केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज बुधवार को देश में दूध का उत्पादन बढ़ाने पर राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत हजारों करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. साथ ही सरकार डेयरी विकास के लिए भी 3 हजार करोड़ का फंड देगी. इसके अलावा महाराष्ट्र में पगोटे से चौक को जोड़ने वाली जेएनपीए पोर्ट के लिए 4,500 करोड़ रुपये की लागत से 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड नेशनल हाईवे के निर्माण को मंजूरी दे दी है. साथ ही असम में यूरिया संयंत्र की स्थापना का रास्ता साफ कर दिया है.
4500 करोड़ रुपये के निवेश से बनेगा नेशनल हाईवे
इससे अलावा, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 4,500 करोड़ रुपये के निवेश से महाराष्ट्र में जेएनपीए बंदरगाह (पगोटे) को चौक से जोड़ने के लिए छह-लेन वाले 29.21 किलोमीटर लंबे द्रुतगामी राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण की मंजूरी दे दी। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस राजमार्ग परियोजना को 4,500.62 करोड़ रुपये की कुल लागत से ‘बनाओ, चलाओ, हस्तांतरित करो’ (बीओटी) पद्धति पर विकसित किया जाएगा।
भीम-यूपीआई ट्रांजैक्शन के लिए 1500 करोड़ रुपये की इंसेंटिव स्कीम को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने आज कम वैल्यू वाले भीम-यूपीआई ट्रांजैक्शन (पी2एम) को बढ़ावा देने के लिए 1500 करोड़ रुपये की इंसेंटिव स्कीम को मंजूरी दी। छोटे व्यापारियों की कैटेगरी से संबंधित 2000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन के लिए प्रति ट्रांजैक्शन वैल्यू पर 0.15% की दर से Incentive प्रदान किया जाएगा। कम वैल्यू वाले भीम-यूपीआई लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक 1,500 करोड़ रुपये के अनुमानित परिव्यय के साथ लागू की जाएगी।
यूरिया की उपलब्धता के लिए भी बड़ा फैसला
इसके अलावा, कैबिनेट ने ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीवीएफसीएल), नामरूप, असम के मौजूदा परिसर में एक नया ब्राउनफील्ड अमोनिया-यूरिया कॉम्प्लेक्स नामरूप IV फर्टिलाइजर प्लांट स्थापित करने को मंजूरी दी। इस परियोजना से उत्तर पूर्व क्षेत्र में यूरिया की उपलब्धता में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। इस प्लांट से असम, पश्चिम बंगाल और उत्तर पूर्व के राज्यों को भी लाभ होगा।







