संसद के बजट सत्र के पहले चरण का आज आखिरी दिन है। राज्यसभा में BJP सांसद मेधा कुलकर्णी ने वक्फ बिल पर जेपीसी रिपोर्ट पेश की। विपक्ष ने इस पर हंगामा किया। संसद में लोकसभा की कार्यवाही पांच मिनट ही चल सकी। विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। जिससे कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- जेपीसी की यह रिपोर्ट फर्जी है। इसमें विपक्ष की असहमतियों को डिलीट कर दिया गया। ये असंवैधानिक है।
आप सांसद संजय सिंह ने कहा- हमने अपना पक्ष रखा। इससे सहमत या असहमत हो सकते हैं लेकिन कूड़ेदान में कैसे डाल सकते हैं।
JPC ने 30 जनवरी को ड्रॉफ्ट रिपोर्ट लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंप दी थी। यह रिपोर्ट 655 पन्नों की हैं। 16 सदस्यों ने इसके पक्ष में वोट डाला। वहीं 11 मेंबर्स ने विरोध किया। कमेटी में शामिल विपक्षी सांसदों ने इस बिल पर आपत्ति जताई।
जानिए रिपोर्ट पर सवाल कहां से और कैसे उठा…
2 फरवरी: कांग्रेस सांसद का दावा- रिपोर्ट से कुछ हिस्से डिलीट किए गए कर्नाटक से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सैयद नसीर हुसैन ने 2 फरवरी को सोशल मीडिया X पर अपना असहमति नोट और फाइनल रिपोर्ट के कुछ पेज शेयर किए थे। उन्होंने लिखा- वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर जेपीसी के सदस्य के रूप में मैंने विधेयक का विरोध करते हुए एक असहमति नोट प्रस्तुत किया था। चौंकाने वाली बात यह है कि मेरे असहमति नोट के कुछ हिस्सों को मेरी जानकारी के बिना एडिट किया गया है। JPC पहले ही तमाशा बनकर रह गई थी, लेकिन अब वे और भी नीचे गिर गए हैं।
नड्डा बोले- कुछ लोग देश तोड़ने की साजिश कर रहे
भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष का मकसद चर्चा करना नहीं, अपने पॉइंट रखना था। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि कुछ भी डिलीट नहीं किया। जबकि जेपीसी अध्यक्ष को डिलीट करने का अधिकार है। ये तुष्टिकरण की राजनीति है। कुछ लोग देश को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं। कुछ लोग देश के खिलाफ लड़ रहे हैं। कुछ लोग देश को तोड़ने का काम कर रहे हैं, कांग्रेस और कुछ पार्टियां उनका समर्थन करती हैं।
किरेन रिजिजू बोले- मैंने जेपीसी चेयरमैन से बात की, रिपोर्ट से कुछ नहीं हटाया गया
अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- जेपीसी रिपोर्ट जब टेबल हुआ, कुछ सदस्यों ने कहा कि इसमें कुछ हिस्सा हटाया गया। मैं बाहर गया और जेपीसी चेयरमैन सर से बात की। उनसे कंफर्म किया, नियम के मुताबिक, जेपीसी रिपोर्ट को बिना कुछ काट छांट के टेबल किया गया। आज ये हंगामा क्यों कर रहे हैं। ये किस आधार पर आरोप लगा रहे हैं।
AAP सांसद संजय सिंह बोले- राय पर असहमति ठीक लेकिन कूड़ेदान में क्यों फेंका
जेपीसी रिपोट पर राज्यसभा में आप सांसद संजय सिंह ने कहा- हमने अपना पक्ष रखा। इससे सहमत या असहमत हो सकते हैं लेकिन कूड़ेदान में कैसे डाल सकते हैं। आज वक्फ की संपत्ति पर कब्जा कर रहे हैं। कल गुरुद्वारे की करेंगे, फिर मंदिर की करेंगे।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- आपने जो सलाह दी, हम उसे मानते हैं। यही तरीका उधर वाले मान लें तो सही है। हमारा एक ही विषय है। जेपीसी की जो रिपोर्ट है उसमें कई सदस्यों ने आपत्ति जताई उनके डिसेंट नोट को बाहर निकालना गलत है। संसदीय प्रक्रिया में ऐसा नहीं चलता है। हमारे लिए ये रिपोर्ट फर्जी है। यह असंवैधानिक है। इस रिपोर्ट को फिर से पेश कीजिए।







