प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के विभाजन के दौरान प्रभावित लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर, एक्स पर एक पोस्ट में श्री मोदी ने विभाजन के कारण असंख्य लोगों पर पड़े गंभीर प्रभाव और पीड़ा का स्मरण किया है।
विपरीत परिस्थितियों में मानवता के अनुकूल दृष्टिकोण की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने देश में एकता और भाईचारे के बंधन की रक्षा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया :
“#PartitionHorrorsRemembranceDay पर, हम उन असंख्य लोगों का स्मरण कर रहे हैं जो विभाजन की भयावहता से प्रभावित हुए और बहुत पीड़ा सहन की। यह उनके साहस को श्रद्धांजलि अर्पित करने का भी दिन है, जो विपरीत परिस्थितियों में उनकी मानवता की शक्ति को दर्शाता है। विभाजन से प्रभावित बहुत से लोगों ने अपने जीवन का पुनर्निर्माण किया और अपार सफलता अर्जित की। हम अपने राष्ट्र में एकता और भाईचारे के बंधन की सर्वदा रक्षा करने की प्रतिबद्धता दोहराते हैं।”
पीएम मोदी ने कहा कि ये उन लोगों के साहस को श्रद्धांजलि देने का दिन है, जिन्होंने विभाजन का दंश झेला और फिर से अपने जीवन की शुरुआत की. अंग्रेजो ने 1947 में आज ही के दिन भारत का बंटवारा किया था. इसके बाद पाकिस्तान अस्तित्व में आया.
पीएम मोदी ने कहा, ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर हम उन लोगों को याद कर रहे हैं, जो विभाजन की भयावहता से प्रभावित हुए और बहुत ज्यादा दुख झेला. ये उनके साहस को श्रद्धांजलि देने का भी दिन है, जो इंसान के उबरने की ताकत को दिखाता है. विभाजन के हालात से बहुत से लोगों ने अपने जीवन को दोबारा से शुरू किया. इसके बाद अपार सफलता मिली. आज हम अपने देश में एकता और भाईचारे के बंधन की हमेशा रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं.’
सैकड़ों लोगों की जानें गईं
आपको बता दें कि आज के दिन 1947 में भारत और पाकिस्तान दो देश बने. बंटवारे के दौरान उस वक्त लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी. इस दौरान बड़े दंगे हुए. सैकड़ों लोगों की जानें गईं. लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा. पीएम मोदी ने बंटवारे के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को याद करने के लिए 2021 में ऐलान किया कि हर वर्ष 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया जाएगा.
पीएम मोदी ने घोषणा करते हुए कहा था कि 14 अगस्त उन तमाम लोगों के संघर्षों और बलिदान को याद करने का दिवस है. इन्होंने बंटवारे का दंश झेला है. पीएम मोदी ने कहा कि बंटवारे के दंश को भुलाना मुमकिन नहीं है.






