ADVERTISEMENT
Sunday, July 5, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

भारत के साथ इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाएंगे यूरोप-मिडिल ईस्ट:ये चीन के BRI का जवाब

UB India News by UB India News
September 11, 2023
in कारोबार, खास खबर
0
भारत के साथ इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाएंगे यूरोप-मिडिल ईस्ट:ये चीन के BRI का जवाब
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

भारत की राजधानी में हुई G20 समिट को एक ऐतिहासिक डील के लिए याद किया जाएगा। यह डील भारत, यूरोप और मिडिल ईस्ट यानी खाड़ी देशों के बीच हुई है। इसे भारत, यूरोप, मिडिल ईस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर डील कहा गया है। इसे चीन के दो प्रोजेक्ट्स का जवाब माना जा रहा है। ये हैं- बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) और चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर या CPEC। एक लिहाज से CPEC को BRI का ही हिस्सा माना जाता है।

फिलहाल, 8 देश इस इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा हैं। इस डील के बेशुमार फायदे हैं और इसे 10 साल में कम्पलीट करने का टारगेट है। इकोनॉमिक कॉरिडोर की अहमियत को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने साफ किया। कहा- वन अर्थ, वन फ्यूचर और वन फैमिली का फॉर्मूला प्राइम मिनिस्टर मोदी ने दिया, उनका शुक्रिया।

RELATED POSTS

कूटनीति की नई उड़ान, आज से 6 देशों के दौरे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर…

लोक संस्कृति की अमर स्वर-साधिका तीजन बाई……………….

फिलहाल, डील में ये देश शामिल
भारत, यूनाइटेड अरब ऑफ एमीरेट्स (UAE), सऊदी अरब, यूरोपीय यूनियन (EU), इटली, जर्मनी, फ्रांस और अमेरिका। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने पिछले दिनों इस डील की तरफ इशारा करते हुए कहा था- हो सकता है, जल्द ही कुछ और देश एक खास इकोनॉमिक डील का हिस्सा बनें। इनमें से कुछ नाम आपको चौंका भी सकते हैं।

भारत-यूरोप-मिडिल ईस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर की डील के ऐलान के बाद प्रेसिडेंट बाइडेन, सऊदी क्राउन प्रिंस और मोदी काफी देर तक बातचीत करते देखे गए।
भारत-यूरोप-मिडिल ईस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर की डील के ऐलान के बाद प्रेसिडेंट बाइडेन, सऊदी क्राउन प्रिंस और मोदी काफी देर तक बातचीत करते देखे गए।

किसने क्या कहा

  • मोदी – भारत-यूरोप-मिडिल ईस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर पर समझौता बेहद अहम है। भारत सरकार ने कनेक्टिविटी को सबसे ज्यादा अहमियत दी है। ग्लोबल साउथ में कनेक्टिविटी गैप है। हम पहले इसे कम करना चाहते हैं और धीरे-धीरे इसे खत्म करने की कोशिश करेंगे। इससे नेक्स्ट जेनरेशन को फायदा होगा।
  • जो बाइडेन- प्रधानमंत्री मोदी को इस पहल के लिए धन्यवाद। भारत ने जबरदस्त काम किया है। वन अर्थ, वन फैमिली और वन फ्यूचर का सुझाव प्रधानमंत्री मोदी ने ही दिया था और यही इस G 20 समिट का फोकस है। ये दुनिया को जोड़ने की शानदार पहल है और फ्यूचर में गेम चेंजर साबित होने वाला है। अमेरिका अपने साथियों की मदद से इस सपने को साकार करेगा। 10 साल में हम इसे हकीकत साबित कर देंगे।
  • उर्सला वॉन डेर लिन (यूरोपीय यूनियन चीफ) – ये ऐतिहासिक है। इससे रेल नेटवर्क भी बनेगा जो 40% फास्ट होगा। मोदी का यह विजन शानदार है। यह फास्टर, क्लीनर और शॉर्टर है। पहली बार दो महाद्वीप जुड़ेंगे। छोटे से छोटे और गरीब देशों का फायदा होगा।
  • एमैनुएल मैक्रों (फ्रांस के राष्ट्रपति) – इस बारे में सब कुछ कहा जा चुका है। मैं नई दिल्ली में वादा करता हूं कि फ्रांस इसमें इन्वेस्टमेंट भी करेगा और शानदार टेक्नोलॉजी भी देगा। इससे कई देशों में विकास होगा, क्योंकि नया इन्फ्रास्ट्रक्चर बनेगा।
भारत-यूरोप-मिडिल ईस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर पर लंबे वक्त से बातचीत चल रही थी। माना जा रहा है कि शुक्रवार को मोदी और बाइडेन की बातचीत के बाद इस पर आखिरी मुहर लगी। एक अमेरिकी अफसर ने भी इस तरफ इशारा किया है।
भारत-यूरोप-मिडिल ईस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर पर लंबे वक्त से बातचीत चल रही थी। माना जा रहा है कि शुक्रवार को मोदी और बाइडेन की बातचीत के बाद इस पर आखिरी मुहर लगी। एक अमेरिकी अफसर ने भी इस तरफ इशारा किया है।

