मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तबीयत ठीक हो गई है। पिछले एक सप्ताह से बीमार चल रहे थे। वो सीजनल फ्लू की चपेट में थे। डॉक्टरों की सलाह पर आराम कर रहे थे। तबीयत ठीक होते ही मंगलवार को कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई है।
पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद आज पुराने सचिवालय के कैबिनेट हॉल में मीटिंग होगी। इस बैठक से नियोजित शिक्षकों की उम्मीद बढ़ गई है।
सीएम नीतीश कुमार ने नवनियुक्त शिक्षकों के लिए पटना के गांधी मैदान में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में कहा था कि बहुत जल्द ही नियोजित शिक्षकों को मामूली परीक्षा लेकर राज्य कर्मी का दर्जा देंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि कैबिनेट मीटिंग में इसके रूप-रेखा पर मुहर लग सकती है। फिलहाल, राज्य में करीब चार लाख नियोजित शिक्षक अलग-अलग स्कूलों में पढ़ा रहे हैं।

करीब डेढ़ महीने से नहीं हुआ जनता दरबार
मुख्यमंत्री पिछले डेढ़ महीने से जनता दरबार कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पिछला जनता दरबार 16 अक्टूबर 2023 को हुआ था। अक्टूबर महीने के तीसरी सोमवारी को जनता दरबार हुआ था। 48 दिन के बाद सोमवार को जनता का दरबार कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसको लेकर कैबिनेट सचिवालय की ओर से 30 नवंबर को सभी डीएम को आदेश दिया गया था, लेकिन अचानक सोमवार को जनता दरबार रद्द कर दिया गया।
सियासी बयानबाजी तेज
सीएम नीतीश कुमार की तबीयत खराब होने के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई थी। पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने इसे सियासी साजिश बताया है। उन्होंने कहा है कि सीएम के खिलाफ साजिश हो रही है। सोमवार को जीतन राम ने नीतीश कुमार का हेल्थ बुलेटिन जारी करने की मांग की। बता दें कि इसके पहले भी वो सीएम को जहरीला पदार्थ देने की साजिश का आरोप लगा चुके हैं।
पूर्व सीएम मांझी के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी सीएम का हेल्थ बुलेटिन जारी करने की मांग की है। सोशल मीडिया एक्स पर केंद्रीय मंत्री ने लिखा- नीतीश कुमार जी केवल एक गठबंधन के मुख्यमंत्री नहीं बल्कि पूरे बिहार के मुख्यमंत्री हैं। इसलिए जीतन राम मांझी जी की चिंता जायज है और इसकी हमें भी चिंता है ! इसलिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का हेल्थ बुलेटिन जारी होना चाहिए।







