इजरायल-फिलिस्तीन की जंग (Israel Palestine War) का आज पांचवां दिन है.हर बीतते दिन के साथ जंग और भी तेज और क्रूर होती जा रही है. अब तक दोनों तरफ के 3 हजार से ज्यादा नागरिक और सैनिक मारे जा चुके हैं. इस बीच इजरायल ने दावा किया है कि उसने हमास से गाजा बॉर्डर के कुछ क्षेत्रों से कंट्रोल वापस ले लिया है. हमास द्वारा 6 अक्टूबर को इजरायल पर किए गए हमले को देश के 75 साल के इतिहास का सबसे भीषण हमला बताया जा रहा है. हमास के हमले से इज़राइल में मरने वालों की संख्या 900 के पार पहुंच गई है, जबकि गाजा में अब तक 765 लोगों के मारे जाने की जानकारी अधिकारियों की तरफ से दी गई है.
हमास के हमलों का इजरायल भी मुंहतोड़ जवाब दे रहा है. पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार के हमले के बाद इजरायल के सैन्य अभियान को चेतावनी देते हुए कहा है कि यह हमास का खात्मा करने और “मध्य पूर्व को बदलने” के लिए एक निरंतर युद्ध की शुरुआत है. इजरायली सेना द्वारा गाजा में जमीनी घुसपैठ के खौफ के बीच इलाके में संघर्ष बढ़ने की आशंका और भी बढ़ गई है. गाजा पट्टी भीड़भाड़ वाली वह जगह है, जहां से हमास ने यहूदियों के त्योहार वाले दिन इजरायल पर हवाई और समुद्री हमले शुरू किए थे.
रातभर में इजराइल ने गाजा में हमास के 200 ठिकानों पर हमले किए। इजराइल और हमास की जंग में अब तक 2,100 लोगों की मौत हुई है। इनमें से करीब 1,200 इजराइली हैं। वहीं अब तक करीब 900 फिलिस्तीनियों ने भी जान गंवाई है।
मंगलवार रात अमेरिका का पहला ट्रांसपोर्ट प्लेन गोला-बारूद के साथ इजराइल के नेवातिम एयरबेस पर पहुंच गया। दूसरी तरफ, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार जंग को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा- यह युद्ध अमेरिकी विदेश नीति की विफलता है। अमेरिका फिलिस्तीनियों के हित को नजरअंदाज कर रहा है।
बाइडेन ने इजराइल के लिए मदद दोगुना करने की घोषणा की
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से युद्ध के हालात की जानकारी ली। बाइडेन ने मंगलवार देर रात व्हाइट हाउस से अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका इजराइल के साथ है। इजराइल में एक हजार लोगों की अमानवीय तरह से हत्याएं की गई हैं। इनमें 14 अमेरिकी नागरिक मारे गए। इजराइल में नरसंहार हुआ है। इजराइल को इस हमले का जवाब देने का अधिकार है।
इसके साथ ही उन्होंने इजराइल के लिए मदद को दोगुना करने की घोषणा की। बाइडेन ने कहा- यह आतंकवाद है, लेकिन दुख की बात है कि यहूदी लोगों के लिए यह कोई नई बात नहीं है। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया कि इजराइल के साथ एकजुटता दिखाने के लिए विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन आज को इजराइल रवाना होंगे। उनके गुरुवार को इजराइल पहुंचने की उम्मीद है।
सबसे पहले इजराइल और हमास के हमलों से जुड़ी ये 2 तस्वीरें देखिए…


लेबनान के बाद सीरिया से भी इजराइल पर हुए हमले
लेबनान के बाद इजराइल पर सीरिया ने भी हमला कर दिया है। इजराइली सेना ने दावा किया कि वह सीरिया की ओर से हो रही गोलीबारी और रॉकेट हमलों का जवाब तोपखाने और मोर्टार से दे रही है। सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने भी कहा है कि फिलिस्तीनी गुट ने सीरियाई क्षेत्र से इजराइल की तरफ रॉकेट हमले किए।
दूसरी तरफ, लेबनान से भी इजराइल पर दोबारा हमला हुआ। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, लेबनान से 15 रॉकेट दागे गए। ये रॉकेट इजराइल के पश्चिमी शहर गलील और दक्षिणी तटीय शहर अश्कलोन में गिरे।
जवाबी कार्रवाई में इजराइली सेना ने लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के 3 ठिकानों पर हमला किया है। इससे पहले 8 अक्टूबर को लेबनान बॉर्डर से हिजबुल्लाह ने इजराइल पर गोलीबारी और बम दागे थे।
आज के बड़े अपडेट्स…
- मंगलवार रात अमेरिका का पहला ट्रांसपोर्ट प्लेन गोला-बारूद के साथ इजराइल के नेवातिम एयरबेस पर पहुंच गया।
- इजराइली सेना ने अपने क्षेत्र में हमास के करीब 1,500 लड़ाकों के शव बरामद किए हैं।
- इजराइल में घायलों की संख्या 2,900 हो गई है। वहीं, गाजा में 4,600 लोग घायल है।
- इजराइल के हमले में हमास के कमांडर मोहम्मद देइफ के भाई की मौत हो गई।
अब देखिए गाजा पर इजराइल के हमले और तबाही की तस्वीरें…





