राजस्थान में 25 नवंबर (शनिवार) को 199 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होगा. मतदान के लिए पूरे राज्य में 51,507 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं. इममें ग्रामीण क्षेत्रों में 41,006 मतदान केंद्र और शहरी इलाकों में 10,501 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं. वोटिंग सुबह 7 बजे शुरू होगी. मतदाता शाम 6 बजे तक अपना वोट डाल सकेंगे. राजस्थान चुनाव के लिए पूरे सूबे में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. मतदान के दिन राज्य में 1.70 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे. इसके साथ ही 6,287 माइक्रो ऑब्जर्वर और 6247 सेक्टर अधिकारियों को तैनात किया जाएगा. इसके अलावा राजस्थान पुलिस और होम गार्ड के एक लाख से अधिक जवान भी सुरक्षा में तैनात रहेंगे.
सुरक्षा में तैनात रहेंगी अर्ध-सैनिक बलों की 700 कंपनियां
राजस्थान में शनिवार को होने वाले मतदान के लिए शासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. निष्पक्ष और स्वतंत्र मतदान कराने के लिए राज्य के 199 विधानसभा क्षेत्रों में पुलिसकर्मी, होमगार्ड्स और अर्ध-सैनिक बलों की 700 कंपनियों को तैनात किया जाएगा. जिसमें राजस्थान पुलिस और होम गार्ड के कुल 1,02,290 जवान शामिल है. महानिदेशक पुलिस कानून व्यवस्था राजीव शर्मा ने बताया कि प्रदेश में शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करवाने हेतु 70 हजार से अधिक राजस्थान पुलिस के जवान, 18 हजार राजस्थान होमगार्ड्स, 2 हजार राजस्थान बॉर्डर होमगार्ड्स, 15 हजार अन्य राज्यों के होमगार्ड्स (यूपी-एमपी, हरियाणा, गुजरात), आरएसी की 120 कंपनियां तैनात की जाएगी. इसके अलावा केन्द्रीय अर्ध-सैनिक बल (सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, आरपीएफ आदि) की कंपनियां एवं 18 अन्य राज्यों के सशस्त्र बल समेत कुल एक लाख 70 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा.
11 हजार से ज्यादा संदिग्ध चिन्हित
डीजी कानून व्यवस्था राजीव शर्मा के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के चलते योजनाबद्ध रूप से कार्यवाही करते हुए राजस्थान पुलिस ने पिछले दिनों में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से अतिसंवेदनशील क्षेत्र एवं उनमें निवासरत मतदाताओं की पहचान की है. इसके साथ ही इन क्षेत्रों के मतदाताओं को प्रभावित करने वाले 11,655 संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित कर पाबंद किया गया है. इसके साथ ही स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अलावा केन्द्रीय अर्ध-सैनिक बल के जवान इलाकों में लगातार फ्लैग मार्च और जन संपर्क स्थापित कर रहे है जिसे मतदाताओं में विश्वास पैदा किया जा सके. यही नहीं सीएलजी सदस्यों, ग्राम रक्षक आदि को भी चुनाव के चलते सक्रिय किया गया है.
2.5 लाख से ज्यादा को कोर्ट ने किया पाबंद
इसके अलावा चुनाव के दौरान क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करने वाले आपराधिक व असामाजिक तत्वों को सूचीबद्ध किया गया है. साथ ही उनके खिलाफ की उचित कार्रवाई की गई है. बता दें कि विधान सभा चुनाव की औपचारिक घोषणा के बाद आदर्श आचार संहिता अवधि के दौरान अब तक ऐसे 2.51 लाख लोगों को न्यायालय की ओर से पाबंद किया गया है.
मतदान से पहले जब्त किए गए हथियार
डीजी कानून व्यवस्था शर्मा ने बताया कि चुनाव के चलते अवैध हथियारों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है. इस दौरान 491 बंदूर/रिवॉल्वर और 989 धारदार हथियारों को जब्त किया गया है. वहीं वांछित अपराधियों के विरुद्ध जारी 65,000 से अधिक गिरफ्तारी वारंटों का पिछले 6 सप्ताह में निस्तारण किया गया है. डीजीपी क़ानून व्यवस्था के मुताबिक, राज्य में कुल 52 हजार 139 पोलिंग बूथ पर मतदान कराया जाएगा. वहीं फर्जी वोटरों को पहुंचने से रोकने तथा मतदान दल की सुरक्षार्थ कार्य करेंगे.
कानून व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील पोलिंग बूथ पर केन्द्रीय अर्ध-सैनिक बलों की एक हथियारबंद टुकड़ी लगाई जाएगी. इसके अतिरिक्त जिला निवाचन अधिकारी द्वारा क्रिटिकल पोलिंग बूथ पर लाइव-वेबकास्टिंग एवं उचित स्थानों पर माइक्रो-आब्जर्वर भी नियुक्त किए जाएंगे.







