आज से तीन साल पहले जब अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन हुआ तो एक पाकिस्तान ही था जो फूला नहीं समा रहा था. तालिबान के सत्ता में आते ही सबसे पहले उसने जिसे निशाना बनाया वो पाकिस्तान ही था. टीटीपी यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान एक बार फिर एक्टिव हो गया और शाहबाज शरीफ के देश में जमकर खूनी खेल खेलने लगा. जवाब में पाकिस्तान ने भी अफगानिस्तान पर ठीक उसी स्तर पर सर्जिकल स्ट्राइक की जैसी कभी भारत ने पाकिस्तान में घुसकर की थी. भारत के हाथों पहले ही मात खा चुके पाकिस्तान ने जब यही तरीका अफगानिस्तान पर अपनाया तो तालिबान ने उनकी बैंड ही बजा दी.
हाल ही में अफगानिस्तान में घुसकर पाकिस्तान ने टीटीपी यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान गुट पर प्रहार के नाम पर बड़ी स्ट्राइक की. अब तालिबान फोर्स की तरफ से जवाबी हमला कर पाकिस्तान को तगड़ा नुकसान पहुंचाया गया. तालिबान की तरफ से खुल्लम-खुल्ला हमले की जिम्मेदारी भी ली गई है. तालिबान रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि पिछले सप्ताह घातक हवाई हमलों का बदला उसकी फोर्स ने ले लिया है. पाकिस्तान के अंदर घुसकर कई ठिकानों पर हमला किया गया है.
तालिबान ने लिया बदला
पाकिस्तान की तरफ से पिछले मंगलवार को अफगानिस्तान के पूर्वी पक्तिका प्रोवेंस में एक ट्रेनिंग सेंटर को नष्ट करने का दावा किया था. पाकिस्तान आर्मी का कहना था कि वो टीटीपी पर एक्शन ले रहे हैं ताकि पाकिस्तान के अंदर आतंकी गतिविधियों को रोका जा सके. इसपर तालिबान की तरफ से कहा गया कि इन हमलों में दर्जनों महिलाएं और बच्चे मारे गए थे. अब शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तालिबान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने पाकिस्तानी ठिकानों को निशाना बनाया है. कहा गया कि इन ठिकानों से ही अफगानिस्तान पर हमलों को किया गया था.
19 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए
अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्लाह ख़्वारज़ामी ने हमलों के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी. यह नहीं बताया गया कि कब, कैसे और कहां इन हमलों को अंजाम दिया गया है. तालिबान समर्थक मीडिया आउटलेट हुर्रियत डेली न्यूज ने मंत्रालय के सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि हमलों में 19 पाकिस्तानी सैनिक और तीन अफगान नागरिक मारे गए.







