पटना में BPSC अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है। आज अभ्यर्थियों का भारी हुजूम गर्दनीबाग धरनास्थल पर उमड़ी है। छात्रों के मार्च को रोकने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर रखी है। प्रशांत किशोर के नेतृत्व में अभ्यर्थी आज बीपीएससी कार्यालय का घेराव करने वाले हैं। इसे लेकर भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गयी है। उधर छात्रों के आंदोलन और मार्च पर जनसुराज पार्टी के संरक्षक प्रशांत किशोर ने कहा कि जब भी छात्र मार्च पर निकलेंगे हम उनके साथ चलेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात को सरकार के सामने रखेंगे। जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने BPSC छात्रों के साथ मार्च पर निकलने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शेखपुरा हाउस में मीडिया को बताया कि बिहार में हर दूसरे दिन लाठी चल रही। सरकार को कैसे पता नहीं चल रहा है। अगर ऐसा है तो अब से हम उनके साथ खड़े है। देखते है वह लाठी कैसे चलाते हैं।
BPSC परीक्षा में अनियमितता का आरोप लगाते हुये पूरी परीक्षा को कैंसिल कराने को लेकर बीपीएससी अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर खान सर फिर अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम लोगों को अब आयोग पर भरोसा नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर पूरा भरोसा जरुर है। इसलिए जिस तरह उन्होंने बिहार पुलिस में हमारी मांग सुनी थी, उसी तरह वह नॉर्मलाइजेशन भी खत्म करेंगे। खान सर ने कहा जब तक नॉर्मलाइजेशन खत्म नहीं होगा, तब तक हमलोग कहीं नहीं जाएंगे। खान सर ने कहा कि बस एक बार बीपीएससी के अध्यक्ष बोल दें कि नॉर्मलाइजेशन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमारी बस अब यही मांग है कि एक एग्जाम, एक पेपर, एक शिफ्ट हो। इसको पूरा करने के बाद हम वापस लौटेंगे। खान सर ने आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीपीएससी सिर्फ झूठ बोलती है। उन्होंने कहा कि बीपीएससी के अध्यक्ष ने मुझे कहा था कि 15 तारीख को विद्यार्थियों से बात करेंगे, लेकिन उन्होंने बात नहीं किया। उन्होंने कहा कि आखिर बीपीएससी के अध्यक्ष ने विद्यार्थियों से बात क्यों नहीं की।
उधर बीपीएससी अभ्यर्थियों को भड़काने के आरोप में लाठीचार्ज के बाद सचिवालय थाना पुलिस के हत्थे चढ़े शिक्षक रोहित प्रियदर्शी को कोर्ट में पेश कर गुरुवार को जेल भेज दिया गया। वह स्वयं भी बीपीएससी अभ्यर्थी हैं। उसके अलावा एक और शिक्षक पर नामजद एवं ढाई सौ अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी की गई है। कई कोचिंग संचालक भी पुलिस के रडार पर हैं। गर्दनीबाग थानेदार संजीव कुमार ने उनकी सूची तैयार कर वरीय पदाधिकारियों को सौंप दी है। उन कोचिंग संचालकों पर निगरानी रखी जा रही है। सचिवालय डीएसपी डॉ. अनु कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि अन्य आरोपितों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
उड़ा दी फर्जी सूचना
बीपीएससी अभ्यर्थियों द्वारा एनआइटी मोड़ पर धरना-प्रदर्शन किए जाने की सूचना पर पुलिस गुरुवार की सुबह से ही चौकस थी। कहा जा रहा था कि अभ्यर्थियों का झुंड गंगा घाट घूमने के बहाने जुटने वाला है और मोड़ पर धरना दिया जाएगा। हालांकि, शाम तक यह सूचना अफवाह साबित हुई। बावजूद इसके पुलिस ने अशोक राजपथ इलाके में चौकसी बढ़ा दी है। अधिसंख्य कोचिंग संस्थानों का संचालन इसी इलाके और आसपास के मोहल्ले में हो रहा है, जिन पर पुलिस की पैनी नजर है।
मोबाइल नंबरों से होगी पहचान