इस डील की खास बातें

  • सबसे ज्यादा फायदा तीनों रीजन में पड़ने वाले गरीब और मिडिल इनकम वाले देशों को होगा। अमेरिका के डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर जॉन फिनर ने मीडिया से कहा- इसके नतीजों के लिए 10 साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बहुत जल्द आप बहुत बड़ी तब्दीलियां देखेंगे।
  • USA टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक- प्रेसिडेंट बाइडेन के लिए यह समिट बहुत खास साबित हो रही है। वो चीन के मामले में नर्म माने जाते थे, लेकिन उन्होंने जबरदस्त जवाब दिया और दुनिया को BRI का विकल्प दे दिया। इसमें भारत समेत हर ताकतवर देश अमेरिका के साथ है।
  • अब मिडिल ईस्ट रीजन भारत और यूरोप के साथ न सिर्फ रेल बल्कि पोर्ट के जरिए भी सीधे जुड़ेंगे। इससे हर किसी को फायदा होगा। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ऑयल इकोनॉमी को बिजनेस बेस्ड बनाना चाहते हैं। उन्हें मालूम है कि यह उनके विजन 2030 को पूरा करेगा।
  • अमेरिका के डिप्टी एनएसए फिनर ने खुद कहा- यह कितनी बड़ी कामयाबी है, इसका जल्द पता चलेगा। इस डील के बारे में लोग तक ज्यादा समझ पाएंगे, जब इसका काम शुरू होगा। इससे हर क्षेत्र में तनाव भी कम होगा।
  • हालिया वक्त में चीन की कोशिश रही है कि वो UAE और सऊदी अरब में दबदबा बढ़ाकर अमेरिका और भारत को यहां कमजोर करे। अब सऊदी क्राउन प्रिंस ने एक बार फिर अमेरिका के पाले में जाने की तरफ इशारा कर दिया है। ये इसलिए भी अहम है, क्योंकि कोरोना के दौर के बाद चीन की इकोनॉमी दिन-ब-दिन कमजोर हो रही है। पिछली चार तिमाही में उसका ग्रोथ रेट हर बार कम रहा है।
  • इकोनॉमी के लिहाज से देखें तो इस डील में शामिल हर देश तेजी से विकास कर रहा है। अब चूंकि यूरोपीय यूनियन भी इसका हिस्सा है तो आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि कम से कम 27 देश इस डील में सिर्फ इस यूनियन से होंगे।
एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन लगातार पश्चिम एशिया में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। भारत और अमेरिका ने यूरोपीय यूनियन के साथ ही सऊदी अरब और UAE को भी बहुत सीक्रेटली इंगेज किया और अब नतीजा सामने है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन लगातार पश्चिम एशिया में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। भारत और अमेरिका ने यूरोपीय यूनियन के साथ ही सऊदी अरब और UAE को भी बहुत सीक्रेटली इंगेज किया और अब नतीजा सामने है।

