भारत और सिंगापुर के बीच रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं. व्यापार पिछले 10 साल में दोगुना से भी अधिक हो गया है. पारस्परिक निवेश करीब तीन गुना होकर 150 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस दिनों सिंगापुर दौरे पर हैं, जहां उन्होंने कई कारोबारियों और सीईओ से मुलाकात की. इस बीच विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और सिंगापुर के बीच बहुआयामी रिश्ते हैं. विदेश मंत्रालय के सेक्रेटरी ईस्ट जयदीप मजूमदार ने गुरुवार को कहा कि दोनों देशों ने एक-दूसरे की तारीफ की और कहा कि दोनों को ही आगे एक-दूसरे की जरूरत है.
पीएम मोदी के सिंगापुर दौरे पर उन्होंने कहा कि भारत और सिंगापुर के बीच मजबूत रिश्ते हैं और मिलिट्री इस्टैब्लिशमेंट, नेवी और एयरफोर्स को लेकर आदान-प्रदान हो रहा है. मजूमदार ने कहा, ‘हमारे बहुआयामी रिश्ते हैं. रक्षा के मोर्चे पर भी हमारे रिश्ते बेहद मजबूत हैं. हम लोग युद्धाभ्यास साथ में करते हैं. मिलिट्री इस्टैब्लिशमेंट, नेवी, एयरफोर्स को लेकर भी लगातार हमारा आदान-प्रदान होता रहता है.’
मजूमदार ने आगे कहा, ‘हम लोग मैरिटाइम डोमेन अवेयरनेस में भी सहयोग जारी रखेंगे. यह एक ऐसा क्षेत्र है, जहां हम बहुत निकटता से सहयोग करते हैं. सिंगापुर हमारा साल 2020 से सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है. साल ने साल 2020 से अब तक 160 बिलियन डॉलर का निवेश किया है. पिछले साल तक सिंगापुर भारत का सबसे बड़ा विदेशी निवेशक था. अब हम टिकाऊ टेक्नोलॉजी, रिन्युएबल एनर्जी, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर के अगले चरण में जा रहे हैं.’
क्या चीन पर हुई बात?
जब पूछा गया कि क्या पीएम मोदी और सिंगापुर के पीएम के बीच चीन को लेकर भी बातचीत हुई? इस पर मजूमदार ने कहा, ‘पीएम मोदी और सिंगापुर नेतृत्व के बीच बातचीत का फोकस इस बात पर था कि कैसे भारत, आसियान (जिसमें सिंगापुर अहम साझेदार है) मिलकर ASEAN शताब्दी मनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. हमारे बीच काफी चीजें कॉमन हैं. हम दुनिया में दो सबसे तेजी से बढ़ते हुए देश हैं. ‘
4 समझौतों पर हुए दस्तखत
मोदी की दो दिवसीय सिंगापुर यात्रा के साथ ही दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों का दायरा व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाते हुए सेमीकंडक्टर में सहयोग सहित चार समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए. मोदी और ली की बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत-सिंगापुर रणनीतिक साझेदारी के विकास में ली के योगदान की सराहना की और उम्मीद जताई कि वरिष्ठ मंत्री के रूप में अपनी नयी भूमिका में ली भारत के साथ सिंगापुर के संबंधों पर ध्यान एवं मार्गदर्शन देना जारी रखेंगे. बयान में कहा गया कि अपनी पिछली बैठकों को याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी और वरिष्ठ मंत्री ली ने भारत-सिंगापुर संबंधों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी में प्रगति पर संतोष व्यक्त किया.
सेमीकंडक्टर क्लस्टर बनाए जाएंगे
श्रमिकों के कौशल को बढ़ाने और डिजिटल डोमेन में काम करने वाले लोगों के स्किल को बेहतर बनाने के लिए भी दोनों देशों में समझौता हुआ है। साथ ही दोनों देश शिक्षा और एंटरप्रेन्योरशिप के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाएंगे। भारत के इलेक्ट्रोनिक्स और सूचना तकनीक मंत्रालय ने सिंगापुर के साथ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम मजबूत करने का भी समझौता किया है। इसके तहत देश में सेमीकंडक्टर क्लस्टर बनाए जाएंगे और सेमीकंडक्टर डिजाइन और उत्पादन में लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी करेंगे सहयोग
भारत और सिंगापुर के बीच एक समझौता स्वास्थ्य क्षेत्र में हुआ है। इसके तहत दोनों देश स्वास्थ्य क्षेत्र में रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देंगे। साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन, फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाएंगे। इस समझौते के तहत भारत के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए सिंगापुर में काम करने के मौके बढ़ने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को सिंगापुर दौरे पर पहुंचे हैं और दो दिवसीय दौरे का आज उनका आखिरी दिन है।
डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में बढ़ाएंगे सहयोग
भारत और सिंगापुर के बीच जो पहले समझौते हुआ, उसके तहत भारत सरकार का इलेक्ट्रोनिक्स और सूचना मंत्रालय और सिंगापुर का डिजिटल डेवलेपमेंट मंत्रालय मिलकर डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में सहयोग करेंगे। इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल तकनीक जैसे डीपीआई, साइबर सिक्योरिटी, 5जी, इमर्जिंग तकनीक जैसे सुपर कंप्यूटिंग, क्वांटम कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग करने पर सहमति बनी।
सिंगापुर में तिरुवल्लुवर सांस्कृतिक केंद्र खोलेगी भारत सरकार
