प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पेरिस के एफिल टॉवर में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) सेवा शुरू होने पर खुशी जताई है। पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट किया, यह देखकर बहुत अच्छा लगा। यह यूपीआई को वैश्विक स्तर पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने और मजबूत संबंधों को बढ़ावा देने का अद्भुत उदाहरण है।
एफिल टॉवर में यूपीआई सेवा शुरू
बता दें कि पर्यटक अब पेरिस के एफिल टॉवर में यूपीआई से सेवा का भुगतान कर सकेंगे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने शुक्रवार को कहा कि पेरिस के एफिल टॉवर देखने आने वाले पर्यटक अब भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) का उपयोग करके प्रतिष्ठित स्मारक की अपनी यात्रा बुक कर सकेंगे।
एफिल टावर देखने को लेकर जबरदस्त क्रेज
भारतीय दूतावास ने पेरिस में भारत के गणतंत्र दिवस का जश्न मनाने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में यह घोषणा की. बयान मे कहा गया कि इस समय एफिल टॉवर देखने आने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों में भारतीय पर्यटक दूसरे सबसे बड़े समूह के रूप में हैं. एनआईपीएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितेश शुक्ला ने कहा कि उनका लक्ष्य ऐसी साझेदारी स्थापित करना और उपभोक्ताओं को सुविधाजनक तथा सुरक्षित सीमा पार भुगतान समाधान देने में सहयोग करना है.
मैक्रों की भारत यात्रा के बाद हुई लॉन्चिंग
यह लॉन्चिंग फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के बाद हुई है। 25 जनवरी को मैक्रों जयपुर पहुंचे थे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें UPI पेमेंट डिजिटल सिस्टम के बारे में जानकारी दी थी। उन्हें पेमेंट करना सिखाया था। इसके अलावा दोनों लीडर्स ने चाय पी थी। इसका पेमेंट राष्ट्रपति मैक्रों ने किया था।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति UPI पेमेंट के मुरीद हो गए थे। 26 जनवरी को मैक्रों ने स्टेट डिनर के दौरान कहा- ‘मैं जयपुर में PM मोदी के साथ पी गई चाय को कभी नहीं भूल सकता, क्योंकि उसका पेमेंट UPI से किया गया था। वो मेरे लिए बहुत खास था। वो चाय हमारी दोस्ती, गर्मजोशी, परंपरा और इनोवेशन का सबसे बेहतरीन उदाहरण था।’
फ्रांस और भारत के बीच डिजिटल पेमेंट को लेकर करार
जुलाई 2023 में फ्रांस के दौरे पर भारतीय समुदाय से बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था- फ्रांस और भारत के बीच डिजिटल पेमेंट को लेकर करार हुआ है। इसके तहत फ्रांस में भारत के UPI से पेमेंट की जा सकेंगी। उन्होंने कहा था- जल्द फ्रांस में भारतीय पर्यटक रुपए में भुगतान कर सकेंगे।
NCPI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और फ्रांस की लाइरा कलेक्ट ने फ्रांस और यूरोप में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) को लागू करने के लिए एक समझौते पर साइन किए थे।
UPI 2016 में लॉन्च हुआ था
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI को 2016 में लॉन्च किया गया। इसे नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बनाया है। इसने आसान तरीके से सीधे बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा दी। इससे पहले डिजिटल वॉलेट का चलन था। वॉलेट में KYC जैसी झंझट है, जबकि UPI में ऐसा कुछ नहीं करना पड़ता।
UPI को NCPI ऑपरेट करता है
भारत में RTGS और NEFT पेमेंट सिस्टम का ऑपरेशन RBI के पास है। IMPS, RuPay, UPI जैसे सिस्टम को नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ऑपरेट करती है। सरकार ने 1 जनवरी 2020 से UPI ट्रांजैक्शन के लिए एक जीरो-चार्ज फ्रेमवर्क मैंडेटरी किया था।
दिसंबर 2023 में 1200 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शंस हुए
हाल ही में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने युगांडा और नाइजीरिया के दौरे पर कहा कि भारत में सिर्फ एक महीने में इतने कैशलेस ट्रांजैक्शन हुए, जितने अमेरिका 3 साल में करता है। दिसंबर 2023 में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए 1200 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शंस हुए। यह लेन-देन 18.23 लाख करोड़ रुपए का था।
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने ये आंकड़े जारी करते हुए बताया कि इससे पहले नवंबर में 17.40 लाख करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ था। यानी लोगों को यह पेमेंट मोड खूब भा रहा है।







