महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग से ठीक पहले नालासोपारा में मंगलवार को राजनीतिक उथल-पुथल मच गई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े पर वोट के बदले पैसे बांटने का आरोप लगा। यह आरोप बहुजन विकास अघाड़ी (VBA) के कार्यकर्ताओं ने लगाया। कार्यकर्ताओं ने उस होटल के बाहर हंगामा किया जहां तावड़े एक बैठक कर रहे थे। बीवीए विधायक क्षितिज ठाकुर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बीजेपी पर पैसे बांटने का आरोप लगाया और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने होटल की तलाशी ली और 9.93 लाख रुपये नकद और कुछ दस्तावेज बरामद किए। चुनाव आयोग ने वीबीए की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए तावड़े के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। तावड़े ने आरोपों से इनकार किया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। बीजेपी ने आरोपों को निराधार बताते हुए इसे विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की हताशा भरी चाल बताया है।
विवांता होटल ठाकुरों का है, मैं मूर्ख नहीं हूं जो…
भारतीय जनता पार्टी के महासचिव विनोद तावड़े ने बुधवार को मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पैसे बांटने के आरोपों को एक बार फिर खारिज किया है। तावड़े ने कहा कि वह नियमों से अच्छी तरह वाकिफ हैं और मूर्ख नहीं हैं कि राजनीतिक विरोधियों के होटल में इस तरह का काम करेंगे। विधानसभा चुनाव से कुछ घंटे पहले, बहुजन विकास अघाड़ी के नेता हितेंद्र ठाकुर ने मंगलवार को तावड़े पर वोटरों को लुभाने के लिए मुंबई से 60 किलोमीटर दूर विरार के एक होटल में 5 करोड़ रुपये बांटने का आरोप लगाया।
‘मैं 40 वर्षों से राजनीति में हूं’
BVA नेताओं के 5 करोड़ रुपये नकद बांटे जाने के दावों के बीच, एक चुनाव अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि होटल के कमरों से 9.93 लाख रुपये कैश बरामद किए गए हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने आरोप से इनकार करते हुए कहा कि वह केवल पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रक्रियाओं पर मार्गदर्शन दे रहे थे। तावड़े ने कहा,‘विवांता होटल (पालघर के विरार में) ठाकुरों का है। मैं मूर्ख नहीं हूं कि उनके होटल में जाऊं और वहां पैसे बांटूं।’ बीजेपी नेता ने कहा कि वह 40 वर्षों से राजनीति में हैं और नियम-कायदों, खासकर चुनाव से पहले की ‘मौन अवधि’ से वाकिफ हैं।
‘मैं प्रचार नहीं कर रहा था’
तावड़े ने कहा, ‘मैं पार्टी कार्यकर्ताओं से अनौपचारिक बातचीत कर रहा था। मैं प्रचार नहीं कर रहा था।’ उन्होंने कहा कि वह केवल पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदान प्रक्रियाओं के बारे में चर्चा कर रहे थे। विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी के नेताओं ने चुनाव आयोग से मामले की व्यापक जांच की मांग की है। तावड़े ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि राष्ट्रीय नेता इस मुद्दे में शामिल हो गए हैं। तावड़े ने दोहराया कि उनके पास से कोई रकम बरामद नहीं हुई है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, ‘राहुल गांधी और सुप्रिया सुले ने जो 5 करोड़ रुपये देखे हैं, कृपया उन्हें मुझे भेज दें। वे इसे मेरे बैंक अकाउंट में जमा करा सकते हैं।’
यह घटना ऐसे समय हुई है जब महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में है। चुनाव प्रचार सोमवार को समाप्त हो गया और बुधवार 20 नवंबर को मतदान होना है। मतगणना 23 नवंबर को होगी। वीबीए विधायक क्षितिज ठाकुर ने आरोप लगाया कि तावड़े मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए 5 करोड़ रुपये लेकर विरार आए थे। ठाकुर ने कहा कि मुझे कुछ बीजेपी नेताओं ने बताया कि बीजेपी महासचिव विनोद तावड़े मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए 5 करोड़ रुपये बांटने विरार आ रहे हैं। मुझे लगा कि उनके जैसा राष्ट्रीय नेता इतना छोटा काम नहीं करेगा। लेकिन मैंने उन्हें यहां देखा। मैं चुनाव आयोग से उनके और बीजेपी के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं।
होटल की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग बंद
