किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक और करोड़ों का गबन कर देश से भागे विजय माल्या ने सरकारी जांच एजेंसियों को निशाने पर लिया है. विजय माल्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल ने किंगफिशर एयरलाइंस का लोन 6203 करोड़ रुपये आंका, जिसमें ब्याज की रकम 1200 करोड़ रुपये भी शामिल है. फाइनेंस मिनिस्टर ने संसद में ऐलान किया कि ईडी के जरिए बैंकों ने 6203 रुपये के बदले 14131 करोड़ रुपये की रिकवरी की गई, और अब भी मैं एक आर्थिक अपराधी हूं.”
विजय माल्या ने कहा कि जब तक ईडी और बैंक कानूनी रूप से यह साबित नहीं कर सकते हैं कि उन्होंने दोगुने से ज्यादा लोन कैसे रिकवर किया है, तब तक मैं राहत का हकदार हूं, जिसके लिए मैं कोशिश करूंगा.
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ललित मोदी से कहा ‘शुक्रिया मेरे दोस्त’
विजय माल्या यहीं नहीं रुके उन्होंने ललित मोदी को टैग करते हुए लिखा, “धन्यवाद मेरे सबसे प्यारे दोस्त…जिस देश में हमने योगदान देने की कोशिश की, वहां हम दोनों के साथ अन्याय हुआ है.” दरअसल, ललित मोदी पर भी घोटाले के आरोप हैं और वे भी भारत छोड़कर ब्रिटेन में रह रहे हैं.
बैंक कर रहे हैं वसूली
बैंकों को चूना लगाकर और देश छोड़कर भागे विजय माल्या से लोन की वसूली के लिए भारत में उनकी संपत्तियों को लगातार नीलाम किया जा रहा है. इससे बैकों को उनका खोया हुआ पैसा वापस मिल रहा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) भगोड़े कारोबारियों की अब तक 22,280 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर चुका है. इसमें विजय माल्या की संपत्तियों की बेचकर बैंकों को 14,000 करोड़ रुपया लौटाया जा चुका है.
क्या होती है ‘शत्रु संपत्ति’? जानिए
क्या होती है ‘शत्रु संपत्ति’? जानिएआगे देखें…
विजय माल्या का मामला भारत में एक आर्थिक अपराध से जुड़ा हुआ है. विजय माल्या पर बैंकों से 9,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है. यह किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा लिए गए लोन से संबंधित है. विजय माल्या मार्च 2016 में ब्रिटेन भाग गया, और इसके बाद से वह भारतीय अदालतों के सामने पेश नहीं हुआ है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विजय माल्या से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विभिन्न बैंकों को 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां वापस लौटाई हैं.







