11 मई की रात पाकिस्तान की ओर से कोई हरकत नहीं की गई। सेना ने सोमवार सुबह कहा- बीती रात जम्मू-कश्मीर और इंटरनेशनल बॉर्डर पर पूरी तरह शांति रही। कोई भी घटना सामने नहीं आई। राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर के बॉर्डर से लगे इलाकों में 11 मई से हालात नॉर्मल हैं। बाजार खुलने लगे हैं और सामान्य गतिविधियां शुरू हो गई हैं।
भारत और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों के बीच DGMO स्तर की वार्ता पूरी हो गई है। सूत्रों ने बताया कि आज दोपहर होने वाली ये वार्ता शाम में हुई। भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच आज दोपहर के समय निर्धारित वार्ता शाम तक स्थगित होने की बात सामने आई है। आधिकारिक सूत्रों कहा, हॉटलाइन पर बातचीत पहले दोपहर 12 बजे होनी थी। हालांकि, बातचीत को कुछ घंटों के लिए टालने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है।
मिलिट्री सोर्स ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने 12 एयरबेस से ड्रोन लॉन्च किए थे। इससे पहले 10 मई की शाम 6:30 बजे तीनों सेनाओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें बताया गया था कि ऑपरेशन सिंदूर जिस वजह से लॉन्च किया गया, वो लक्ष्य हासिल कर लिया गया।
7 मई को ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत से अब तक पाकिस्तानी गोलाबारी में 5 आर्मी और 2 BSF के जवान शहीद हो चुके हैं, 60 घायल हैं। इसके अलावा 27 सिविलयंस की भी जान गई है।
दोपहर 2:30 बजे भारतीय DGMO की प्रेस ब्रीफिंग
आज दोपहर 12 बजे भारत और पाकिस्तान के DGMO सीजफायर को लेकर बातचीत करेंगे। इसके बाद भारत के DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई दोपहर 2:30 बजे प्रेस ब्रीफिंग करेंगे। इसमें एयरफोर्स और नेवी के अधिकारी भी शामिल होंगे।
‘सिर्फ मिलिट्री से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होगी’
DGMO की बातचीत से पहले भारतीय सेना ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि ये सिर्फ मिलिट्री बातचीत है। सेना ने साफ किया है कि बातचीत में मिलिट्री के अलावा सिंधु जल समझौता, न्यूक्लियर या किसी भी अन्य मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं होगी। सेना ने यह भी कहा है कि आतंकी हमले को युद्ध समझा जाएगा।
हर मंगलवार होती रही है DGMO की बातचीत
भारत और पाकिस्तान के बीच एक तय सैन्य प्रोटोकॉल के तहत हर मंगलवार को डीजीएमओ कार्यालयों के बीच हॉटलाइन पर बातचीत होती है. इस दौरान लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) की मौजूदा स्थिति पर चर्चा होती है. अगर किसी पक्ष की ओर से तय नियमों का उल्लंघन होता है, तो शिकायत भी इसी हॉटलाइन के माध्यम से दर्ज कराई जाती है. हाल के दिनों में दोनों देशों के डीजीएमओ कार्यालयों के बीच दो बार वार्ता हो चुकी है, जिनमें भारत ने पाकिस्तान की ओर से हो रही छोटे हथियारों की फायरिंग और सीजफायर उल्लंघन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था.
बार-बार सीजफायर तोड़ता रहा पाकिस्तान
इन हालातों के बीच आज की डीजीएमओ वार्ता को बेहद अहम माना जा रहा है. यह देखना होगा कि क्या इस बातचीत से सीमा पर शांति स्थापित करने की दिशा में कोई ठोस पहल हो पाती है या नहीं.







