संसद में बजट सत्र के दूसरे फेज का आज 10वां दिन है। लोकसभा ने मंगलवार को 2025 का बजट पास कर दिया। बिल में 35 संशोधन किए गए हैं। अब बिल को राज्यसभा में चर्चा के लिए भेजा जाएगा। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। सांसद केंद्र पर पश्चिम बंगाल को मनरेगा के लिए मिलने वाला फंड रोकने का आरोप लगा रहे थे। इस दौरान TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कृषि मंत्री शिवराज चौहान को दलाल कहा।
बनर्जी ने कहा- शिवराज बंगालियों के खिलाफ हैं। वे गरीबों के लिए कुछ नहीं कर रहे। शिवराज अमीरों के दलाल हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश के गरीबों के लिए काम नहीं किया इसलिए सीएम पद से हटा दिए गए।
उधर कांग्रेस ने लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। पार्टी ने कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार पर गलत बयान देकर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।
लोकसभा ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर के प्रावधानों में संशोधन के लिए वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत संशोधनों को स्वीकार करते हुए वित्त विधेयक 2025 मंगलवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसके साथ ही 2025-26 के बजट को पारित करने की प्रक्रिया पर सदन की मोहर लग गई है। वित्त विधेयक को अब चर्चा तथा वापसी के लिए राज्यसभा में भेजा जाएगा जहां उस पर मात्र औपचारिक चर्चा की जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में वित्त विधेयक 2025 पर चर्चा का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत आयरकर दाताओं की सालाना 12 लाख रुपए की आय पूरी तरह से करमुक्त होगी और उससे थोड़ा अधिक आय पर कर का प्रभाव सीमित रहेगा।
उन्होंने गूगल और मेटा कंपनियों पर ऑनलाइन विज्ञापन की आय पर लगने वाले छह प्रतिशत की दर के इक्वालाइजेशन कर को हटाने का प्रस्ताव किया है। उन्होंने कहा कि 12 लाख से अधिक की थोड़ा अधिक आय पर लगने वाला कर बढ़ी हुई आय पर ही लगाया जाएगा और वह बढ़ी हुई आय तक ही सीमित होगा। उन्होंने उदाहरण दिया कि 12 लाख 10 हजार रुपए की आय होने पर आय के मामले में दस हजार तक की आय पर ही आयकर लगाया जाएगा। उन्होंने आयकर में छूट के बावजूद वसूली में एक लाख करोड़ रुपए की वृद्धि पर उठाए गए सवालों के जवाब में कहा कि हमारा अनुमान व्यवहारिक है और पिछले कुछ साल से आयकर वसूली में लगातार बढोतरी हो रही है। इस साल के बजट में 13.13 लाख करोड़ से अधिक की प्राप्ति का अनुमान है।
चालू वित्त वर्ष के बजट में व्यक्तिगत आयकर की प्राप्ति में करीब छह सात प्रतिशत की कमी का अनुमान लगाते हुए अगले वित्त वर्ष में प्रत्यक्षकर वसूली में 13 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, गूगल मैप जैसे डिजीटल सोशल मीडिया प्लेटफार्म के मैसेज को कर जांच के लिए साक्ष्य बनाए जाने के प्रस्ताव का बचाव करते हुए। उन्होंने कहा कि क्रिप्टो करंसी और संपत्तियों की बेहिसाब खरीद फरोख्त मामले व्हाट्सएप में पकडे गए हैं। इसमें गूगल मैप के रिकार्ड भी शामिल हैं इसीलिए ऐसी सूचनाओं को साक्ष्य के रूप में मान्यता दिए जाने का प्रस्ताव दिया गया है।
प्रस्तावित नए आयकर विधेयक में सरकार ने प्रत्यक्ष कर व्यवस्था के सरलीकरण और सुधार के महत्वपूर्ण प्रस्ताव किए हैं और उम्मीद है कि मानसून सत्र में इन पर सदन में चर्चा की जाएगी। यह विधेयक अभी संसद की प्रवर समिति के पास है और इसकी रिपोर्ट इस सत्र के दौरान ही मिलने की उम्मीद है। वित्त विधेयक 2025 करदाताओं को अभूतपूर्व कर राहत प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि अनुमानित आय पर कर (पीआईटी) संग्रह में उछाल आने का अनुमान है। उन्होंने 2025-26 के बजट में प्रत्यक्ष कर संग्रह के अनुमान व्यावहारिक हैं और इनमें करीब एक लाख करोड़ रुपए के छूट के प्रस्ताव को ध्यान में रखा गया है। यह कहना गलत है कि माल और सेवाकर (जीएसटी) प्रगतिशील कर नहीं है। उन्होंने कहा कि जीएसटी से पहले जीएसटी पर औसत दर 15 प्रतिशत थी जो घटकर औसतन 12.2 प्रतिशत पर आ गई है और 28 प्रतिशत की दर केवल सामान्य उपभोग की तीन प्रतिशत वस्तुओं पर ही लागू है। आम लोगों की सुविधा और उपभोग की वस्तुओं पर जीएसटी शून्य रखा गया है। जीसएटी पर जीएसटी परिषद फैसला लेती है जो संवैधानिक निकाय है। वही जीएसटी की दरों की संख्या तथा मात्रा को लेकर फसला करती है।
उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे के लंगर के सामान को जीएसटी से पूरी तरह से मुक्त रखा गया है। जीवन रक्षक दवाएं तथा उपकरणों को जीएसटी से पहले ही मुक्त किया जा चुका है। शिक्षण संस्थाओं को दी जाने वाली सुविधा में प्रवेश परीक्षा के लिए तथा परीक्षा आयोजित करने के लिए अध्यापकों तथा बच्चों की ट्रांसपोर्ट कर मुक्त है। मिड डे मील, उच्च संस्थानों के लिए जनरल तथा अन्य पाठ्य सामग्री को भी इसी श्रेणी में रखा गया है।
वेतन आयोग हमेशा कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए समान पेंशन मिलने का प्रावधान किया है। सरकारी कर्मचारियों की पेंशन संबंधी संशोधन छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार है जिसे 2008 में उस समय की सरकार ने स्वीकार किया था, लेकिन लागू नहीं कर पाई थी। उन्होंने इस संबंध में कांग्रेस के वेणुगोपाल के इस कथन को खारिज किया कि सरकार सदन को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि समान पेंशन का सिद्धांत का लागू करने में इसलिए देरी हुई क्योंकि बहुत से मामले अदालतों में लंबित है जिनका फैसला अब आ गया है।
सोमवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा- कांग्रेस ने बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान का अपमान किया है।
जवाब में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था- बाबासाहेब के संविधान को कोई नहीं बदल सकता। आरक्षण को कोई खत्म नहीं कर सकता। इसकी रक्षा के लिए हमने भारत जोड़ो यात्रा की। आप भारत तोड़ रहे हैं।
दरअसल, डिप्टी CM शिवकुमार ने 23 मार्च को कर्नाटक के एक कार्यक्रम में मुस्लिम आरक्षण के मुद्दे पर कहा था कि संविधान बदल देंगे।
24 मार्च: भाजपा ने मुस्लिम आरक्षण का मुद्दा उठाया। सपा सांसद पोस्टर लेकर सदन में आए। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने आपत्ति जताई। रिजिजू सदन पहुंचे और कर्नाटक के डिप्टी CM को बर्खास्त करने की मांग की। वहीं, मामला बढ़ने पर कर्नाटक के डिप्टी CM डीके शिवकुमार ने कहा, ‘मैंने संविधान बदलने की बात नहीं कही। ये लोग (BJP) गलत बातें फैला रहे हैं। हमारी राष्ट्रीय पार्टी है।’
21 मार्च: शाह ने कहा- पिछले 10 साल में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में बहुत कुछ बदला। आतंकवाद, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर में उग्रवाद नासूर बने थे। हमें पिछली सरकार ने इसे विरासत में दिया था। 2014 में हमारी सरकार बनी तो हमने तीनों मोर्चों पर मुकाबला किया। जम्मू कश्मीर में आतंकी घटनाओं से हुई मौतों में 70% कमी आई है।
20 मार्च: DMK सांसदों की टीशर्ट पर परिसीमन के विरोध में नारे लिखे थे। टीशर्ट पर लिखा था- तमिलनाडु लड़ेगा और जीतेगा। यह देखकर स्पीकर ओम बिरला नाराज हो गए। उन्होंने चेतावनी दी कि सांसद जब टीशर्ट बदलकर आएंगे तभी सदन चलेगा।
19 मार्च: बजट सत्र के छठे दिन गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने आतंकी घटनाओं पर केंद्र सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा- पहले आतंकवादियों का महिमामंडन किया जाता था, लेकिन मोदी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई है। मोदी सरकार में आतंकवादी घटनाओं में 71 प्रतिशत की कमी आई है और आतंकवादी अब या तो जेल जाएंगे या जहन्नुम जाएंगे।’
18 मार्च: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा- महाकुंभ पर सवाल उठाने वालों को जवाब मिला है। देश के कोने-कोने में आध्यात्मिक चेतना उभरी है। महाकुंभ में राष्ट्रीय चेतना के दर्शन हुए और महाकुंभ के उत्साह-उमंग को महसूस किया। देश की सामूहिक चेतना का नतीजा महाकुंभ के दौरान देखने को मिला। युवा पीढ़ी भी पूरे भाव से महाकुंभ से जुड़ी।
