पाकिस्तान में उग्रवादियों ने यात्री ट्रेन जाफर एक्सप्रेस पर हमला किया और ट्रेन को हाईजैक कर लिया। आतंकियों के हमले में छह पाकिस्तानी सैनिकों के भी मारे जाने की खबर है और ट्रेन का ड्राइवर घायल हो गया है। डॉन न्यूज ने सरकारी प्रवक्ता शाहिद रिंद के हवाले से बताया कि ट्रेन पर हमला बोलन जिले में क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस पर हुआ है। रेलवे नियंत्रक मुहम्मद काशिफ ने कहा कि नौ डिब्बों वाली इस ट्रेन जाफर एक्सप्रेस में करीब 500 यात्री सवार थे। ट्रेन में सवार सुरक्षा गार्डों ने जवाबी गोलीबारी की।
ट्रेंड और एक्सपर्ट से भरा है ZIRAB
बलूचिस्तान में जिस तरह से पाकिस्तानी सेना ने अपना गदर मचाया वो पूरी दुनिया के सामने है.अब जब बलूच विद्रोहियों ने गदर मचाना शिरू किया वो भी दुनिया के सामने आ गया. तकनीक के दौर में BLA ने भी अपने को अपग्रेड कर किसी देश की सेना के तौर पर ही अपना ही एक इंटेलिजेंस विंग बना लिया. BLA की तरफ से ZIRAB का आधिकारिक एलान के दौरान कहा गया था कि ZIRAB” (Zephyr Intelligence Research & Analysis Bureau) बलूच लिबरेशन आर्मी की एक संगठित और कॉरेडिनेटेड इंटेलिजेंस विंग है. जिसमें सैंकड़ों प्रोफेशनल, रिसर्चर, इंफ़ॉरमर, आईटी एक्सपर्ट, डेटा एनालिस्ट और इंवेस्टिगेटर शामिल हैं और बलूचिस्तान के सभी छोटे-बड़े शहरों में ZIRAB के सीक्रेट सेल स्थापित किए गए हैं. BLA के यह साइलेंट सोल्जर दुश्मन के सभी प्रतिष्ठानों में घुसपैठ करने में कामयाब रहे हैं.
इतनी सटीक इंटल बेस्ड ऑपरेशन होता है
पिछले साल 9 नवंबर को क्वेटा के रेलवे स्टेशन पर एक जबरदस्त आत्मघाती हमला हुआ था. निशाना पर थे पाकिस्तानी सेना. यह सैनिक इंफ़ैंट्री स्कूल से ट्रेनिंग कोर्स को पूरा कर के जाफर एक्सप्रेस से सफर करने वाले थे. 9 बजे ट्रेन आनी थी लेकिन उससे पहले ही एक बड़ा हमला हुआ और उस हमले में दो दर्जन से ज्यादा सैनिक मारे गए. इस हमले की ज़िम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली और मजीद ब्रिगेड के फिदायीन को क्रेडिट दिया और पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने का ग्राउंड ZIRAB (Zephyr intelligence research And analysis bureau) इंटेलिजेंस विंग ने तैयार की थी. इस विंग ने उस दिन को हमले के लिए चुना जिस वक्त 200 के करीब पाकिस्तानी सेना के जवान क्वेटा रेलवे स्टेशन पर मौजूद थे. इस विंग ने घटना को अंजाम देने के लिए पूरी रेकी की. उस इलाके में सेना के मूवमेंट पर नजर रखी गई थी. इंटर्नल और एक्सटर्नल सोर्स ये कंफर्म किया गया था. यहां तक की जो हमला 8 नवंबर को अंजाम दिया जाना था वह एक दिन डीले किया गया और 9 नवंबर को इसे अंजाम दिया. इस साल का वह सबसे बड़ा हमला था
लंबी फेहरिस्त है हमलों की
