पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव की तारीखों का एलान हो गया है। तेलंगाना की बात करें तो यहां 30 नवंबर को चुनाव होंगे और तीन दिसंबर को रिजल्ट घोषित किए जाएंगे। तेलंगाना सरकार का मौजूदा कार्यकाल जनवरी 2024 में खत्म हो रहा है इसीलिए तेलंगाना में दिसंबर में ही चुनाव कराना जरूरी है। अभी राज्य में केसी राव की सरकार है और विधानसभा में बीआरएस की विपक्ष कांग्रेस है। तेलंगाना में इस बार के चुनाव में तीन प्रमुख पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला बताया जा रहा है। यह मुकाबला बीआरएस, कांग्रेस और बीजेपी के बीच होने वाला है। वहीं, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM भी की भी विधानसभा में कुछ सीटें हो सकती है। दक्षिणी राज्यों में तेलंगाना विधानसभा चुनाव काफी अहम है और सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए इस मायने में भी अहम है क्योंकि यह लोकसभा चुनाव 2024 की तस्वीर बताएगा कि दक्षिण के इस राज्य में बीजेपी, कांग्रेस और बीआरएस कहां हैं।
तेलंगाना विधानसभा में कुल सीटें हैं- 119
बहुमत के लिए जरूरी हैं – 60 सीटें
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2018 के रिजल्ट की बात करें तो
टीआरएस को मिली थीं – 88 सीटें
कांग्रेस को मिली थीं – 19 सीटें
टीडी को मिली थीं – 2 सीटें
भाजपा को मिली थी मात्र एक सीट
एआईएमआईएम को मिली थीं- 7 सीटें
आंध्र प्रदेश से अलग होकर जब तेलंगाना नया राज्य बना था तब यहां पहली बार 2014 में विधानसभा चुनाव हुए थे। इस नए राज्य में पहली बार सरकार बनाने के लिए बीआरएस ने 63 सीटें जीती थीं। बीआरएस जो पहले टीआरएस थी उसने न केवल 2018 में सत्ता बरकरार रखी, बल्कि 119 सदस्यीय विधानसभा में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर 88 कर ली थी। वर्तमान में सरकार के पास तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों में से 87 विधानसभा सीटें हैं। इस बार के चुनाव में कौन-सी पार्टी सरकार बनाएगी ये देखना अहम होगा।
अहम राजनीतिक पार्टियां कितनी हैं?
तेलंगाना में इस बार कांग्रेस और बीआरएस के बीच कड़ी टक्कर बताई जा रही है. हालांकि यहां रेस में बीजेपी भी है. 2018 विधानसभा चुनाव में तेलंगाना राष्ट्र समिति (अब भारत राष्ट्र समिति) को 88 सीटों पर जीत मिली थी. के. चंद्रशेखर राव ने यहां सरकार बनाई. टीआरएस के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस थी, जिसके खाते में 19 सीटें थीं. भारतीय जनता पार्टी महज एक सीट पर ही जीत हासिल कर पाई थी. असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम को 7 सीटें मिली थीं, जबकि तेलुगु देशम ने 2 सीटों पर जीत दर्ज की थी. इस बार तेलुगु देशम पार्टी ने पवन कल्याण की पार्टी जनसेना के साथ गठबंधन किया है.






