पेट्रोल और डीजल की कीमतें घटे या बढ़े, इससे आम इंसान की जेब पर सीधा असर पड़ता है. ऐसे में मोदी सरकार महंगाई से राहत देने के लिए आम आदमी को बड़ा तोहफा दे सकती है। सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम में 10 रुपये प्रति लीटर तक कटौती कर सकती है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ईंधन की कीमतों में कटौती का रोडमैप बनाने के लिए पिछले दिनों पीएमओ, वित्त मंत्रालय और पेटोलियम मंत्रालय के उच्च अधिकारियो के बीच बैठक में चर्चा हुई है। इस बैठक में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम करने के लिए अलग-अगल फॉर्मूले और विकल्पों पर विस्तार से बातचीत है। मिली जानकारी के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल की कीमत में कमी से पड़ने वाले बोझ को सरकार और तेल कंपनिया दोनों मिलकर वहन करेंगी। आपको बता दें कि पिछले साल 22 मई से पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नही किया गया है।
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक देशभर के लोगों को राहत उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के भाव में बड़ी कटौती करने का फैसला किया है. अगले साल अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं, उससे पहले केंद्र की मोदी सरकार लोगों को पेट्रोल डीजल के भाव में राहत देकर लुभाना चाहती है.
पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में नरमी है जिससे भारत में ईंधन के भाव घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है. केंद्रीय वित्त मंत्रालय पेट्रोल-डीजल के भाव में जल्द कटौती करने की योजना बना रही है.
अनुमान लगाया जा रहा है कि पेट्रोल-डीजल के भाव में ₹10 प्रति लीटर तक की कटौती हो सकती है. इससे पहले करीब 2 साल पहले केंद्र सरकार ने पेट्रोल के भाव में ₹8 और डीजल के भाव में छह रुपए प्रति लीटर की कटौती की थी.
दिल्ली में इस समय पेट्रोल का भाव 96.71 रुपये जबकि डीजल का भाव 89.62 रुपए प्रति लीटर है. महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु समेत देश के कई शहरों में इस समय ईंधन के भाव ₹100 प्रति लीटर के आसपास हैं.
देश के बड़े शहरों में बीच में एक बार पेट्रोल डीजल का भाव 110 रुपए के करीब चला गया था. कोरोना संकट की वजह से कच्चे तेल के भाव में उतार-चढ़ाव और रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की वजह से कच्चे तेल के भाव में तेजी आने की वजह से ऐसा हुआ था.
केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इससे पहले पेट्रोल डीजल के भाव घटाने का श्रेय मोदी सरकार को दिया था. उन्होंने कहा था कि नॉर्थ अमेरिकन कंट्री में पेट्रोल के भाव 70-80 फ़ीसदी तक ऊपर हैं, जबकि भारत ने पेट्रोल डीजल के भाव में 5 फ़ीसदी तक की कटौती कर दी है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव इस समय 70 से 80 डॉलर प्रति बैरल के लेवल पर हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय कच्चे तेल के भाव में नरमी की वजह से पेट्रोल- डीजल के भाव में कमी करना चाहता है.
पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) के मुताबिक, दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत 96.72 रुपये और डीजल का रेट 89.62 रुपये लीटर है। वहीं, आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत 106.31 रुपये और डीजल के दाम 94.27 रुपये प्रति लीटर है। चेन्नई की बात करें तो यहां पेट्रोल की कीमत 102.63 रुपये और डीजल 94.24 रुपये प्रति लीटर है, जबकि कोलकाता में पेट्रोल 106.03 रुपये और डीजल 92.76 रुपये लीटर है।
तेल कंपनियों का हो रहा बंपर मुनाफा
कच्चा तेल महंगा होने के बाद 2022 में तेल कंपनियों को पेट्रोल पर प्रति लीटर 17 रुपये और डीजल पर 35 रुपये प्रति लीटर तक का घाटा हो रहा था, लेकिन कच्चे तेल का दाम गिरने के बाद स्थिति बदल गई है और तेल कंपनियों को पेट्रोल पर 8 से 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3 से 4 रुपये प्रति लीटर तक का मुनाफा हो रहा है।
कच्चे तेल की कीमत में गिरावट
कच्चे तेल का दाम अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर के आसपास चल रहा है। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 76 डॉलर प्रति बैरल और डब्लूटीआई क्रूड 71 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। इस हफ्ते कच्चे तेल में हुई गिरावट का प्रमुख कारण वैश्विक स्तर पर कम मांग के कारण हो रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि कच्चा तेल का दाम आने वाले समय में भी कम रह सकता है।