इसी साल जनवरी मे तुर्बत में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के काफिले को फिदायीन हमले से उड़ा दिया था. पाकिस्तानी सेना का काफिला जब तुरबत शहर से 8-10 किलोमीटर दूर बेहमान इलाके से गुजर रहा था. तभी BLA की मजीद ब्रिगेड का फिदायीन हमला हो जाता है इस हमले में पाकिस्तानी फ्रंटियर फोर्स के 47 सैनिक मारे गए. 30 से ज्यादा के घायल होने हो जाते हैं. इन दोनों बड़ी घटना के अलावा कराची में चीनी नागरिकों पर पिछले दिनों हुए फिदायीन हमले को अंजाम देने के लिए भी इंटेलिजेंस इसी विंग ने जुटाई थी. उन्हें इसकी पूरी जानकारी थी की चीनी इंजीनियर और इंवेस्टर कराची एयरपोर्ट से वापस लौट रहे है. इसके अलावा पिछले साल 6 नवंबर को बलूचिस्तान के नुष्की (Nushki) जिले में सुरक्षाबलों पर अटैक तो 4 नवंबर को क्वादरीबाद में हुए आतंकी हमले को भी को भी इसी ज़िरब विंग ने अंजाम दिया. इसी तरह के दर्जनों हमलों को इसी तरह से BLA अंजाम दे रहा है … और ये पिन प्वाइंट अटैक पाकिस्तानी सुरक्षाबलों और चीन के लिए खासा परेशानी भरा है
देखें पूरी टाइमलाइन
- जाफर एक्सप्रेस मंगलवार की सुबह 9 बजे क्वेटा से रवाना हुई थी।
- 9 कोच वाली जाफर एक्सप्रेस में 500 से ज्यादा यात्री और कर्मचारी सवार थे।
- दादर में पनैयूर रेलवे स्टेशन के पास जाफर एक्सप्रेस पर गोलीबारी की गई।
- आतंकियों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को सुरंग संख्या 8 में रोक लिया।
- ट्रेन के आसपास अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें ट्रेन का ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया और कई यात्री भी घायल हो गए।
- सुरक्षा बलों के घटनास्थल पर पहुंचने से हताहत होने की आशंका।
- सिबी अस्पताल में आपातकाल लागू।
- दुर्गम इलाके के कारण बचाव कार्य में देरी हुई। पाकिस्तान रेलवे ने राहत ट्रेन भेजी।
- रेलवे अधिकारियों का कहना है किसी से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
पिछले एक साल में बलूचिस्तान में कई आतंकी हमलेपिछले साल ही अक्टूबर में पाकिस्तान रेलवे ने डेढ़ महीने से ज़्यादा समय तक निलंबित रहने के बाद क्वेटा और पेशावर के बीच ट्रेन सेवाओं को बहाल करने की घोषणा की थी। बलूचिस्तान में पिछले एक साल में आतंकवादी हमलों में तेज़ी देखी गई है। नवंबर 2024 में क्वेटा रेलवे स्टेशन पर आत्मघाती विस्फोट में कम से कम 26 लोग मारे गए और 62 घायल हो गए। तेल और खनिज से समृद्ध बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे कम आबादी वाला प्रांत है। यह देश के जातीय बलूच अल्पसंख्यकों का केंद्र है, जिनके सदस्यों का कहना है कि उन्हें केंद्र सरकार द्वारा भेदभाव और शोषण का सामना करना पड़ता है।पाकिस्तानी सेना के 20 जवान मारे गए
BLA ने दावा किया कि 182 लोगों को पिछले 6 घंटे से बंधक बनाकर रखा गया है. ऑपरेशन में अब तक पाकिस्तानी सेना के 20 जवान मारे गए हैं.
महिलाओं, बच्चों और बलोच नागरिकों को छोड़ा गया
BLA ने दावा किया है कि महिलाओं, बच्चों और बलोच नागरिकों को आजाद कर दिया गया है. जबकि पाकिस्तानी सेना, पुलिस, ISI और ATF के जवानों समेत 182 लोगों को अभी भी बंधक बनाए रखा गया है. इतना ही नहीं बीएलए ने एक बार फिर धमकी दी है कि अगर सेना इस ऑपरेशन में हिस्सा लेती है तो सभी बंधकों को मार दिया जाएगा. इन मोतों के लिए पाकिस्तानी सेना जिम्मेदार होगी.