ठाकुर ने आरोप लगाया कि तावड़े जिस होटल में रुके थे। उसने सीसीटीवी रिकॉर्डिंग बंद कर दी थी। उन्होंने कहा कि होटल प्रशासन तावड़े और बीजेपी के साथ मिला हुआ लगता है। हमारे अनुरोध के बाद ही उन्होंने अपना सीसीटीवी चालू किया। तावड़े मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पैसे बांट रहे थे। इस घटना का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें तावड़े और वीबीए नेताओं के बीच बहस होती दिख रही है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि बीजेपी की पोल खुल गई है। ठाकुर ने वही किया है जो चुनाव आयोग को करना चाहिए था। चुनाव आयोग के अधिकारी हमारे बैग की तलाशी लेते हैं और हमारी जांच करते हैं, फिर भी बीजेपी के इन व्यक्तियों की ऐसी कोई जांच नहीं होती है। राउत ने आगे कहा कि बीजेपी चाहे जितना भी छिपाने की कोशिश करे। नालासोपारा-विरार में जो हुआ वह कैमरे के सामने हुआ। उन्होंने तावड़े के पास भारी मात्रा में नकदी होने की बात का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि उनके पास 18 लोगों के नाम हैं जो पुलिस सुरक्षा के साथ पैसे बांटते हैं।
‘विनोद तावड़े को पीएचडी मिलनी चाहिए’
उन्होंने तावड़े के पकड़े जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए दावा किया कि राज्य के गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित बीजेपी के प्रमुख नेता उनकी गतिविधियों से अवगत थे। राउत ने कहा कि अगर चुनाव आयोग निष्पक्ष होता तो उसके अधिकारी छापेमारी करते। वीबीए नेता हितेंद्र ठाकुर ने आरोप लगाया कि तावड़े ने पालघर जिले में मतदाताओं को पैसे बांटे। शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकुर ने कहा कि विनोद तावड़े को पीएचडी मिलनी चाहिए। उनकी (व्यंग्यात्मक रूप से) प्रशंसा की जा रही है कि उन्होंने कुछ राज्यों में सरकारें गिराईं और कुछ राज्यों में बीजेपी की सरकारें बनाईं। असली वजह क्या है? यह बीजेपी का नोट जिहाद है। यह पैसा बांटकर जीतने जैसा है। अब हमें देखना होगा कि चुनाव आयोग क्या करता है? मामला दर्ज करके इसे खत्म नहीं किया जाना चाहिए, कार्रवाई होनी चाहिए।
ठाकरे ने तावड़े के खिलाफ केंद्रीय चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सबूतों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। वरना महाराष्ट्र खुद कार्रवाई करेगा। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि एक वीडियो में भगवा रंग की पोशाक पहने हुए व्यक्ति बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े हैं। इनके पास से बड़ी मात्रा में पैसा बरामद होने की खबर है। वह विरार पूर्व इलाके में 5 करोड़ रुपये नकद से भरे एक काले बैग और 15 करोड़ रुपये के विवरण वाली एक डायरी के साथ पकड़े गए थे।
उधर, चुनाव आयोग के अधिकारियों ने विरार के उस होटल में छापेमारी की जहां तावड़े बैठक कर रहे थे। इस पर शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनमें भारी मात्रा में नकदी दिखाई दे रही है, जो संभवतः 5 करोड़ रुपये है। घटनास्थल से मिली एक डायरी में उन लोगों के नाम दर्ज हैं जिन्हें पैसे मिले थे। यह वोट खरीदने का घिनौना प्रयास है। निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
चतुर्वेदी ने आगे आरोप लगाया कि गुजरात और दिल्ली से ट्रकों में भरकर पैसे महाराष्ट्र में बिना रोक-टोक के प्रवेश कराए गए। यह छापेमारी चुनाव आयोग ने नहीं बल्कि जनता और एक प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार ने की। बीजेपी लोकतांत्रिक सिद्धांतों को कमजोर करते हुए पैसे के दम पर चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है। एनसीपी शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले ने हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि इतनी बड़ी पार्टी का राष्ट्रीय नेता पैसे बांट रहा है। यह किसी भी लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक है। अगर लोग पैसे बांटकर चुनाव जीतना चाहते हैं तो हमारे जैसे लोगों को क्या करना चाहिए? क्या इस देश में नैतिकता है या नहीं? मैं इस कृत्य की सार्वजनिक रूप से निंदा करती हूं और इसकी जांच होनी चाहिए।
एनसीपी (एसपी) प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में जब भी पैसे बरामद होते हैं तो उसका संबंध अक्सर बीजेपी से जुड़ा होता है। अगर यह साबित हो जाता है तो विनोद तावड़े और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। यह न केवल चुनाव मानदंडों का उल्लंघन है बल्कि लोकतंत्र का मज़ाक उड़ाना है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने बीजेपी पर सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने और आगामी विधानसभा चुनावों में हार के डर से वोट खरीदने के लिए पैसे बांटने जैसे भ्रष्ट आचरण में शामिल होने का आरोप लगाया।







