दो हफ्ते के शानदार आयोजन के बाद एशियन गेम्स 2023 रविवार को हांगझोऊ ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर स्टेडियम में क्लोजिंग सेरेमनी के साथ खत्म हो जाएगा. एशियन गेम्स की क्लोजिंग सेरेमनी भारतीय समय के मुताबिक, शाम 5.30 बजे शुरू होगी. इस इवेंट की लाइव स्ट्रीमिंग और प्रसारण भारत में भी उपलब्ध होगा. ‘हार्ट टू हार्ट’ के स्लोगन के साथ, क्लोजिंग सेरेमनी एक-दूसरे के लिए सौहार्द और सम्मान की भावना पर केंद्रित होगा. समापन समारोह के दौरान एथलीट और वॉलेंटियर पर सबकी नजरें होंगी.
एशियाई खेल 2023 की क्लोजिंग सेरेमनी एक घंटे से कुछ ऊपर तक चलेगी. इसमें टेक्नोलॉजी के साथ-साथ संस्कृति के ज़रिए चीन के विकास को दिखाया जाएगा. क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान हांगझोऊ ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर स्टेडियम का फर्श हजारों चमकदार बिंदुओं के साथ स्क्रीन में बदल जाएगा और इस पर खेलों के यादगार पलों को दिखाया जाएगा. समापन समारोह का समापन डिजिटल टॉर्च बियरर के साथ होगा, जिसे ओपनिंग सेरेमनी में भी शामिल किया गया था. 2 हजार से अधिक कलाकार क्लोजिंग सेरेमनी में परफॉर्म करेंगे.
भारत के लिए हांगझोऊ एशियन गेम्स यादगार रहा है. भारत ने इन खेलों के इतिहास में पहली बार 100 से अधिक पदक जीत इतिहास रचा है. भारत ने 107 पदकों के साथ एशियन गेम्स के अपने अभियान का समापन किया है. भारत ने एशियन गेम्स 2023 में कुल 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज मेडल समेत कुल 107 पदक जीते थे. इससे पहले, भारत का एशियन गेम्स में सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड जर्काता 2018 में 70 पदक था. तब भारत ने 16 गोल्ड मेडल जीते थे और इस बार उससे करीब दोगुने गोल्ड मेडल जीते हैं.
भारत में क्लोजिंग समारोह को लाइव कहां देख सकते हैं?
एशियन गेम्स 2023 के क्लोजिंग सेरेमनी की लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लिव ऐप पर उपलब्ध होगी. भारत में सोनी स्पोर्ट्स टेन 1, सोनी स्पोर्ट्स टेन 2, सोनी स्पोर्ट्स टेन 3, सोनी स्पोर्ट्स टेन 4 या सोनी स्पोर्ट्स टेन 5 टीवी चैनलों पर इसका लाइव प्रसारण भी किया जाएगा.
भारत 37 साल बाद एशियाड के टॉप-5 में रहा:पहली बार मेडल की सेंचुरी
एशियन गेम्स में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पहली बार मेडल की सेंचुरी लगाई। देश ने 72 साल के एशियाड इतिहास में अपना बेस्ट प्रदर्शन किया और कुल 107 मेडल जीते। इनमें 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज शामिल रहे। भारत ने 37 साल बाद मेडल टैली के टॉप-5 पोजिशन में भी फिनिश किया और चीन, जापान, साउथ कोरिया के बाद चौथे स्थान पर रहा।
चीन के हांगझोऊ शहर में 23 सितंबर से 8 अक्टूबर तक हुए ‘एशियाड-2022’ में मेजबान चीन टॉप रहा। उन्होंने 200 गोल्ड, 111 सिल्वर और 71 ब्रॉन्ज मेडल जीते।
इस स्टोरी में हम भारत के एशियन गेम्स प्रदर्शन को एनालाइज करेंगे। जानेंगे कि किन खेलों में भारत ने बेस्ट प्रदर्शन किया और चीन की मौजूदा टैली से ज्यादा मेडल जीतने लिए भारत को अब कितना समय लग सकता है।
100 मेडल का टारगेट था, 107 जीत लिए