अभ्यर्थियों को भड़काने के आरोपितों के मोबाइल नंबर भी पुलिस को मिले हैं। सचिवालय थाने में दर्ज प्राथमिकी के तहत उन संदिग्ध मोबाइल नंबरों के धारकों की पहचान की जा रही है। गर्दनीबाग धरनास्थल पर आने-जाने वाले लोगों की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। सीसीटीवी कैमरों से भी प्रदर्शनकारियों की निगरानी करने की व्यवस्था की जा रही है।
पीके ने धरनास्थल पर जाकर छात्रों से की मुलाकात
जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने गुरुवार की देर शाम गर्दनीबाग स्थित धरनास्थल पर जाकर बीपीएससी अभ्यर्थियों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों के बीच घोषणा की कि वे शुक्रवार दोपहर एक बजे छात्रों के साथ मार्च करेंगे, जिसमें वे सबसे आगे रहेंगे। पीके ने बीपीएससी (बिहार लोक सेवा आयोग) छात्रों को भरोसा दिलाया कि अब कोई उन पर लाठीचार्ज नहीं करेगा और अगर ऐसा हुआ तो सरकार गिर जाएगी। अगर पुलिस ने फिर से छात्रों पर लाठीचार्ज किया तो सबसे पहले वे ही लाठी खाएंगे। उल्लेखनीय है कि बीपीएससी की 70वीं बैच की परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाकर रद करने की मांग कर रहे हैं।
छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ हमलावर हुए राहुल-प्रियंका
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा रद करने की मांग को लेकर आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा हर विपक्षी दल कर रहा है। विपक्ष के कई नेताओं ने आंदोलन करने वाले छात्रों से मुलाकात भी की है।
इसी कड़ी में राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और संसद सदस्य प्रियंका गांधी भी बीपीएससी छात्रों के समर्थन में खड़ी हो गई हैं। दोनों नेताओं ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट डालकर बिहार में हुई इस घटना की निंदा की है।
छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्होंने संसद में कहा था कि जिस तरह एकलव्य का अंगूठा कटवाया गया था, उसी तरह पेपर लीक करवाकर युवाओं का अंगूठा काटा जाता है। इसका ताजा उदाहरण बिहार है। बीपीएससी अभ्यर्थी पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, परीक्षा रद करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन एनडीए की की सरकार अपनी नाकामी को छुपाने के लिए उल्टा छात्रों पर ही लाठीचार्ज करवा रही है। राहुल गांधी ने घटना को शर्मनाक और निंदनीय बताते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम उनके साथ हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए लड़ेंगे।
प्रियंका गांधी ने कहा- क्रूरता की पराकाष्ठा
प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि हाथ जोड़ रहे युवाओं पर इस तरह लाठी चलाना क्रूरता की पराकाष्ठा है। भाजपा राज में रोजगार मांगने वाले युवाओं को लाठियों से पीटा जाता है। यूपी हो, बिहार हो या मध्य प्रदेश युवा अगर अपनी आवाज उठाते हैं तो उनके साथ बर्बरता की जाती है। दुनिया के सबसे युवा देश के नौजवानों का भविष्य क्या होगा, यह सोचना और उसके लिए नीतियां बनाना सरकारों का काम है। प्रियंका ने कहा कि भाजपा के पास सिर्फ कुर्सी बचाने का विजन है। जो मांगेगा रोजगार, उस पर होगा
बीपीएससी अभ्यर्थियों के समर्थन में पूरा विपक्ष
बता दें कि बीपीएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के बाद बिहार सियासी हलचल तेज हो गई है. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से लेकर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद तक परीक्षा रद्द करवाने की मांग पर बीपीएससी अभ्यर्थियों को अपना समर्थन दे चुके हैं. अब जन सुराज संयोजक प्रशांत किशोर भी आज बीपीएससी अभ्यर्थियों से मिलने धरनास्थल पहुंच गए और बीपीएससी कार्यालय के घेराव की बात कही.