182 लोगों को बंधक, 11 जवान मारे गए
BLA ने दावा किया है कि जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक करने के बाद 182 लोगों को बंधक बनाया गया है. अब तक पाकिस्तानी सेना के 11 जवान मारे गए हैं. इतना ही नहीं बीएलए के लड़ाकों ने एक ड्रोन को भी मार गिराया है. अब तक पूरी तरह से ट्रेन पर बीएलए का कब्जा है.
अलग बलूचिस्तान की मांग कर रहा BLA
बलूचिस्तान में कई अलगाववादी ग्रुप एक्टिव हैं. इनमें बलोच लिब्ररेशन आर्मी भी है. यह अलगाववादी संगठन है, जो बलोचिस्तान की स्वतंत्रता की मांग कर रहा है. इस संगठन की स्थापना 2000 के आसपास हुई. बीएलए पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना और चीन के साथ चल रहे प्रोजेक्ट्स को लगातार निशाना बनाता रहा है.
पाकिस्तान ने इसे प्रतिबंधित संगठन घोषित किया है. इसके अलावा अमेरिका, यूके समेत कई पश्चिम देश भी इसे आतंकी संगठन घोषित कर रखा है. बीएलए की कमान अभी बशीर जेब के पास है.
कैसे हाईजैक हुई ट्रेन?
जाफर एक्सप्रेस सुबह करीब 9 बजे पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर जा रही थी. इसमें करीब 450 यात्री सवार थे. बलोच लड़ाकों ने ट्रेन को बलोन पास टनल के पास रोका. यहां पहले ट्रैक को उड़ाया. इसके बाद जब ट्रेन रुक गई तो लड़ाकों ने फायरिंग कर दी. BLA का दावा है कि इस दौरान पाकिस्तान के 6 सुरक्षाकर्मी भी मारे गए. इसके बाद ट्रेन को कब्जे में ले लिया और यात्रियों को बंधक बना लिया गया.
दोनों तरफ से फायरिंग जारी
बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की कोशिश की है, लेकिन BLA लड़ाके लगातार फायरिंग कर रहे हैं.भीषण संघर्ष के बाद पाकिस्तानी सैनिकों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा.
पाकिस्तान में उग्रवादियों ने यात्री ट्रेन जाफर एक्सप्रेस पर हमला किया और ट्रेन को हाईजैक कर लिया। आतंकियों के हमले में छह पाकिस्तानी सैनिकों के भी मारे जाने की खबर है और ट्रेन का ड्राइवर घायल हो गया है। डॉन न्यूज ने सरकारी प्रवक्ता शाहिद रिंद के हवाले से बताया कि ट्रेन पर हमला बोलन जिले में क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस पर हुआ है। रेलवे नियंत्रक मुहम्मद काशिफ ने कहा कि नौ डिब्बों वाली इस ट्रेन जाफर एक्सप्रेस में करीब 500 यात्री सवार थे। ट्रेन में सवार सुरक्षा गार्डों ने जवाबी गोलीबारी की।
ट्रेंड और एक्सपर्ट से भरा है ZIRAB
बलूचिस्तान में जिस तरह से पाकिस्तानी सेना ने अपना गदर मचाया वो पूरी दुनिया के सामने है.अब जब बलूच विद्रोहियों ने गदर मचाना शिरू किया वो भी दुनिया के सामने आ गया. तकनीक के दौर में BLA ने भी अपने को अपग्रेड कर किसी देश की सेना के तौर पर ही अपना ही एक इंटेलिजेंस विंग बना लिया. BLA की तरफ से ZIRAB का आधिकारिक एलान के दौरान कहा गया था कि ZIRAB” (Zephyr Intelligence Research & Analysis Bureau) बलूच लिबरेशन आर्मी की एक संगठित और कॉरेडिनेटेड इंटेलिजेंस विंग है. जिसमें सैंकड़ों प्रोफेशनल, रिसर्चर, इंफ़ॉरमर, आईटी एक्सपर्ट, डेटा एनालिस्ट और इंवेस्टिगेटर शामिल हैं और बलूचिस्तान के सभी छोटे-बड़े शहरों में ZIRAB के सीक्रेट सेल स्थापित किए गए हैं. BLA के यह साइलेंट सोल्जर दुश्मन के सभी प्रतिष्ठानों में घुसपैठ करने में कामयाब रहे हैं.
