स्टार्टअप महाकुंभ 18-20 मार्च से नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम एपेक्स इंडस्ट्री एसोसिएशन, बूटस्ट्रैप इनक्यूबेशन एंड एडवाइजरी फाउंडेशन और इंडियन वेंचर एंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन (आईवीसीए) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है।
दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे स्टार्टअप महाकुंभ में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना संबोधन दिया. इस दौरान उन्होंने भारत में बढ़ते स्टार्टअप कल्चर का जिक्र किया. साथ ही आईटी और सॉफ्टवेयर सेक्टर में भारत के बढ़ते रुतबे के बारे में बताया. पीएम मोदी ने कहा कि, “आज जब देश 2047 के विकसित भारत के रोडमैप पर काम कर रहा है ऐसे समय में स्टार्टअप महाकुंभ का बहुत महत्व है. बीते दशकों में हमने देखा है कि भारत ने कैसे आईटी और सॉफ्टवेयर सेक्टर में अपनी छाप छोड़ी है. अब हम भारत में इनोवेशन और स्टार्टअप कल्चर का ट्रेंड लगातार बढ़ता हुआ देख रहे हैं, इसलिए स्टार्टअप की दुनिया के आप सभी साथियों का इस महाकुंभ में होना बहुत मायने रखता है.”
पीएम मोदी ने कहा कि आमतौर पर व्यापारी लोग जब चुनाव आते हैं, तो सोचते हैं कि अभी रहने देते हैं जब नई सरकार आएगी, तो उस हिसाब से देखेंगे. पीएम मोदी ने कहा कि लेकिन आज आप इतनी बड़ी संख्या में यहां आए हैं, तो आपको पता है कि अगले पांच साल क्या होने वाला है.
पूरी दुनिया देख रही भारत की युवा शक्ति का सामर्थ
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि, ‘आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है. भारत में आज सवा लाख रजिस्टर्ड स्टार्टअप हैं. इनसे करीब 12 लाख नौजवान जुड़े हुए हैं. पीएम ने कहा कि हमारे पास 110 यूनिकॉर्न हैं. स्टार्टअप ने 12000 पैटेंट फाइल किये हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज देश के छोटे शहरों के युवा भी स्टार्टअप कर रहे हैं. योगा और आयुर्वेद में भी खूब स्टार्टअप आ रहे हैं. स्पेस जैसे सेक्टर में भी नए बिजनस आ रहे हैं. ऑलरेडी हमारे स्टार्टअप स्पेस शटल लॉन्च करने लगे हैं. पीए मोदी ने कहा कि भारत की युवा शक्ति का सामर्थ्य आज पूरी दुनिया देख रही है. उन्होंने कहा कि देश ने स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करने के लिए काफी कदम उठाए हैं.
लोगों की सोच बदल रही- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि, पहले हमारे यहां पढ़ाई का मतलब नौकरी और नौकरी का मतलब सिर्फ सरकारी नौकरी होता था. लोग बेटियों के लिये सिर्फ सरकारी नौकरी वाला लड़का देखना चाहते थे. लेकिन आज ये सोच बदल रही है. कोई पहले बिजनेस की बात करता था, तो सोचता था कि यार पैसे कहां से लाऊं. जिसके पास पैसा है, वही बिजनेस कर सकता है, यह धारणा बन गई थी. पीएम मोदी ने कहा कि इस स्टार्टअप इकोसिस्टम ने उस धारणा को बदल दिया है. अब लोग नौकरी पाने की नहीं बल्कि नौकरी देने की सोच रहे हैं.
स्टार्टअप महाकुंभ 18-20 मार्च से नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम एपेक्स इंडस्ट्री एसोसिएशन, बूटस्ट्रैप इनक्यूबेशन एंड एडवाइजरी फाउंडेशन और इंडियन वेंचर एंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन (आईवीसीए) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है। यह उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा समर्थित है।
पिछले महीने, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस कार्यक्रम पर चर्चा की, इस बात पर प्रकाश डाला कि भारतीय स्टार्टअप उद्योगों में क्रांति ला रहे हैं और देश की अर्थव्यवस्था की आधारशिला बन रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के साथ एक महत्वाकांक्षी भारत को संरेखित करने से भारत की आजादी के 100 वर्षों तक की अवधि के दौरान आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिसे अमृत काल कहा जाता है, जिसका लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलना है।







