आज से इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2023 (India Mobile Congress 2023) का आगाज हो गया है। देश के इस सबसे बड़े टेक इवेंट का आयोजन दिल्ली के प्रगति मैदान में हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इवेंट का उद्घाटन किया । प्रगति मैदान पर यह कार्यक्रम तीन दिन तक चलेगा। इंडिया मोबाइल कांग्रेस इवेंट का आयोजन दूरसंचार विभाग और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की तरफ से किया जा रहा है।
आपको बता दें कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस का यह सातवां एडिशन है। दुनियाभर से कई देशों के लोग इसमें शामिल होने दिल्ली पहुंच रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक करीब 32 देशों को 1300 से ज्यादा प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे। इसके साथ ही इसमें करीब 400 स्पीकर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। एशिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में Jio, Airtel और Vodafone Idea (Vi) जैसी टेलीकॉम कंपनियां देश में 5G के विस्तार और उसके फायदे को लेकर जानकारी देंगी।
IMC का सातवां एडिशन है बेहद खास
टेक्नोलॉजी की दुनिया में इंडिया मोबाइल कांग्रेस एक बड़ा इवेंट है। IMC का यह सातवां एडिशन कई मायने में बेहद खास होने वाला है। इसमें एक खास प्रोग्राम की भी शुरुआत होगी जो कि एस्पायर प्रोग्राम होगा। इस एस्पायर प्रोग्राम में टेलिकॉम और डिजिटल क्षेत्र में इंट्रेस्ट रखने वाले युवा एटरप्रेन्योर को अपना खुद का बिजनेस शुरू करने में मदद की जाएगी। IMC 2023 को लेकर आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि अब भारत को टेक्नोलॉजी महाशक्ति के तौर पर स्थापित करने का समय आ गया है।
IMC 2023 टेक्नोलॉजी के कई क्षेत्रों के लिए खास होने वाला है। इसमें भारत में आने वाली फ्यूचर टेक्नोलॉजी के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। IMC 2023 में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को लेकर भी बड़े ऐलान हो सकते हैं। इस इवेंट में जिन विषय पर चर्चा हो सकती है वो ब्रॉडकॉस्टिंग, 5G का विस्तार, 6G को लेकर देश की तैयारी, ड्रोन टेक्नोलॉजी को लेकर भी चर्चा हो सकती है।
इस साल IMC का यह सातवां एडिशन है। इसमें 22 देशों के लगभग 1 लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान है। इसमें CEO स्तर के 5000 प्रतिनिधि और 400 स्टार्टअप शामिल होंगे।

स्पेस फाइबर, जियो भारत डिवाइस की जानकारी ली
प्रगति मैदान में पहला स्टॉल जियो इंफोकॉम का है। कंपनी के चेयरमैन आकाश अंबानी ने पीएम मोदी को जियो एयर फाइबर, स्पेस फाइबर समेत अन्य टेक्नोलॉजी की जानकारी दी। यहां जियो भारत डिवाइस को भी डिस्प्ले किया गया है। इस फोन को भी पीएम ने देखा।
स्पेस फाइबर जियो का सैटेलाइट ब्रॉडबैंड है। कंपनी ने बताया कि यह सर्विस पूरे देश में बेहद किफायती कीमतों पर उपलब्ध होगी। कंपनी के अनुसार भारत के चार सबसे दूरस्थ स्थानों को पहले ही जियो स्पेस फाइबर से जोड़ा जा चुका है।
ये हैं गिर (गुजरात), कोरबा (छत्तीसगढ़), नबरंगपुर (ओडिशा), और जोरहाट (असम)। यह सैटेलाइट रिसीवर डिश के जरिए इंटरनेट ट्रांसमिट करने के लिए रेडियो वेव्स का इस्तेमाल करता है, जो एक मॉडेम से जुड़ा होता है। ये 1GB प्रति सेकंड तक की स्पीड देने में सक्षम है।

एरिक्सन 6G जोन में जाकर टेक्नोलॉजी की जानकारी ली
पीएम एरिक्सन अरेना में भी गए। यहां एरिक्सन इंडिया के MD नितिन बंसल ने 6G जोन में इस टेक्नोलॉजी की जानकारी दी। प्रगति मैदन में स्किल डेवलपमेंट और सिटीजन सर्विसेज के लिए AI बेस्ड टेक्नोलॉजी भी प्रदर्शित की गई है। पीएम ने इसकी भी जानकारी ली।
हमने दुनिया का सबसे तेज 5जी रोलआउट किया
- पिछले साल हम यहां 5जी रोलआउट के लिए इकट्ठा हुए थे। पूरी दुनिया भारत को हैरत भरी नज़रों से देख रही थी… हमने दुनिया का सबसे तेज 5जी रोलआउट किया और हर भारतीय तक 5जी पहुंचाने का काम शुरू किया।
- पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में हुए बदलाव से क्या हुआ ये साफ दिखता है। उस समय हम मोबाइल फोन के इंपोर्टर थे। आज हम मोबाइल फोन के एक्सपोर्टर है। आज हम दुनिया के दूसरे बड़े मोबाइल मैन्युफैक्चरर है।
- हम इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में करीब 2 लाख करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट कर रहे हैं। गूगल ने भी हाल ही में घोषणा की है कि वो पिक्सल पोन भारत में बनाएगा। एपल और सैंमसंग के फोन पहले ही भारत में बन रहे हैं।
अब इवेंट की कुछ तस्वीरें देखें…





इवेंट में 6जी टेक्नोलॉजी, ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस
इस बार के इवेंट की थीम ‘ग्लोबल डिजिटल इनोवेशन’ है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस में 5जी के विस्तार, 6जी की तैयारियों, ब्रॉडकास्टिंग, ड्रोन डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन, AI और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी पर फोकस है।
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी देशभर के शैक्षणिक संस्थानों को 100 ‘5जी यूज केस लैब्स’ भी पेश की। INC में एस्पायर प्रोग्राम की भी शुरुआत की गई, जो टेलीकॉम और डिजिटल डोमेन के यंग एंटरप्रेन्योर को खुद का व्यसाय मजबूत करने में मदद करेगा।







