बिहार का 50 हजार का इनामी और कुख्यात बदमाश डबलू यादव उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. यह संयुक्त ऑपरेशन सिंभावली पुलिस, नोएडा एसटीएफ और बिहार पुलिस ने मिलकर अंजाम दिया. डबलू यादव बिहार में हम नेता की हत्या सहित मर्डर व डकैती के कई गंभीर मामलों में वांछित था.
मुठभेड़ स्थल से एक कार्बाइन, एक पिस्टल, एक तमंचा और कई कारतूस बरामद किए गए हैं. जानकारी के अनुसार, हापुड़ में भी कई व्यापारी डबलू यादव के निशाने पर थे. सिंभावली थाना क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ में, बिहार के बेगूसराय का निवासी कुख्यात गैंगस्टर डबलू यादव सीने में गोली लगने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान ढेर हो गया.
डब्लू यादव ने बेगूसराय के साहेबपुर कमाल प्रखंड के हम अध्यक्ष राकेश कुमार उर्फ विकास को अगवा कर मौत के घाट उतार दिया था।
यूपी STF को इनपुट मिला था कि डब्लू सिंभावली में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। रविवार रात ढाई बजे टीम ने बढ्ढा नहर पुल के पास घेराबंदी की।
बदमाश को सरेंडर करने के लिए कहा गया, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में वह गोली लगने से घायल हो गया। उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डब्लू यादव बिहार के बेगूसराय का रहने वाला था। इसने ही जीतनराम मांझी की पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष राकेश शाह के अपहरण के बाद हत्या की थी। 18 जुलाई को बिहार पुलिस ने डब्लू को भगोड़ा घोषित किया था।
एनकाउंटर स्पॉट की 3 तस्वीरें…



UP-बिहार पुलिस को डब्लू की थी तलाश
थाना प्रभारी सुमित कुमार ने बताया- ‘यूपी STF की नोएडा यूनिट और बिहार पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन में डब्लू यादव को ढेर किया। डब्लू की तलाश लंबे समय से की जा रही थी।’
‘उसका मारा जाना पुलिस की बड़ी सफलता है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। एनकाउंटर स्पॉट से पुलिस ने एक बाइक बरामद की है।’
बिहार पुलिस के अनुसार, इस मामले में मिले इनपुट के आधार पर 4 दिन पहले बिहार पुलिस की टीम यूपी पहुंची थी। यूपी एसटीएफ को साथ लेकर उसकी तलाश की जा रही थी। इसी दौरान रविवार रात करीब तीन बजे बिहार और यूपी एसटीएफ ने हापुड़ जिले के बड्डा नहर पुल के पास उसे घेर लिया। सरेंडर करने की बजाए डब्लू ने फायरिंग की। जबावी कार्रवाई में वो मारा गया।


बेगूसराय से किडनैपिंग, मुंगेर में मिली थी बॉडी
25 मई की देर शाम बेगूसराय के संदलपुर निवासी इंद्रदेव साह के बेटे राकेश कुमार उर्फ विकास का बेखौफ बदमाशों में घर से करीब 200 मीटर की दूरी से हथियार के बल पर अपहरण कर लिया था।
ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए उसे दियारा की ओर लेकर चले गए थे। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
29-30 मई की रात में मुंगेर जिले के लाल दरवाजा दियारा में गंगा नदी किनारे बालू में गड़ी उसकी लाश बरामद की गई थी।

डब्लू यादव पर 50 हजार का इनाम था
वारदात के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी डब्लू यादव का घर जेसीबी से तोड़ दिया था। उसकी सरपंच पत्नी सीता देवी को गिरफ्तार कर लिया था।
लेकिन डब्लू यादव लगातार फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के लिए 50000 का इनाम घोषित किया गया था। हम नेता से डब्लू यादव का पुराना विवाद
साल 2021 में पत्नी को सरपंच बनाया, लेकिन गांव-समाज में किसी वाद-विवाद में लोग पंचायती के लिए सरपंच सीता देवी या डब्लू यादव को नहीं बुलाते थे, राकेश से ही बात करते थे।
इसको लेकर पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था। 24 मई की शाम भी एक दुकान पर झगड़ा हो रहा था। विवाद होता देख राकेश वहां पहुंचा और दोनों पक्षों को शांत करने का प्रयास किया।
इस दौरान आरोपी डब्लू यादव ने राकेश को पकड़कर मारपीट शुरू कर दी और 30 से 40 राउंड फायरिंग की। इसके बाद राकेश को जबरन दियारा की ओर लेकर चला गया था।







