झारखंड हाईकोर्ट से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, राहुल ने 2018 में भाजपा नेता अमित शाह के खिलाफ राहुल की कथित अपमानजनक टिप्पणियों के लिए दायर आपराधिक मानहानि के मुकदमे में ट्रायल कोर्ट में उनके खिलाफ मामले को रद्द करने के लिए याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट ने इस अर्जी को शुक्रवार को खारिज कर दिया। इससे पहले 16 फरवरी को राहुल गांधी का लिखित पक्ष कोर्ट में पेश किया गया था, जिसके बाद जस्टिस अंबुजनाथ की बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
मामला चाईबासा में 2018 कांग्रेस सत्र के दौरान पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के चुनावी भाषण से जुड़ा है। झारखंड हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर करने वाले बीजेपी नेता नवीन झा ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
यूपी में कोर्ट से मिली थी राहत
इससे पहले उत्तर प्रदेश में सुलतानपुर जिले की सांसद-विधायक कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी करने से संबंधित मानहानि मामले में मंगलवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को जमानत दे दी थी। भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल के खिलाफ चार अगस्त 2018 को मानहानि का मुकदमा दायर कराया था।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में दिया था बयान
इसमें आरोप लगाया कि आठ मई 2018 को कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बंगलूरू में राहुल गांधी ने भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री को हत्या का आरोपी कहा था। इसमें कहा गया था कि ईमानदार और स्वच्छ राजनीति में विश्वास करने का दावा करने वाली भाजपा के अध्यक्ष हत्या के एक मामले में आरोपी हैं। हालांकि, राहुल गांधी की टिप्पणी से लगभग चार साल पहले ही मुंबई की एक विशेष केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अदालत ने 2005 के एक फर्जी मुठभेड़ के मामले में अमित शाह को बरी कर दिया था।
मानहानि के एक मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को शुक्रवार (7 जून, 2024) को बड़ी राहत मिली. बेंगलुरू की एक विशेष अदालत ने कर्नाटक बीजेपी के दर्ज कराए गए मानहानि के केस में राहुल गांधी को जमानत दे दी.
कोर्ट ने राहुल गांधी को ये राहत व्यक्तिगत रूप से पेश होने के दौरान दी है. कोर्ट मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को करेगा. दरअसल, कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले न्यूज़पेपर में अपमानजनक विज्ञापन जारी करने का आरोप लगाते हुए बीजेपी ने शिकायत दर्ज कराई थी.
सिद्धारमैया को भी मिली जमानत
राज्य की तत्कालीन बीजेपी सरकार पर कांग्रेस ने विज्ञापन में साल 2019 से 2023 के दौरान बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया था. बीजेपी ने इस मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
इस केस में ही कोर्ट ने एक जून को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को जमानत दी थी. वे अदालत के समक्ष पेश हुए थे. जस्टिस केएन शिवकुमार ने राहुल गांधी को सात जून को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया था.
कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तत्कालीन बीजेपी सरकार को घेरा था. कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल की थी.







