आयकर विभाग ने कांग्रेस सांसद धीरज साहू के परिवार के स्वामित्व वाले ओडिशा के शराब विनिर्माता ग्रुप के खिलाफ अपनी वर्तमान तलाशी के तहत यहां उनके घर में जमीन के नीचे की चीजों को खंगालने वाली ‘रेडार’ मशीन लगायी है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।आयकर विभाग को इस तलाशी में अबतक 351 करोड़ रुपये नकद मिल चुके हैं। झारखंड की राजधानी रांची में उनके निवास पर मंगलवार रात तक इस मशीन की मदद से कोने-कोने को खंगाला गया जिसके ऊपर स्क्रीन पर चीजें नजर आ रही थीं। आयकर विभाग को जमीन के नीचे कुछ चीजें होने की आशंका थी।
शॉपिंग- मेगा इलेक्ट्रॉनिक डेज़ सेल (9-17 दिसंबर)-लैपटॉप, स्मार्टवॉच, हेडफोन आदि पर 75% तक की छूट |
धीरज साहू का धन खोजने के लिए ‘रेडार’
यह परिसर साहू का संयुक्त पारिवारिक मकान है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की एक टुकड़ी उस मकान की रखवाली कर रही है। सूत्रों ने बताया कि रडार उपकरण को जमीन के नीचे तलाशने के लिए लगाया गया है लेकिन मशीन से तलाशी के दौरान कुछ नहीं मिला। आयकर विभाग ने भुवनेश्वर मुख्यालय वाली कंपनी बौद्ध डिस्टिलियरी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ छापेमारी में अबतक के सबसे अधिक 351 करोड़ रुपये नकद की जब्त की है। कथित कर चोरी और ‘खाताबही’ के बाहर के लेन-देन के कथित आरोपों को लेकर छह दिसंबर को आयकर विभाग के कर्मियों ने यह तलाशी शुरू की थी।
कांग्रेस ने अपने सांसद से बनाई दूरी
इस कंपनी का प्रवर्तन साहू का परिवार है तथा न तो उन्होंने और न ही कंपनी ने आयकर विभाग की कार्रवाई पर अबतक कोई बयान या प्रतिक्रिया दी है। विभाग ने ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 30-34 परिसरों की तलाशी की तथा इस अभियान के दौरान करीब तीन किलोग्राम सोना भी जब्त किया। भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा की अगुवाई में पार्टी सांसदों ने सोमवार को दिल्ली में संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया था और आरोप लगाया था कि छापों से साबित हो गया है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है। सोमवार को लोकसभा में भी भाजपा सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया था। कांग्रेस ने यह दावा करते हुए अपने सांसद से दूरी बना ली है कि पार्टी उनके कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है।





