इजराइल और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका देश ईरान और उसके समर्थन वाले आतंकी समूहों के साथ कई मोर्चों पर जंग लड़ रहा है। गाजा पट्टी में लगभग 10 महीने से जारी जंग और पिछले हफ्ते लेबनान में शीर्ष हिजबुल्ला कमांडर फौद शुकूर तथा ईरान में हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हनिया के मारे जाने के बाद क्षेत्र में व्याप्त तनाव के पूर्ण लड़ाई में तब्दील होने की आशंका बढ़ गई है।
ईरान और उसके समर्थन वाले आतंकी संगठनों ने हनिया और शुकूर की मौत के लिए इजराइल को जिम्मेदार ठहराते हुए बदला लेने की धमकी दी है। वहीं, अमेरिका और उसके सहयोगियों ने इजराइल को ईरान और उसके समर्थन वाले आतंकी समूहों के संभावित हमलों से बचाने तथा क्षेत्र में हिंसक संघर्ष के खतरे को कम करने के लिए पश्चिम एशिया में सैन्य उपस्थिति बढ़ाने का फैसला लिया है। नेतन्याहू ने रविवार को कैबिनेट बैठक में कहा कि इजराइल किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।

‘और ना बिगड़ें हालात’
जॉर्डन के विदेश मंत्री आयमान सफादी पश्चिम एशिया में जंग के खतरे को कम करने के कूटनीतिक प्रयासों के तहत ईरान की यात्रा पर हैं। वह पिछले 20 से अधिक वर्षों में ईरान की आधिकारिक यात्रा करने वाले जॉर्डन के पहले वरिष्ठ अधिकारी हैं। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि तनाव खत्म हो।” वहीं, व्हाइट हाउस के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन फाइनर ने ‘एबीसी न्यूज’ से कहा, “हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि हालात और ना बिगड़ें।” उनका यह बयान अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय ‘पेंटागन’ द्वारा पश्चिम एशिया में लड़ाकू विमानों का दस्ता और विमान वाहक पोत तैनात करने का फैसला किए जाने के बीच आया है।
यह भी जानें
इजराइल की बचाव एजेंसी ‘मेगन डेविड एडम’ ने बताया कि रविवार को तेल अवीव के पास एक व्यक्ति ने चाकू से वार कर दो बुजुर्गों की हत्या कर दी। इजराइली पुलिस ने कहा कि यह हमला एक फलस्तीनी उग्रवादी ने किया, जिसे बाद में मार गिराया गया। वहीं, गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने गाजा पट्टी में दो स्कूल पर इजराइल के हवाई हमले में कम से कम 25 लोगों के मारे जाने और 19 अन्य के घायल होने की जानकारी दी है। हालांकि, इजराइली सेना ने कहा कि उसने हमास के प्रमुख केंद्रों को निशाना बनाया है। इजराइल फलस्तीनी आतंकियों पर रिहायशी इलाकों में शरण लेने का आरोप लगाता रहा है।
ईरान आज इजराइल पर हमला कर सकता है.. प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि, इजराइल इस हमले के लिए तैयार है. असल में हमास और हिजबुल्लाह के टॉप लीडर्स की मौत ने मध्य पूर्व विवाद को और भी ज्यादा गहरा दिया है. हो सकता है कि, आने वाले कुछ वक्त में ही लेबनान और ईरान साथ मिलकर इजराइल पर हमले की खबर सुर्खियों में आ जाए.
मालूम हो कि, हाल ही में तेहरान में एक हमले में हिज्बुल्लाह के सहयोगी हमास प्रमुख इस्माइल हानिया की मौत हो गई थी. ईरान और हमास का दावा था कि, इसके पीछे इजराइल का हाथ है. वहीं इजराइल की ओर से भी इस हमले में अपनी भूमिका से इनकार भी नहीं किया था.
न सिर्फ ये, बल्कि इससे पहले दक्षिणी लेबनान में एक इजरायली हमले में शीर्ष कमांडर फुआद शुकर की भी मौत हो गई थी. साथ ही साथ इजराइल ने यह भी पुष्टि की थी कि, हमास की सैन्य शाखा के प्रमुख मोहम्मद दीफ को जुलाई में गाजा में हवाई हमले में मारे गिराया था.
गौरतलब है कि, अप्रैल में, इजराइल द्वारा सीरिया में दो ईरानी जनरलों को मारने के बाद, ईरान ने इजराइल पर 300 से अधिक रॉकेट दागे थे, जिनमें से अधिकांश को इजराइल और अमेरिका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने रोक दिया था.
हमले को लेकर चल रही तैयारी
इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरान के साथ जंग के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. उन्होंने इसे लेकर दिए अपने हालिया बयान में कहा कि “इजरायल ईरान की बुराई की धुरी के खिलाफ एक बहुपक्षीय युद्ध में है. हम उसकी हर एक भुजा पर बड़ी ताकत से प्रहार कर रहे हैं. हम किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं – आक्रामक और रक्षात्मक दोनों तरह से.”
वहीं दूसरी तरफ अमेरिका तनाव कम करने के लिए मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है, लड़ाकू जेट स्क्वाड्रन तैनात किए गए हैं. अमेरिका इजराइल की सहायता के लिए एक विमान वाहक मुस्तैद कर रहा है.
मच गया कत्ल-ए-आम
इस पूरे विवाद में हालिया मौत एक 70 वर्षीय महिला और 80 वर्षीय व्यक्ति की थी, जिसे एक फिलिस्तीनी उग्रवादी ने चाकू से हमला कर मार दिया. वहीं गाजा में दो स्कूलों पर इजरायली हमले में कम से कम 25 लोग मारे गए और 19 घायल हो गए. ऐसे ही कई मामले में सामने आए हैं.







