पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को एक के बाद एक 5 बैठकें कीं. इसके बाद अब वो पीएमओ पहुंचे हैं. यहां वॉर रूम में बड़े अधिकारियों के साथ चर्चा कर सकते हैं. इससे पहले प्रधानमंत्री आज 3 घंटे में कुल 5 बैठकें कर चुके हैं. इसमें सीसीएस और सीसीपीए की बड़ी और अहम बैठक की अध्यक्षता की. इससे पहलेमंगलवार को तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठक की थी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक में पहलगाम आतंकी हमले के बाद की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई. ये बैठक प्रधानमंत्री के लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर हुई. माना जा रहा है कि बैठक का मकसद जम्मू-कश्मीर की मौजूदा सुरक्षा स्थिति का आकलन करना और देश की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा करना था. प्रधानमंत्री मोदी पहले ही सुरक्षाबलों ‘तरीका, लक्ष्य और समय’ तय करने की पूरी छूट दे चुके हैं.
बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सीडीएस जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद रहे.
कितना प्रचंड होगा भारत का प्रहार?
पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री ने दो टूक कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ कठोर और निर्णायक कार्रवाई भारत की राष्ट्रीय नीति का हिस्सा है. उन्होंने सुरक्षाबलों की क्षमताओं पर पूरा भरोसा जताते हुए उन्हें फैसला लेने की स्वतंत्रता दी है.
CCS की पहली बैठक में क्या हुआ था?
22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के अगले दिन 23 अप्रैल को CCS की मीटिंग हुई थी. इसमें पाकिस्तान को लेकर कई फैसले लिए गए थे. इस मीटिंग के बारे में विदेश मंत्रालय की ओर से बताया गया था कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को स्थगित कर दिया गया है. पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा को रद्द कर दिया गया है. साथ ही पाकिस्तान के राजनयिक संबंधों में कटौती भी की गई है.
सिंधु जल समझौते पर होगी बड़ी बैठक
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत बड़े एक्शन ले रहा है. इस कड़ी में आज रात8 बजे सिंधु जल समझौते के मुद्दे पर भी बैठक होगी.गृह मंत्री अमित शाह और जलशक्ति मंत्री के बीच होने वाली इस बैठक मेंदोनों मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.सिंधु जल समझौते पर रोक के भारत सरकार के फैसले के बाद ये दूसरी बड़ी बैठक होगी.
कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी यानी सीसीएस की बैठक पीएम मोदी की अध्यक्षता में संपन्न हो चुकी है. बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. इसमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत सेना के तीनों अंगों के चीफ भी शामिल हुए. बैठक में पहलगाम हमला और देश की सुरक्षा पर गहन चर्चा हुई. पाकिस्तान को माकूल जवाब देने की रणनीति पर भी विचार विमर्श किया गया. सुरक्षा मामलों की कमेटी की बैठक के बाद अब सीसीपीए यानी कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स की बैठक शुरू हो गई है. सीसीपीए इतनी पावरफुल होती है कि उसे सुपर कैबिनेट भी कहा जाात है.