इतनी सटीक इंटल बेस्ड ऑपरेशन होता है
पिछले साल 9 नवंबर को क्वेटा के रेलवे स्टेशन पर एक जबरदस्त आत्मघाती हमला हुआ था. निशाना पर थे पाकिस्तानी सेना. यह सैनिक इंफ़ैंट्री स्कूल से ट्रेनिंग कोर्स को पूरा कर के जाफर एक्सप्रेस से सफर करने वाले थे. 9 बजे ट्रेन आनी थी लेकिन उससे पहले ही एक बड़ा हमला हुआ और उस हमले में दो दर्जन से ज्यादा सैनिक मारे गए. इस हमले की ज़िम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली और मजीद ब्रिगेड के फिदायीन को क्रेडिट दिया और पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने का ग्राउंड ZIRAB (Zephyr intelligence research And analysis bureau) इंटेलिजेंस विंग ने तैयार की थी. इस विंग ने उस दिन को हमले के लिए चुना जिस वक्त 200 के करीब पाकिस्तानी सेना के जवान क्वेटा रेलवे स्टेशन पर मौजूद थे. इस विंग ने घटना को अंजाम देने के लिए पूरी रेकी की. उस इलाके में सेना के मूवमेंट पर नजर रखी गई थी. इंटर्नल और एक्सटर्नल सोर्स ये कंफर्म किया गया था. यहां तक की जो हमला 8 नवंबर को अंजाम दिया जाना था वह एक दिन डीले किया गया और 9 नवंबर को इसे अंजाम दिया. इस साल का वह सबसे बड़ा हमला था
लंबी फेहरिस्त है हमलों की
इसी साल जनवरी मे तुर्बत में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के काफिले को फिदायीन हमले से उड़ा दिया था. पाकिस्तानी सेना का काफिला जब तुरबत शहर से 8-10 किलोमीटर दूर बेहमान इलाके से गुजर रहा था. तभी BLA की मजीद ब्रिगेड का फिदायीन हमला हो जाता है इस हमले में पाकिस्तानी फ्रंटियर फोर्स के 47 सैनिक मारे गए. 30 से ज्यादा के घायल होने हो जाते हैं. इन दोनों बड़ी घटना के अलावा कराची में चीनी नागरिकों पर पिछले दिनों हुए फिदायीन हमले को अंजाम देने के लिए भी इंटेलिजेंस इसी विंग ने जुटाई थी. उन्हें इसकी पूरी जानकारी थी की चीनी इंजीनियर और इंवेस्टर कराची एयरपोर्ट से वापस लौट रहे है. इसके अलावा पिछले साल 6 नवंबर को बलूचिस्तान के नुष्की (Nushki) जिले में सुरक्षाबलों पर अटैक तो 4 नवंबर को क्वादरीबाद में हुए आतंकी हमले को भी को भी इसी ज़िरब विंग ने अंजाम दिया. इसी तरह के दर्जनों हमलों को इसी तरह से BLA अंजाम दे रहा है … और ये पिन प्वाइंट अटैक पाकिस्तानी सुरक्षाबलों और चीन के लिए खासा परेशानी भरा है
देखें पूरी टाइमलाइन
- जाफर एक्सप्रेस मंगलवार की सुबह 9 बजे क्वेटा से रवाना हुई थी।
- 9 कोच वाली जाफर एक्सप्रेस में 500 से ज्यादा यात्री और कर्मचारी सवार थे।
- दादर में पनैयूर रेलवे स्टेशन के पास जाफर एक्सप्रेस पर गोलीबारी की गई।
- आतंकियों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को सुरंग संख्या 8 में रोक लिया।
- ट्रेन के आसपास अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें ट्रेन का ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया और कई यात्री भी घायल हो गए।
- सुरक्षा बलों के घटनास्थल पर पहुंचने से हताहत होने की आशंका।
- सिबी अस्पताल में आपातकाल लागू।
- दुर्गम इलाके के कारण बचाव कार्य में देरी हुई। पाकिस्तान रेलवे ने राहत ट्रेन भेजी।
- रेलवे अधिकारियों का कहना है किसी से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
