवं राहत अभियान को और तेज़ करने और प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
मचैल माता मंदिर की वार्षिक यात्रा स्थगित
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के बाद मचैल माता मंदिर की वार्षिक यात्रा स्थगित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि क्षति का आकलन किया जा रहा है और आवश्यक बचाव एवं चिकित्सा प्रबंधन व्यवस्था की जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष बोले- स्थिति पर रख रहे कड़ी नजर
विपक्ष के नेता सुनील कुमार शर्मा स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि मछैल माता यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक बिंदु, चशोती में अचानक आई बाढ़ एक दुखद घटना है। मैंने ज़िला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जाए और तीर्थयात्रियों और निवासियों को सभी आवश्यक सहायता मिले।
डीसी बोले- तेजी से चल रहा राहत बचाव कार्य
किश्तवाड़ के उपायुक्त (डीसी) पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि राहत बचाव कार्य जारी है। चशोती क्षेत्र में अचानक बाढ़ आ गई है। बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया है और एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें घटनास्थल पर तैनात हैं। हम नुकसान का आकलन करने और निवासियों व तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। ज़िला प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यात्रा मार्ग पर निर्धारित चिकित्सा केंद्रों पर पर्याप्त दवाइयां और डॉक्टर सहित चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हों।
बादल फटने से हो सकती है भारी जनहानिः केंद्रीय मंत्री
किश्तवाड़ के चिशोती इलाके में अचानक आई बाढ़ पर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मुझे जम्मू-कश्मीर के नेता प्रतिपक्ष और स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा का फोन आया कि उनके क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बादल फटा है। यह लोकप्रिय मचैल माता यात्रा का मार्ग भी है जो यहीं होती है। बादल फटने की घटना बहुत बड़े पैमाने पर हुई है, जिससे बड़ी संख्या में जनहानि हो सकती है। हमने तुरंत जिला अधिकारियों से संपर्क किया, जो भी हैरान थे, क्योंकि इसने सभी को हैरान कर दिया था। उन्होंने घटनास्थल की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है। बहुत जल्द हमें और जानकारी मिल जाएगी। हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। प्रशासन चिकित्सा उपचार के लिए हेली-रेस्क्यू की भी व्यवस्था करेगा।
मचैल माता मंदिर की यात्रा के लिए जुटे थे लोग
बादल चशोती में फटा जो मंदिर के मार्ग पर स्थित ऐसा अंतिम गांव है, जहां किसी वाहन से पहुंचा जा सकता है. चशोती में दोपहर 12 बजे से अपराह्न एक बजे के बीच उस समय बादल फटा जब बड़ी संख्या में लोग मचैल माता मंदिर की यात्रा के लिए एकत्र हुए थे. चशोती से मंदिर तक की 8.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू होती है.

घटनास्थल से घायलों को ले जाते लोग.
प्रशासन ने नियंत्रण कक्ष और सहायता डेस्क स्थापित किया
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने किश्तवाड़ के एक गांव में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ के बाद लोगों और तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए गुरुवार को एक नियंत्रण कक्ष एवं सहायता डेस्क स्थापित किया. अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 23 लोग मारे गए हैं और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. पद्दार में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो चशोती गांव से लगभग 15 किलोमीटर दूर है, जहां यह आपदा आई.
कंट्रोल रूम बना, हेल्पलाइन नंबर भी जारी
नियंत्रण कक्ष के लिए पांच अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है. लोग 9858223125, 6006701934, 9797504078, 8492886895, 8493801381, और 7006463710 पर संपर्क कर सकते हैं. इनके अलावा, जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 01995-259555 और 9484217492 हैं, तथा किश्तवाड़ के पुलिस नियंत्रण कक्ष का नंबर 9906154100 है.
देशभर में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. पहले हिमाचल के शिमला में बादल फटा और अब जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के चशोती इलाके में बादल फटने (Kishtwar Cloudburst) से बड़ी तबाही हुई है. इस आपदा में अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 30 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। यह हादसा मचैल माता यात्रा मार्ग पर हुआ, जिसके चलते यात्रा को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।. बादल फटने की यह घटना जिस जगह पर हुई, वहां लंगर चल रहा था. बादल फटते ही वहां पर पानी तेजी के साथ आया, जिसकी चपेट में वहां मौजूद लोग आ गए. हालांकि यह घटना कैसे हुई ये अब तक पता नहीं चल सका है.रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं.
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने वहां सभी बचाव दल पहुंच गए हैं. वे वहां काम कर रहे हैं और जो भी सहयोग और सहायता जरूरी है, वह सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. हम सभी एक दूसरे के साथ संपर्क में हैं अगर किसी मरीज़ को इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में भर्ती कराना पड़े तो उसकी भी व्यवस्था की जाएगी हेलीकॉप्टर के लिए मौसम अनुकूल नहीं हैं.