नेतन्याहू ने मोदी को फोन किया
PM बेंजामिन नेतन्याहू ने 10 अक्टूबर की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया था। उन्होंने मोदी को जंग के बारे में पूरी जानकारी दी। इसके बाद मोदी ने ट्वीट किया- भारत के लोग इस मुश्किल घड़ी में इजराइल के साथ हैं। हम हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ हैं।
इजराइल में हमास के खिलाफ बनेगी यूनिटी गवर्नमेंट
इजराइल में 1973 के बाद पहली बार यूनिटी गवर्नमेंट बनेगी। इसके लिए सत्ताधारी लिकुड पार्टी के गठबंधन ने हामी भर दी है। यानी इजराइल में ऐसी सरकार बनेगी, जिसमें सभी पार्टियां शामिल होंगी। यूनिटी गवर्नमेंट या वॉर कैबिनेट जंग के वक्त बनती है।
गाजा बॉर्डर पर इजराइल का कब्जा
10 अक्टूबर को इजराइल की सेना ने घोषणा की थी कि उन्होंने गाजा बॉर्डर पर कब्जा कर उसे पूरी तरह से सील कर दिया है। दरअसल, 9 अक्टूबर को इजराइल सरकार ने अपनी सेना को पूरी गाजा पट्टी पर कब्जे के आदेश दिए थे।
इजराइल ने 1 लाख सैनिकों को गाजा बॉर्डर पर तैनात किया था। साथ ही 3 लाख सैनिकों को तैयार रहने के लिए कहा गया। इजराइल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने अधिकारियों को गाजा पट्टी में खाना, पानी, बिजली और फ्यूल की सप्लाई बंद करने के भी आदेश दिए थे।
नेतन्याहू बोले- हम पर जंग थोपी गई, अब इसे हम ही खत्म करेंगे
जंग के बीच नेतन्याहू ने कहा कि हमास ने हम पर हमले कर बड़ी गलती की है। हम इसकी ऐसी कीमत वसूलेंगे, जिसे हमास और इजराइल के बाकी दुश्मनों की पीढ़ियां दशकों तक याद रखेंगी।
PM नेतन्याहू ने कहा- हम युद्ध नहीं चाहते थे। हम पर बहुत क्रूर तरीके से यह थोपा गया। हमने भले ही युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन इसका अंत हम ही करेंगे। इजराइल सिर्फ अपने लोगों के लिए नहीं बल्कि बर्बरता के खिलाफ खड़े हर देश के लिए लड़ रहा है।
इजराइल में हमास के हमले और तबाही से जुड़ी तस्वीरें…






हमले से पहले मिस्र ने इजराइल को चेताया था
टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र का कहना है कि उसने ‘जंग’ के सिलसिले में इजराइल को वॉर्निंग दी थी। मिस्र के इंटेलिजेंस अफसर ने कहा- हमने इजराइल को ‘कुछ बड़ा’ होने की चेतावनी दी थी, लेकिन इजराइल ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मिस्र अक्सर इजराइल और हमास के बीच मध्यस्थता करवाता है।
दरअसल, पहले मिस्र उन अरब देशों में शामिल था, जो इजराइल को अपना दुश्मन मानते थे। मिस्र ने इजराइल के खिलाफ कई जंग भी लड़ी है। हालांकि 1973 की अरब-इजराइल जंग के 7 साल बाद ही मिस्र ने इजराइल को देश के तौर पर मान्यता दी थी। तब से इसे इजराइल और फिलिस्तीन के बीच मध्यस्थता कराने वाले देश के तौर पर देखा जाता है।







