मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री को लेकर अभी तक फैसला नहीं हुआ है। पीएम मोदी खुद अमित शाह और जेपी नड्डा के साथ अगले सीएम को लेकर मंथन कर रहे हैं। बुधवार को भी अमित शाह के साथ पीएम मोदी ने करीब डेढ़ घंटे इस पर मंथन किया। इस बीच विधानसभा चुनाव लड़ने वाले 10 सांसदों ने कल अपना इस्तीफा जेपी नड्डा को सौंपकर पीएम मोदी से मुलाकात की। वहीं राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे भी दिल्ली पहुंच चुकी है। ऐसे में ये सवाल हर किसी के दिल में चल रहा है कि बीजेपी इन तीन राज्यों की जिम्मेदारी किस-किस को देने वाली है।
राजे के शक्ति प्रदर्शन से पार्टी हाईकमान नाखुश
विधानसभा चुनाव के नतीजे आए पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सीएम का चेहरा साफ नहीं हो पाया है। पीएम मोदी ने भी लगातार दूसरे दिन बैठक कर मुख्यमंत्री के नामों को लेकर मंथन किया। मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री के साथ चार घंटे तक बैठक की थी और बुधवार को अमित शाह ने पीएम के साथ लंबा मंथन किया। लेकिन सवाल कायम है कि तीनों राज्यों में कौन बनेगा सीएम? इस बीच राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे बुधवार देर रात को दिल्ली पहुंचीं। माना जा रहा है कि आज वो बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर सकती हैं। लेकिन उनसे जब दिल्ली आने के बारे में एयरपोर्ट पर पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। सिर्फ इनता कहा कि वो अपनी बहू से मिलने दिल्ली आई हैं।
वसुंधरा ने दिल्ली आने पर तो कुछ नहीं बोला, लेकिन जयपुर में रहते हुए पिछले तीन दिनों से वो शक्ति प्रदर्शन जरूर कर रहीं थीं। वो लगातार विधायकों से मिल रहीं थीं। हालांकि सूत्र बताते हैं कि वसुंधरा का ये अंदाज पार्टी के सीनियर लीडर्स को रास नहीं आया है।
इस्तीफा देकर पीएम से मिले 10 सांसद
मुलाकातों और बैठकों के दौर के बीच सीएम पद को लेकर सस्पेंस तब और ज्यादा बढ़ गया, जब तीनों राज्यों में विधानसभा चुनाव जीतने वाले 10 सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा देकर पीएम मोदी से मुलाकात की। राजस्थान से सांसद दीया कुमारी, राज्यवर्धन सिंह राठौर और किरोड़ी लाल मीणा ने इस्तीफा दे दिया। जबकि एमपी से दो केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और प्रह्लाद पटेल समेत पांच सांसदों ने इस्तीफा दिया। पीएम से मिलने वालों में राजस्थान से दीया कुमारी, राज्यवर्धन सिंह राठौर, किरोड़ी लाल मीणा, जबकि मध्य प्रदेश से उदय प्रताप सिंह, राकेश सिंह, नरेद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल और रीति पाठक हैं। इनके अलावा छत्तीसगढ़ से अरुण साव और गोमती साय ने भी इस्तीफा देने के बाद पीएम से मुलाकात की। पीएम मोदी से मिलने वाले इन सांसदों में कई ऐसे हैं जो अपने अपने राज्य में मुख्यमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं। हालांकि कोई भी खुद को सीएम का दावेदार नहीं बता रहा।
रमन सिंह और रेणुका सिंह को फैसले का इंतजार
छत्तीसगढ़ से सांसद रेणुका सिंह भी आज सांसद पद से इस्तीफा देकर पार्टी आलाकामान से मुलाकात कर सकती हैं। रेणुका का नाम भी लगातार सीएम की रेस में है। लेकिन उन्होंने सीएम पद की रेस से खुद को बाहर बताया। उधर, पूर्व सीएम रमन सिंह ने भी यही कहा कि उन्हें भी बाकी लोगों की तरह आलाकमान के फैसले का इंतजार है।
खुद को साधारण कार्यकर्ता बता रहे शिवराज
राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसा सस्पेंस मध्य प्रदेश में भी बना हुआ है। बीजेपी ने वहां भी अभी सीएम को लेकर पत्ते नहीं खोले हैं। शिवराज सिंह चौहान विधानसभा चुनाव के नतीजे के बाद 2024 को लेकर जनसंपर्क अभियान में जुट गए हैं। उन्होंने छिंदवाड़ा में लाड़ली बहनों के पैर धोए और आदिवासी परिवार के घर खाना खाया। जब उनसे अगले सीएम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने खुद को पार्टी का साधारण कार्यकर्ता बता दिया। विधानसभा में प्रचंड जीत को लेकर बीजेपी सांसद आज संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी का सम्मान करने वाले हैं। उम्मीद की जा रही है कि एक दो दिन में सीएम के नाम का एलान हो सकता है और आखिरी फैसला पीएम मोदी ही करेंगे।
राजस्थान में किसी बड़े खेल होने की संभावना भी जताई जाने लगी है। सूत्रों के अनुसार, मंगलवार रात को भारतीय जनता पार्टी में हाईप्रोफाइल ड्रामा हुआ है। बताया जा रहा है कि बीजेपी कोटा संभाग के 5-6 विधायक सीकर रोड एक रिसोर्ट में रुके हुए थे। इन विधायकों ने रात में ही बहरोड़ जाने का प्लान बना लिया था।
विधायकों के जब बहरोड़ जाने की बात तय हुई तो वहां मौजूद एक नए विधायक को अखर गई। जिसके बाद उस विधायक ने दूसरे विधायकों को कहा कि ये बात वो अपने पिता को बता देंगे। जिसके बाद वो कमरे से बाहर आकर पूरी बात अपने पिता और संगठन से जुड़े नेताओं को फ़ोन कर ख़ुद बता दी।
भाजपा नेताओं में मचा हडकंप
इस कांड की खबर लगते ही प्रदेश भाजपा नेताओं में हडकंप मच गया। जिसके बाद प्रदेश के कुछ नेताओं को तुरंत उस रिसॉर्ट भेजा गया। नेताओं के पहुंचने के बाद यहां आपस में ही हाथापाई होने की नौबत आ गई। हालांकि बाद में बातचीत से मामला सुलझा लिया गया और उसके बाद सुबह 4 बजे उन विधायकों को वहां से निकाला गया। बताया जा रहा है ये सब प्रदेश के किसी बड़े नेता के कहने पर हुआ है।
दिल्ली पहुंची वसुंधरा राजे
वहीं सीएम के नाम को लेकर बने संशय के बीच प्रदेश की दो बार मुख्यमंत्री रह चुकीं वसुंधरा राजे दिल्ली पहुंच चुकी हैं। वह देर रात ही दिल्ली आई हैं। बताया जा रहा है कि वह आज कई बड़े नेताओं से मुलाकात कर सकती हैं। इससे पहले चुनाव परिणाम आने के बाद बीजेपी के कई विधायक राजे से मुलाकात करके उन्हें सीएम बनाने की मांग कर चुके हैं। जानकार इसे वसुंधरा राजे की केंद्रीय आलाकमान पर दबाव बनाने की रणनीति का एक हिस्सा बता रहे हैं। अब उनके दिल्ली आने पर चर्चाओं का बाजार और भी गर्म हो गया है। हालांकि उन्होंने दिल्ली आने की वजह पारिवारिक बताया है।