प्रधानमंत्री मोदी के सिंगापुर दौरे पर दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक क्षेत्र में भी सहयोग पर सहमति बनी है। इसके तहत सिंगापुर में तिरुवल्लुवर सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर इसकी जानकारी दी। इस पोस्ट में वित्त मंत्री ने लिखा कि ‘सिंगापुर में तमिल भाषा, सभ्यता और तमिल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद।’
सिंगापुर के बिजनेस लीडर्स से मुलाकात
सिंगापुर के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बिजनेस लीडर्स से मुलाकात की। राउंड-टेबल मीटिंग के दौरान उन्होंने सिंगापुर के व्यापारियों को भारत आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा, “भारत में जब भी पान पर चर्चा होती है तो यह वाराणसी के बिना अधूरी होती है।”
मोदी ने कहा, “मैं वाराणसी का सांसद हूं। अगर आप पान खाने का आनंद लेना चाहते हैं, तो आपको वाराणसी में जरूर निवेश करना चाहिए।” बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने निवेश और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भारत में किए गए बदलावों के बारे में बताया।
सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग पर हुए समझौते PM मोदी गुरुवार सुबह सिंगापुर की संसद पहुंचे, जहां PM लॉरेंस वॉन्ग ने उनका स्वागत किया। PM मोदी ने सिंगापुर के PM से कहा, “आपके प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद यह हमारी पहली मुलाकात है। सिंगापुर सिर्फ एक सहयोगी देश ही नहीं, हर विकासशील देश के लिए एक प्रेरणा है। हम भी भारत में कई सिंगापुर बनाना चाहते हैं। मुझे खुशी है कि हम इस दिशा में मिलकर कोशिश कर रहे हैं।”
भारत और सिंगापुर ने सेमीकंडक्टर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य सहयोग और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में अहम समझौते पर दस्तखत किए। समझौते के मुताबिक दोनों देश सेमीकंडक्टर, कलस्टर डेवलपमेंट, सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस करेंगे।
भारत-सिंगापुर के बीच कई समझौते पर हस्ताक्षर संसद में दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के देशों के मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से मुलाकात की। दोनों देशों के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री की मौजूदगी में कई समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते के तहत दोनों देश मिलकर डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में सहयोग करेंगे।
इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल तकनीक जैसे DPI, साइबर सिक्योरिटी, 5जी, इमर्जिंग तकनीक जैसे सुपर कंप्यूटिंग, क्वांटम कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग करने पर सहमति बनी। इसके अलावा दोनों देशों के बीच श्रमिकों के कौशल को बढ़ाने और डिजिटल डोमेन में काम करने वाले लोगों के स्किल को बेहतर बनाने को लेकर भी समझौता हुआ है।
भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना तकनीक मंत्रालय ने सिंगापुर के साथ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम मजबूत करने का भी समझौता किया है। इसके तहत देश में सेमीकंडक्टर क्लस्टर बनाए जाएंगे और सेमीकंडक्टर डिजाइन और प्रोडक्शन में लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
6 साल बाद सिंगापुर पहुंचे PM मोदी इससे पहले बुधवार को सिंगापुर पहुंचे मोदी का भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान PM मोदी ने ढोल भी बजाया। मोदी के स्वागत में पहुंचे कलाकार ढोल की धुन पर नृत्य करते नजर आए। लोगों ने PM मोदी को भगवा रंग का गमछा भेंट किया।
उन्होंने ‘रामचंद्र की जय’ और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे लगाए। इस दौरान एक महिला ने उन्हें राखी भी बांधी। सिंगापुर यात्रा के दौरान मोदी राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम समेत कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। PM मोदी सिंगापुर के कारोबारी समुदाय के नेताओं से भी मिलेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी 6 साल बाद सिंगापुर के दौर पर गए हैं। इससे पहले उन्होंने नवंबर 2018 में सिंगापुर का दौरा किया था।
सिंगापुर से पहले ब्रुनेई के दौरे पर थे PM मोदी सिंगापुर दौरे पहले PM मोदी 3 और 4 सितंबर को ब्रुनेई का दौरा किया। इस दौरान बुधवार को PM ने ब्रुनेई सुल्तान बोल्कैया के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं के बीच रक्षा, व्यापार, शिक्षा, तकनीक और स्वास्थ्य जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
डेलीगेशन लेवल की बैठक के बाद भारत और ब्रुनेई के बीच MoU भी साइन हुए। उन्होंने बंदर सेरी बेगवान और चेन्नई के बीच सीधी फ्लाइट शुरू करने के फैसले का स्वागत किया।
इसके अलावा दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ASEAN देशों के विकास के लिए काम करने पर सहमति जताई। ब्रुनेई के सुल्तान ने PM मोदी के सम्मान में दुनिया के सबसे बड़े महल ‘इस्ताना नुरुल इमान’ में लंच भी होस्ट किया।
PM मोदी ने कहा, “ब्रुनेई में मेरा गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया, जिसके लिए मैं शाही परिवार को धन्यवाद देता हूं। यह किसी भारतीय PM की ब्रुनेई की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। यहां मिले अपनेपन ने मुझे दोनों देशों के सदियों पुराने संबंधों का एहसास कराया है।”