किश्तवाड़ आपदा में अब तक 20 लोगों की मौत
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चिशोती इलाके में गुरुवार सुबह हुए भीषण बादल फटने की घटना में अब तक 20 लोगों की मौत हो गई है। इस आपदा में 98 लोग रेस्क्यू किए गए हैं। हादसे में घायल हुए लोगों को अथोली उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाव कार्य जोर-शोर से चल रहे हैं, जिसमें स्थानीय पुलिस, SDRF, NDRF और सेना की टीमें शामिल हैं। भारतीय वायुसेना को भी घायलों को निकालने के लिए अलर्ट किया गया है।
स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है: PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर लिखा, ‘मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। बचाव और राहत कार्य जारी हैं। जरूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।’
NDRF की टीम भी मौके पर पहुंचने वाली है’
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में स्थित चिशोती इलाके में अचानक आई बाढ़ पर जम्मू के डिवीजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने कहा, ‘सुबह करीब 11.30 बजे हमें सूचना मिली कि किश्तवाड़ के चिशोती इलाके में बादल फटा है। एसआरडीएफ, स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया है। एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंचने वाली है। सेना, वायुसेना की टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है। खोज और बचाव अभियान जारी है।’
सेना और NDRF की टीम बचाव कार्य में जुटी
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हादसे पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि किश्तवाड़ में बादल फटने से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। सिविल, पुलिस, सेना, NDRF और SDRF अधिकारियों को बचाव एवं राहत अभियान को और तेज़ करने और प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
मचैल माता मंदिर की वार्षिक यात्रा स्थगित
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के बाद मचैल माता मंदिर की वार्षिक यात्रा स्थगित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि क्षति का आकलन किया जा रहा है और आवश्यक बचाव एवं चिकित्सा प्रबंधन व्यवस्था की जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष बोले- स्थिति पर रख रहे कड़ी नजर
विपक्ष के नेता सुनील कुमार शर्मा स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि मछैल माता यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक बिंदु, चशोती में अचानक आई बाढ़ एक दुखद घटना है। मैंने ज़िला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जाए और तीर्थयात्रियों और निवासियों को सभी आवश्यक सहायता मिले।
डीसी बोले- तेजी से चल रहा राहत बचाव कार्य
किश्तवाड़ के उपायुक्त (डीसी) पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि राहत बचाव कार्य जारी है। चशोती क्षेत्र में अचानक बाढ़ आ गई है। बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया है और एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें घटनास्थल पर तैनात हैं। हम नुकसान का आकलन करने और निवासियों व तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। ज़िला प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यात्रा मार्ग पर निर्धारित चिकित्सा केंद्रों पर पर्याप्त दवाइयां और डॉक्टर सहित चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हों।
बादल फटने से हो सकती है भारी जनहानिः केंद्रीय मंत्री
किश्तवाड़ के चिशोती इलाके में अचानक आई बाढ़ पर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मुझे जम्मू-कश्मीर के नेता प्रतिपक्ष और स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा का फोन आया कि उनके क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बादल फटा है। यह लोकप्रिय मचैल माता यात्रा का मार्ग भी है जो यहीं होती है। बादल फटने की घटना बहुत बड़े पैमाने पर हुई है, जिससे बड़ी संख्या में जनहानि हो सकती है। हमने तुरंत जिला अधिकारियों से संपर्क किया, जो भी हैरान थे, क्योंकि इसने सभी को हैरान कर दिया था। उन्होंने घटनास्थल की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है। बहुत जल्द हमें और जानकारी मिल जाएगी। हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। प्रशासन चिकित्सा उपचार के लिए हेली-रेस्क्यू की भी व्यवस्था करेगा।
मचैल माता मंदिर की यात्रा के लिए जुटे थे लोग
बादल चशोती में फटा जो मंदिर के मार्ग पर स्थित ऐसा अंतिम गांव है, जहां किसी वाहन से पहुंचा जा सकता है. चशोती में दोपहर 12 बजे से अपराह्न एक बजे के बीच उस समय बादल फटा जब बड़ी संख्या में लोग मचैल माता मंदिर की यात्रा के लिए एकत्र हुए थे. चशोती से मंदिर तक की 8.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू होती है.

घटनास्थल से घायलों को ले जाते लोग.
प्रशासन ने नियंत्रण कक्ष और सहायता डेस्क स्थापित किया
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने किश्तवाड़ के एक गांव में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ के बाद लोगों और तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए गुरुवार को एक नियंत्रण कक्ष एवं सहायता डेस्क स्थापित किया. अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 23 लोग मारे गए हैं और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. पद्दार में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो चशोती गांव से लगभग 15 किलोमीटर दूर है, जहां यह आपदा आई.
कंट्रोल रूम बना, हेल्पलाइन नंबर भी जारी
नियंत्रण कक्ष के लिए पांच अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है. लोग 9858223125, 6006701934, 9797504078, 8492886895, 8493801381, और 7006463710 पर संपर्क कर सकते हैं. इनके अलावा, जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 01995-259555 और 9484217492 हैं, तथा किश्तवाड़ के पुलिस नियंत्रण कक्ष का नंबर 9906154100 है.







