केंद्र सरकार ने 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। आज सत्र का पहला दिन है। पीएम नरेंद्र मोदी लोकसभा में 11 बजे स्पीच देंगे। उससे पहले पीएम ने संसद भवन पहुंचकर मीडिया से बातचीत में कहा- ये सत्र छोटा है लेकिन समय के लिहाज से बड़ा है।
पीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा- सभी सांसद उमंग और उत्साह के वातावरण में मिले। रोने-धोने के लिए बहुत समय होता है करते रहिए। जीवन में कुछ पल ऐसे भी होते हैं, जो उमंग से भर देते हैं। मैं इस छोटे सत्र को इसी रूप में देखता हूं।
दरअसल विपक्ष लगातार सरकार के एजेंडे पर सवाल उठाता आ रहा है। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा- पीएम कुछ हैरान करने वाला लेकर आ रहे हैं। वहीं सरकार का कहना है उन्होंने एजेंडा पहले ही क्लियर कर दिया है।
इस बीच पीएम मोदी वरिष्ठ मंत्रियों के साथ मीटिंग कर रहे हैं जिसमें अमित शाह और राजनाथ सिंह और अन्य सीनियर लीडर शामिल हैं।
सत्र के पहले दिन 75 सालों की संसदीय यात्रा, उपलब्धियां, अनुभव, यादों और सीख पर चर्चा होगी। 19 सितंबर से स्पेशल सत्र नए संसद भवन में शुरु होगा।
संसद का आज से विशेष सत्र शुरू हो रहा है. संसद के विशेष सत्र में एक देश एक चुनाव, महिला आरक्षण, समान नागरिक संहिता सहित कई संविधान संशोधन समेत बिल पेश होने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं. जिसपर हंगामा होना तय है. ये सत्र पांच दिन यानि आज से 22 सितंबर तक चलेगा, इसमें 5 बैठकें होनी है.
इससे पहले रविवार को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने नए भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया.
आज सत्र के पहले दिन राज्यसभा में 75 सालों की संसदीय यात्रा, उपलब्धियां, अनुभव, यादों और सीख पर चर्चा होगी. बता दें कि सत्र की पहले दिन की कार्यवाही पुरानी संसद में ही होगी. इसके बाद 19 सितंबर को नई संसद में कामकाज शुरू हो जाएगा.
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, पहले दिन सत्र पुराने संसद भवन में चलेगा. अगले दिन यानी 19 सितंबर को पुराने संसद में फोटो सेशन होगा, फिर 11 बजे सेंट्रल हॉल में एक समारोह होगा. उसके बाद हम नई संसद में प्रवेश करेंगे. नई संसद में 19 को संसद का सत्र चलेगा और 20 से नियमित सरकारी कामकाज होगा
ये चार बिल संसद के विशेष सत्र का एजेंडा
संसद के विशेष सत्र के एजेंडे के तौर पर चार बिल की बात कही है. जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन से जुड़ा बिल, अधिवक्ता संशोधन बिल, पोस्ट ऑफिस बिल, प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ पीरियोडिकल बिल शामिल है.
- मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन से जुड़ा बिल
- अधिवक्ता संशोधन बिल
- पोस्ट ऑफिस बिल
- प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ पीरियोडिकल बिल
सरकार की ओर से सभी कैबिनेट मंत्रियों, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और राज्यमंत्रियों को विशेष सत्र के पांच दिन सदन की पूरी कार्यवाही के दौरान पूरे समय मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है.