राहुल गांधी ने मोदी के महाकुंभ पर दिए वक्तव्य पर कहा- मैं प्रधानमंत्री की बात का समर्थन करना चाहता था। कुंभ हमारी परंपरा है, संस्कृति है, इतिहास है। एक शिकायत थी कि प्रधानमंत्री ने जिनकी मृत्यु हुई उन्हें श्रद्धांजलि नहीं दी।
17 मार्च: होली की छुट्टियों के बाद सोमवार को बजट सत्र के दूसरे फेज का चौथा दिन था। राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC), कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के 10 सांसदों ने पूरे दिन सदन की कार्यवाही रोककर डुप्लीकेट वोटर आईडी पर चर्चा की मांग की। उपसभापति हरिवंश के इनकार के बाद कांग्रेस और TMC ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया।
उधर लोकसभा में रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान महाराष्ट्र से कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने रेल मंत्री को घेरा। उन्होंने कहा कि दावा किया जाता है कि रेल बजट में अभूतपूर्व बदलाव किए गए, जबकि सच ये है कि फेल बजट है। मौजूदा सरकार नरेटिव बनाने की कोशिश करती है कि विकास के सभी काम 2014 के बाद हुए। जबकि तथ्य ये है कि पब्लिक सेक्टर की कंपनियां खराब स्थिति में हैं।
12 मार्च: भारत-पाक बॉर्डर पर एनर्जी प्रोजेक्ट का विरोध बजट सत्र के तीसरे दिन लोकसभा में देश की सुरक्षा का मुद्दा उठा। कांग्रेस और DMK ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट को मंजूरी दिए जाने पर आपत्ति जताई। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से देश की सुरक्षा को खतरा है। ये प्रोजेक्ट बॉर्डर से 1 किमी के दायरे में लगेंगे, जबकि बॉर्डर के 10 किमी तक के दायरे में किसी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता।
दरअसल, गुजरात सरकार ने भारत-पाक सीमा से 1 किमी के दायरे में एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए अडाणी ग्रुप को 25 हजार हेक्टेयर जमीन दी है। कांग्रेस सांसद ने सवाल किया कि क्या इस प्रोजेक्ट को कोई छूट दी गई थी। इस पर सरकार ने कहा कि केंद्र, राज्य और संबंधित एजेंसियों से मंजूरी मिलने के बाद किसी ही प्रस्ताव को मंजूरी और लाइसेंस दिए जाते हैं।
11 मार्च: खड़गे के ठोकेंगे बयान पर हंगामा, फिर माफी मांगी राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘ठोकेंगे’ वाले बयान पर हंगामा हुआ। दरअसल, डिप्टी चेयरमैन ने दिग्विजय सिंह को बोलने के लिए कहा, लेकिन खड़गे बीच में अपनी बात रखने लगे। इस पर डिप्टी चेयरमैन हरिवंश ने उन्हें टोका, कहा- आप सुबह बोल चुके हैं। इस पर खड़गे ने कहा- ‘ये क्या डिक्टेटरशिप है। मैं हाथ जोड़कर आपसे बोलने की अनुमति मांग रहा हूं।’
इस पर हरिवंश ने कहा- अभी दिग्विजय सिंह के बोलने का मौका है, इसलिए आप बैठ जाइए। इसके बाद खड़गे ने कहा- वो तो बोलेंगे ही, लेकिन आपको क्या-क्या ठोकना है हम ठीक से ठोकेंगे, सरकार को भी ठोकेंगे। जब हरिवंश ने खड़गे के बयान पर आपत्ति जताई तो उन्होंने कहा कि हम सरकार की नीतियों को ठोकने की बात कर रहे हैं।
इमिग्रेशन बिल पेश, बिना वैध पासपोर्ट भारत में एंट्री पर 5 साल जेल भारत आने वाले विदेशी नागरिकों की आवाजाही को व्यवस्थित बनाने के लिए लोकसभा में इमिग्रेशन और फॉरेनर्स बिल-2025 पेश किया।
इस बिल के मुताबिक, कोई व्यक्ति अगर गैर कानूनी तरीके से किसी विदेशी को देश में लाता, ठहराता या बसाता है, तो उसे 3 साल जेल या 2 से 5 लाख रुपए का जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं।
भारत में आने के लिए किसी भी विदेशी के पास ‘वैध पासपोर्ट और वीजा’ अनिवार्य होगा। विपक्ष ने लोकसभा में इस बिल का विरोध किया।
सत्र का पहला दिन हंगामे भरा रहा था। सदन शुरू होते ही लोकसभा में DMK सांसदों ने नई शिक्षा नीति (NEP) और ट्राय-लैंग्वेज को लेकर खूब हो-हल्ला किया। विवाद पर शिक्षा मंत्री ने कहा- DMK के लोग बेईमान हैं। वे तमिलनाडु के छात्रों के प्रति प्रतिबद्ध नहीं हैं। उनका एकमात्र काम भाषा की बाधाएं खड़ी करना है। वे राजनीति कर रहे हैं। वे अलोकतांत्रिक और असभ्य हैं।