एशियन गेम्स शुरू होने से पहले इंडियन ओलिपिंक एसोसिएशन (IOA) ने 100 मेडल जीतने का टारगेट रखा था। IOA अध्यक्ष पीटी उषा ने प्लेयर्स को इंस्पायर करने के लिए ‘इस बार सौ पार’ का नारा दिया था। एशियाड खेलने गए भारत के 653 प्लेयर्स ने 100 मेडल जीतने के सपने को साकार किया और पूरे 107 मेडल देश को दिलाए।
72 साल के एशियन गेम्स इतिहास में भारत का यह बेस्ट प्रदर्शन भी रहा। देश को 2018 के पिछले एशियाड में 70 मेडल मिले थे, इस बार खिलाड़ियों ने 37 और मेडल जीतकर अपना रिकॉर्ड बेहतर किया।
68 साल बाद टूटा था गोल्ड मेडल का रिकॉर्ड, इसे 5 साल में ही सुधार लिया
1951 के दौरान नई दिल्ली में पहली बार एशियाड हुए थे, तब हमने 15 गोल्ड जीतकर मेडल टैली में सेकेंड रैंक हासिल की थी। 15 गोल्ड के इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए देश को 68 साल का समय लग गया, जब 2018 में हमने 16 गोल्ड मेडल जीते। लेकिन अब 5 साल में ही इस रिकॉर्ड खिलाड़ियों ने सुधार कर 28 गोल्ड मेडल तक पहुंचा दिया।
46 मेडल महिला खिलाड़ियों ने दिलाए
पुरुष और महिला दोनों ही वर्ग के खिलाड़ियों ने भारत की ऐतिहासिक सक्सेस में बराबर रोल निभाया। 107 में से 43% यानी कुल 46 मेडल महिला खिलाड़ियों ने दिलाए। 48% मेडल (52) पुरुष खिलाड़ियों ने वहीं, 9 मेडल मिक्स्ड इवेंट में भी मिले। यानी महिला और पुरुष दोनों ही वर्ग में खिलाड़ियों ने बराबर ग्रोथ कर देश को सफलता दिलाई।
आर्चरी, एथलेटिक्स, क्रिकेट, कबड्डी, शूटिंग और स्क्वॉश के महिला इवेंट्स में भारत ने तेजी से ग्रोथ किया और गोल्ड मेडल जीते। पुरुष खिलाड़ियों ने भी इन खेलों के अलावा बैडमिंटन, हॉकी और घुड़सवारी में भी भारत को ऐतिहासिक गोल्ड मेडल दिलाए।
शूटिंग और एथलेटिक्स में मिले 48% मेडल
शूटर्स ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया और देश के लिए सबसे ज्यादा 7 गोल्ड मेडल जीते। वे शूटिंग की मेडल टैली में केवल चीन के बाद दूसरे नंबर पर रहे। शूटर्स ने 2006 के दोहा एशियाड में किए अपने प्रदर्शन का रिकॉर्ड तोड़ा, तब उन्होंने 3 गोल्ड, 5 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज जीते थे। इस बार शूटर्स ने 9 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज भी जीते।
हर बार की तरह एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा मेडल मिले। एथलीट्स ने 6 गोल्ड, 14 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल दिलाए। आर्चरी तीसरा बेस्ट स्पोर्ट रहा, इस इवेंट में देश को 5 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ही ब्रॉन्ज मेडल मिले। भारत के 27% मेडल एथलेटिक्स, करीब 21% मेडल शूटिंग और 8% मेडल आर्चरी से आए। यानी देश को 56% मेडल 3 ही खेलों ने दिला दिए। इन खेलों में कुल 18 गोल्ड मेडल भी मिले, जो भारत की गोल्ड मेडल टैली का 64% हिस्सा है।
22 खेलों में मेडल मिले, 10 में गोल्ड
भारत ने इस बार 22 खेलों में मेडल जीते, जिनमें से 10 में गोल्ड भी मिले। हॉकी, घुड़सवारी, टेनिस और बैडमिंटन में एक-एक गोल्ड मेडल मिला। कबड्डी और क्रिकेट में हमारी मेंस और विमेंस दोनों टीमों ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि स्क्वॉश में भी 2 गोल्ड मेडल मिले। इनके साथ शूटिंग, एथलेटिक्स और आर्चरी में तो प्रदर्शन शानदार रहा ही।