पिछले एक साल में बलूचिस्तान में कई आतंकी हमलेपिछले साल ही अक्टूबर में पाकिस्तान रेलवे ने डेढ़ महीने से ज़्यादा समय तक निलंबित रहने के बाद क्वेटा और पेशावर के बीच ट्रेन सेवाओं को बहाल करने की घोषणा की थी। बलूचिस्तान में पिछले एक साल में आतंकवादी हमलों में तेज़ी देखी गई है। नवंबर 2024 में क्वेटा रेलवे स्टेशन पर आत्मघाती विस्फोट में कम से कम 26 लोग मारे गए और 62 घायल हो गए। तेल और खनिज से समृद्ध बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे कम आबादी वाला प्रांत है। यह देश के जातीय बलूच अल्पसंख्यकों का केंद्र है, जिनके सदस्यों का कहना है कि उन्हें केंद्र सरकार द्वारा भेदभाव और शोषण का सामना करना पड़ता है।पाकिस्तानी सेना के 20 जवान मारे गए
BLA ने दावा किया कि 182 लोगों को पिछले 6 घंटे से बंधक बनाकर रखा गया है. ऑपरेशन में अब तक पाकिस्तानी सेना के 20 जवान मारे गए हैं.
महिलाओं, बच्चों और बलोच नागरिकों को छोड़ा गया
BLA ने दावा किया है कि महिलाओं, बच्चों और बलोच नागरिकों को आजाद कर दिया गया है. जबकि पाकिस्तानी सेना, पुलिस, ISI और ATF के जवानों समेत 182 लोगों को अभी भी बंधक बनाए रखा गया है. इतना ही नहीं बीएलए ने एक बार फिर धमकी दी है कि अगर सेना इस ऑपरेशन में हिस्सा लेती है तो सभी बंधकों को मार दिया जाएगा. इन मोतों के लिए पाकिस्तानी सेना जिम्मेदार होगी.
182 लोगों को बंधक, 11 जवान मारे गए
BLA ने दावा किया है कि जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक करने के बाद 182 लोगों को बंधक बनाया गया है. अब तक पाकिस्तानी सेना के 11 जवान मारे गए हैं. इतना ही नहीं बीएलए के लड़ाकों ने एक ड्रोन को भी मार गिराया है. अब तक पूरी तरह से ट्रेन पर बीएलए का कब्जा है.
अलग बलूचिस्तान की मांग कर रहा BLA
बलूचिस्तान में कई अलगाववादी ग्रुप एक्टिव हैं. इनमें बलोच लिब्ररेशन आर्मी भी है. यह अलगाववादी संगठन है, जो बलोचिस्तान की स्वतंत्रता की मांग कर रहा है. इस संगठन की स्थापना 2000 के आसपास हुई. बीएलए पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना और चीन के साथ चल रहे प्रोजेक्ट्स को लगातार निशाना बनाता रहा है.
पाकिस्तान ने इसे प्रतिबंधित संगठन घोषित किया है. इसके अलावा अमेरिका, यूके समेत कई पश्चिम देश भी इसे आतंकी संगठन घोषित कर रखा है. बीएलए की कमान अभी बशीर जेब के पास है.
कैसे हाईजैक हुई ट्रेन?
जाफर एक्सप्रेस सुबह करीब 9 बजे पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर जा रही थी. इसमें करीब 450 यात्री सवार थे. बलोच लड़ाकों ने ट्रेन को बलोन पास टनल के पास रोका. यहां पहले ट्रैक को उड़ाया. इसके बाद जब ट्रेन रुक गई तो लड़ाकों ने फायरिंग कर दी. BLA का दावा है कि इस दौरान पाकिस्तान के 6 सुरक्षाकर्मी भी मारे गए. इसके बाद ट्रेन को कब्जे में ले लिया और यात्रियों को बंधक बना लिया गया.
दोनों तरफ से फायरिंग जारी
बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की कोशिश की है, लेकिन BLA लड़ाके लगातार फायरिंग कर रहे हैं.भीषण संघर्ष के बाद पाकिस्तानी सैनिकों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा.