भारत को क्या फायदा होगा

  • एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन लगातार पश्चिम एशिया में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। चीन की अगुआई में हाल ही में सऊदी अरब और ईरान के बीच समझौता हुआ उसने अमेरिका के साथ-साथ भारत को भी चौंका दिया। इस समझौते से पश्चिमी एशिया में भारत के हित भी प्रभावित हो सकते हैं।
  • प्रोजेक्ट के तहत अगर गल्फ और अरब के बीच के रेलवे नेटवर्क को समुद्री मार्ग से दक्षिण एशिया से जोड़ा जाता है तो इससे भारत तक तेजी और कम लागत में तेल और गैस पहुंचेगी। इस कनेक्टिविटी से खाड़ी देशों में रहने वाले भारत के 80 लाख लोगों को भी फायदा होगा। दूसरी अहम बात ये होगी कि इससे भारत की रेलवे सेक्टर में एक इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्डर के तौर पर ब्रांडिंग होगी।
  • सरकार को लगता है कि भारत का अपने पश्चिम के पड़ोसियों के साथ कनेक्टिविटी पर पाकिस्तान की वजह से असर पड़ा है। इससे उनके साथ रिश्ते बेहतर करने के लिए कई ओवरलैंड रूट बंद हो गए हैं। उदाहरण के लिए चाबहार (ईरान) , बंदर-ए-अब्बास (ईरान), दुक्म (ओमान), जेद्दाह (सऊदी अरब) और कुवैत सिटी। इस चुनौती से निपटने में अब ये डील भारत के रेलवे प्रोजेक्ट में मदद करेगी।
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

भारत की डिप्लोमेसी के धुरंधर निकले जयशंकर…….

कूटनीति की नई उड़ान, आज से 6 देशों के दौरे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर…

by UB India News
July 5, 2026
0

विदेश मंत्री एस. जयशंकर रविवार से चार देशों का दौरा शुरू करेंगे. वे कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान जाएंगे. वहां...

लोक संस्कृति की अमर स्वर-साधिका तीजन बाई……………….

लोक संस्कृति की अमर स्वर-साधिका तीजन बाई……………….

by UB India News
July 5, 2026
0

छत्तीसगढ़ की संस्कृति को देश के कोने-कोने और विदेशों तक पहुंचाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन हो...

पाकिस्तान को आतंकवाद पर नरमी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए…………

पाकिस्तान को आतंकवाद पर नरमी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए…………

by UB India News
July 5, 2026
0

केंद्र सरकार ने गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में रह रहे...

बच्चों का बचपन लाइक्स-व्यूज के बीच…………………

बच्चों का बचपन लाइक्स-व्यूज के बीच…………………

by UB India News
July 5, 2026
0

इंटरनेट मीडिया की दुनिया में आज बच्चों का बचपन लाइक्स और व्यूज के बीच पलने को मजबूर है। बच्चे के...

स्वतंत्रता की मूल भावना क्या है या वास्तव में क्या होनी चाहिए?

स्वतंत्रता की मूल भावना क्या है या वास्तव में क्या होनी चाहिए?

by UB India News
July 5, 2026
0

सन 1944 के मई महीने में न्यूयार्क में न्यायमूर्ति लर्नड हैंड ने ‘स्वतंत्रता के मर्म’ पर एक संक्षिप्त, किंतु कालजयी...

Next Post
राजघाट होने के बाद वियतनाम रवाना हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, G20 के मंच से दे गए चीन को बड़ा सदमा

राजघाट होने के बाद वियतनाम रवाना हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, G20 के मंच से दे गए चीन को बड़ा सदमा

मोरक्को भूकंप में अबतक 2,000 लोगों की मौत , 3 लाख लोग प्रभावित ,3 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा

मोरक्को भूकंप में अबतक 2,000 लोगों की मौत , 3 लाख लोग प्रभावित ,3 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend