दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में ठंड (Cold) ने दस्तक देनी शुरू कर दी है. आज दिल्ली में न्यूनतम तापमान (Minimum Temperature) के 9 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है. पूरे एनसीआर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहेगा और शाम या रात को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. एक दिन पहले दिल्ली में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस कम रहा. आईएमडी के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा-चंडीगढ़ और दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6 से 3.0 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया. जबकि देश के बाकी हिस्सों में यह सामान्य तापमान के करीब था. कल देश के मैदानी इलाकों में सीकर (पूर्वी राजस्थान) में सबसे कम न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) 25 और 26 नवंबर को उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ेगा. इसके साथ ही 26 से 28 नवंबर के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र और उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अलग-अलग जगहों पर हल्की बारिश (Rain) होने की संभावना है. 27 नवंबर को उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर आंधी और बिजली के साथ ओले (Hail) गिर सकते हैं. आईएमडी के मुताबिक इसके कारण 24 से 27 तारीख के दौरान मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा, मराठवाड़ा, मध्य प्रदेश और गुजरात में कई जगहों पर गरज और बिजली गिरने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.
आईएमडी के मुताबिक 26 नवंबर को दक्षिण राजस्थान, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश, उत्तर मध्य महाराष्ट्र और उत्तर मराठवाड़ा में अलग-अलग जगहों पर गरज और बिजली के साथ ओले भी गिर सकते हैं. इसके कारण देश के कई हिस्सों को ठंड का असर तेजी के साथ बढ़ सकता है. इस वक्त देश के दक्षिणी राज्यों में बारिश हो रही है. जिसके कारण इन इलाकों में भी तापमान में तेजी से गिरावट देखी जा सकती है. पूरे उत्तर भारत और हिमालय के पहाड़ी इलाकों में बारिश, ओले और बर्फबारी के कारण आने वाले वक्त में तापमान में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है.
बिहार में शुक्रवार को अचानक ठंड बढ़ गई। इसकी वजह तापमान का गिरना था। वहीं कई इलाकों में लोगों को सुबह-सुबह घनी धुंध भी दिखी। बात अगर तापमान की करें तो गुरुवार को सर्वाधिक अधिकतम तापमान सीतामढ़ी के पुपरी में दर्ज किया गया, जो 31.5 डिग्री सेल्सियस था। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान बांका जिले में दर्ज किया गया, जो 11.8 डिग्री सेल्सियस था। राजधानी पटना का अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार अल नीनो पैटर्न के विकसित होने की वजह से बिहार में कड़कड़ाती ठंड के आसार कम ही हैं।
बिहार में मौसम की भविष्यवाणी
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक राकेश कुमार के मुताबिक ‘पिछले 24 घंटों में बिहार का मौसम शुष्क रहा। राज्य में पछुआ और उत्तर पछुआ हवा का प्रवाह सतह से 5.8 किमी ऊपर तक जारी है। वहीं 25 नवंबर के आसपास दक्षिण अंडमान सागर और इसके आसपास के क्षेत्रों में एक चक्रवातीय परिसंचरण बनने और इसके प्रभाव से 26 नवंबर को एक निम्न दबाव का क्षेत्र इसी इलाके में बनने की संभावना है। जिसके पश्चिम उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने और 27 नवंबर के आसपास दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ने और डिप्रेशन में तब्दील होने की संभावना है। बिहार में अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के पश्चिमी भागों के जिलों के न्यूनतम तापमान में 1-2 डिग्री गिरावट की संभावना है।
बिहार में इस साल कम पढ़ेगी ठंड
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस साल अलनीनो का पैटर्न विकसित होने के चलते बिहार में पछुआ हवा जल्द ही रुख बदल कर पुरवैया हो सकती है। अलनीनो के इस प्रभाव के चलते इस साल बिहार में कड़कड़ाती ठंड के आसार कम ही हैं।







