झारखंड में हो रहे विधानसभा चुनाव का रंग चढ़ने लगा है. सभी की नजर ‘हॉट’ सीट पर टिकी है. इस बार के चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री और उनके रिश्तेदारों की सीटें खासा चर्चा में हैं. ऐसी ही एक सीट गिरिडीह जिले की धनवार विधानसभा सीट है. यहां NDA की ओर से BJP ने प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को मैदान में उतारा है. वे यहां से वर्तमान विधायक भी हैं. इस हॉट सीट पर I.N.D.I.A गठबंधन ने JMM के निजामुद्दीन अंसारी पर भरोसा जताया है. वहीं, CPI(ML)L के राज कुमार यादव ने भी ताल ठोक दी है. जिससे मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्त हो गया है. बाबूलाल, निजामुद्दीन और राज कुमार तीनों यहां से एक-एक बार विधायक रह चुके हैं.
JVM(P) का BJP में विलय
साल 2000 से लेकर अभी तक के चुनाव की बात करें तो इस सीट पर BJP-JVM(P) का कब्जा रहा है. दो बार 2000 और 2005 में BJP प्रत्याशी को जीत मिली तो दो बार बाबूलाल मरांडी की JVM(P) का 2009 और 2019 में कब्जा रहा. वहीं, 2014 में CPI(ML)L के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी. दिलचस्प बात यह है कि 5 बार में 4 बार BJP या JVM(P) के प्रत्याशी विधायक बने. 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद फरवरी 2000 में बाबूलाल ने JVM(P) का BJP में विलय कर लिया. जुलाई 2023 से वे BJP के प्रदेश अध्यक्ष हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में वे यहां से JVM(P) के सिंबल पर चुनाव जीते थे.
2014 में हार गए थे बाबूलाल
वहीं, 2014 के चुनाव में JVM(P) प्रत्याशी बाबूलाल को यहां से हार का सामना करना पड़ा था. CPI(ML)L के राज कुमार यादव ने उन्हें हरा दिया था. इस चुनाव में JMM ने उम्मीदवार नहीं दिया था. माना जाता है कि राज यादव को इसका लाभ मिला था. अभी तक के चुनाव का ट्रेंड को देखें तो हर चुनाव में JMM के प्रत्याशी को CPI(ML)L के कैंडिडेट से कम वोट हासिल हुए हैं. निजामुद्दीन अंसारी 2009 में यहां से विधायक रह चुके हैं. तब वे JVM(P) के टिकट पर लड़े थे. लेकिन चुनाव जीतने के बाद JMM में शामिल हो गए. वे 2005 और 2009 का चुनाव JMM के सिंबल पर लड़े थे.
पिछले कुछ चुनाव परिणामों के आंकड़े
2019 के चुनाव में JVM(P) से बाबूलाल मरांडी 52,352 वोट लाकर जीते थे. BJP के लक्षण प्रसाद सिंह 34,802 मत लाकर दूसरे स्थान और CPI(ML)L के राज कुमार यादव 32,245 वोट के साथ तीसरे स्थान पर थे. इस चुनाव में JMM के निजामुद्दीन अंसारी करीब 14,432 वोट के साथ छठे स्थान पर थे. 2014 चुनाव में CPI(ML)L के राज कुमार यादव ने 50,634 वोट लाकर जीत दर्ज की थी. इन्होंने 10,712 वोटों के अंतर से JVM(P) प्रत्याशी बाबूलाल को हरा दिया था. बाबूलाल को कुल 39,922 वोट हासिल हुए थे. वहीं, BJP के लक्षण प्रसाद सिंह 31659 वोट मिले थे. इससे पहले 2009 के चुनाव में JVM(P) के निजामुद्दीन अंसारी 50,392 वोट लाकर विजय हुए थे. CPI(ML)L के राज कुमार यादव 45,419 वोट के साथ दूसरे और BJP के रविंद्र कुमार राय 29,290 वोट लाकर तीसरे स्थान पर थे. इस चुनाव में JMM प्रत्याशी अर्जून मरांडी करीब 7,000 वोट पर सिमटकर चौथे स्थान पर थे. वहीं, 2000 और 2005 में BJP के रवींद्र कुमार को जीत मिली थी.
बता दें कि झारखंड के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने साल 2006 में BJP से अलग होकर अलग पार्टी JVM(P) बनायी थी. लेकिन अब JVM(P) का BJP में विलय हो चुका है. जानकार बताते हैं कि धनवार सीट पर इसका फायदा NDA गठबंधन यानी BJP प्रत्याशी को होगा. वहीं, CPI(ML)L का I.N.D.I.A गठबंध में शामिल नहीं होना नकारात्मक असर डाल सकता है. JMM और CPI(ML)L का अलग-अलग लड़ना BJP प्रत्याशी के लिए फायदेमंद साबित होता दिख रहा है. लेकिन राजनीति को अनिश्चिता का खेल माना जाता है. चुनाव परिणाम की घोषणा से पहले शर्तिया तौर पर कुछ भी कह पाना मुश्किल होता है. इस सीट पर दूसरे चरण में 20 नवंबर को मतदान होता है. वहीं, 23 नवंबर को वोटों की गिनती के साथ चुनाव परिणाम की घोषणा होगी.