इसमें गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद हैं। CCS की यह दूसरी मीटिंग हैं, पहली मीटिंग पहलगाम अटैक के अगले दिन 23 अप्रैल को हुई थी।
CCS की बैठक के तुरंत बाद कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट्री अफेयर्स की मीटिंग होगी। इस कमेटी को सुपर कैबिनेट भी कहा जाता है। इसके बाद आर्थिक मामलों की कमेटी और केंद्रीय कैबिनेट की बैठक होगी।
इससे पहले मंगलवार को PM मोदी ने PM ने तीनों सेना प्रमुख, NSA अजीत डोभाल, CDS अनिल चौहान के साथ डेढ़ घंटे हाई लेवल मीटिंग की। PM मोदी ने सेनाओं को फ्री-हैंड दे दिया और कहा कि सेना ही आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का तरीका, लक्ष्य और समय तय करे।
पाकिस्तान की ओर से भी लगातार बयानबाजी हो रही है। आईटी मिनिस्टर अताउल्लाह तारड़ ने मंगलवार देर रात कहा कि भारत अगले 24 से 36 घंटे में पाकिस्तान पर हमला कर सकता है। उन्होंने कहा- हमारे पास हमले की पुख्ता जानकारी है।
पहलगाम अटैके के बाद LoC पर पाकिस्तानी सेना ने लगातार छठी बार सीजफायर का उल्लंघन किया है। LoC पर बारामूला और कुपवाड़ा सेक्टर में फायरिंग की, जिसका भारत ने जवाब दिया।
पहलगाम की बैसरन घाटी में निर्दोष हिन्दू पर्यटकों की हत्या के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच का संबंध काफी तनावपूर्ण हो गया है. पीओके में पाकिस्तान ने जवानों का जमावड़ा लगाना शुरू कर दिया है. बर्बर नरसंहार के बाद भारत के गुस्से को देखते हुए पाकिस्तान में खलबली मची हुई है. पाकिस्तानी मंत्री खुलेआम यह कहते हुए पाए जा रहे हैं कि भारत हमला कर सकता है. शाहबाज शरीफ की सरकार अमेरिका और चीन जैसे देशों से हस्तक्षेप करने और तनाव को करने में मदद की अपील भी कर रहा है. दूसरी तरफ, भारत ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षाबलों को खुली छूट दे दी है. पहलगाम नरसंहार के बाद मोदी कैबिनेट की आज यानी 30 अप्रैल 2025 को अहम बैठक होने वाली है, जिसमें कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं. बुधवार को ही कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की भी अहम बैठक होने वाली है. इसमें मौजूदा हालात और आगे उठाए जाने वाले कदम को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं.
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत सरकार को समर्थन देने की बात दोहराई. उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान दुश्मनी चाहता है तो हम तैयार हैं. फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘हम लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूरा समर्थन देने की बात कही है, इसके बाद हमारे साथ कोई सवाल नहीं होना चाहिए. पीएम मोदी जो करना चाहें, वो करें.’ पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की तरफ से न्यूक्लियर हमले की धमकी देने के सवाल पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘हमारे पास भी न्यूक्लियर पावर है, उनसे पहले है. मुझे वाजपेयी की याद आती है. जब मैं पोखरण उनके साथ गया था, तो उन्होंने कहा था कि हम कभी भी इसका इस्तेमाल नहीं करेंगे. जब तक कोई और हम पर पहला हमला नहीं करेगा, हिंदुस्तान ने कभी भी पहले आक्रमण नहीं किया है. हमेशा वही से हुआ है और हमने उसका जवाब दिया है. आज भी हम इसका इस्तेमाल नहीं करेंगे, लेकिन अगर वे इसका इस्तेमाल करते हैं, तो हमारे पास भी यह है. भगवान करे कि ऐसी बात न आए.’
कांग्रेस की अपनी पार्टी के नेताओं को नसीहत
पहलगाम आतंकी हमले को लेकर हो रही बयानबाजी के बीच कांग्रेस ने अपने नेताओं को सर्कुलर जारी किया है. कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कहा है कि पार्टी लाइन से हटकर कोई भी बयान नहीं दें. आतंकी हमले को लेकर गहरी शोक संवेदना प्रकट करते हुए कांग्रेस ने अपने नेताओं को कहा कि वे केवल कांग्रेस कार्यसमिति की 24 अप्रैल को संपन्न हुई बैठक में पारित आधिकारिक प्रस्ताव के अनुरूप ही सार्वजनिक बयान दें. पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी आधिकारिक संदेश में कहा गया है कि यह समय एकता, परिपक्वता और जिम्मेदारी के साथ राष्ट्र के साथ खड़े होने का है. कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस कार्यसमिति प्रस्ताव ही इस संवेदनशील मुद्दे पर पार्टी की एकमात्र सार्वजनिक अभिव्यक्ति होगी.







