ADVERTISEMENT
Thursday, July 30, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

विधान सभा का बदलता स्वरूप……

UB India News by UB India News
September 5, 2023
in Lokshbha2024
0
विधान सभा का बदलता स्वरूप……
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

उत्तर प्रदेश विधान सभा‚ भारत की ऐतिहासिक धरोहरों में से एक विशिष्ट भवन है। इस विशाल और शानदार इमारत के अब से ५ वर्ष बाद २०२८ में इसके निर्माण के १०० वर्ष पूरे हो जाएंगे। इतनी अवधि पूरे होने के बाद भी इमारत की मजबूती और भव्यता शान से अपने इतिहास की गौरव गाथा बताती है।

पिछले कुछ वर्षों में भवन की आंतरिक साज–सज्जा में काफी बदलाव किया गया है। इस सजावट और आकर्षण के चक्कर में मूल भवन की मजबूती के कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है। बहुत कम लोगों को जानकारी होगी और यह जानकर आश्चर्य होगा कि उत्तर प्रदेश विधान सभा कही जाने वाली वर्तमान मूल भवन का जब निर्माण कार्य पूरा हुआ तो इसकी कुल लागत मात्र २१ लाख रु पए थी‚ जबकि आज इस भवन के रखरखाव और साज–सज्जा के नाम पर प्रति वर्ष १०० से १५० करोड़ रु पए का खर्च हो रहा है। ब्रिटिश सरकार के निर्देश में तत्कालीन गवर्नर सर स्पेंसर हरकोर्ट बटलर ने १५ दिसम्बर १९२२ को विधान भवन के निर्माण का प्रस्ताव रखा। इस भवन के निर्माण के वास्तुकार सर स्वीनन जैकब और हीरा सिंह थे। यह बिल्डिंग ब्रिटिश एवं भारतीय निर्माण व वास्तु कला के मिश्रण की अद्भुत देन हैं। इसका निर्माण मेसर्स मार्टिन एंड कंपनी ने किया था। इसके पूर्व तत्कालीन संयुक्त प्रांत की राजधानी १९२२ तक इलाहाबाद में थी। ॥ १९२२ में ब्रिटिश सरकार ने इलाहाबाद से हटाकर लखनऊ को राजधानी बनाया और विधान भवन के निर्माण का प्रस्ताव हुआ। बटलर ने ४ अगस्त १९२३ को भवन निर्माण की नींव रखी। ५ वर्ष में इस भवन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद २१ फरवरी १९२८ को बटलर ने ही इसका उद्घाटन किया। गवर्नर हरकोर्ट बटलर तब आज की बटलर कालोनी की एतिहासिक कोठी में रहते थे। इस कोठी की शान यहां की शानदार झील थी। आज इस इलाके में कई शानदार सरकारी कोठिया तथा बंगले बन गए हैं।

RELATED POSTS

BJP के लिए खुशखबरी! अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में 5 उम्मीदवार जीतेंगे निर्विरोध

दिल्लीवासियों के नाम CM केजरीवाल का जेल से VIDEO संदेश, पत्नी सुनीता ने बढ़कर सुनाया

विधान सभा का इतिहास
ब्रिटिश शासन में पहली बार एम.एन. राय ने १९३४ में संयुक्त राज्य–आज के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड–के लिए विधान सभा के गठन का विचार प्रस्तावित किया। इसके बाद तत्कालीन कांग्रेस पार्टी ने १९३५ में विधान सभा की मांग उठाई। कांग्रेस की मांग थी कि विधान सभा में जनता की समस्याओं के साथ ही उनकी आवाज उठाई जा सकती है। कांग्रेस की मांग पर १९४० में ब्रिटिश संसद ने कैबिनेट मिशन योजना के तहत घटक विधान सभा के चुनाव कराने की अनुमति दी। ब्रिटिश शासन के भारत सरकार अधिनियम १९३५ के तहत संयुक्त प्रांत के लिए सदस्यों की संख्या २२८ निर्धारित की गई। इसका कार्यकाल ५ वर्ष निर्धारित किया गया। संयुक्त प्रांत विधान सभा का गठन १ अप्रैल १९३७ को किया गया। ३१ जुलाई १९३७ को संयुक्त विधान सभा के सभापति तथा उप सभापति का निर्वाचन किया गया। पुरुषोत्तम दास टंडन सभापति और अब्दुल हलीम उप सभापति बने। संयुक्त प्रांत विधान सभा के सदस्य के रूप में तत्कालीन कई बड़े राजनेता शामिल रहे। इसकी कार्य संचालन नियमावली और सदन के निर्देशों को लेकर ब्रिटिश सरकार जब तब विरोध करती रही‚ जिसके कारण कुछ सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया। आजादी के बाद ३ नवम्बर १९४७ को संयुक्त प्रांत की नई विधान सभा का गठन किया गया। ४ नवम्बर १९४७ की पहली बैठक में विधान सभा की कार्यवाही एवं संचालन नियमावली बनाई गई। विधान सभा की कार्यवाही के लिए हिंदी भाषा को अनिवार्य किया गया। तब के संयुक्त प्रांत में रामपुर और टिहरी गढ़वाल जैसी बड़ी रियासतें थी। २५ जनवरी १९५० को सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रयास से इन रियासतों को मिलाकर संयुक्त प्रांत को उत्तर प्रदेश बना दिया गया। पंडित गोविंद वल्लभ पंत इसके पहले मुख्यमंत्री बने।

वर्तमान विधान सभा १८वीं है। इसके अध्यक्ष सतीश महाना है। वैसे विधा सभा के आंतरिक साज–सज्जा को लेकर दशकों से कम चल रहा है। २०१७ में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद इस दिशा में काफी तेजी आई है। विधान भवन के द्वितीय तल के गलियारे की साज–सज्जा एवं खूबसूरत लाइटिंग दर्शकों को आकर्षित कर रही है‚ तो इनके फर्श के रंग बिरंगे पत्थर चार चांद लगा रहे हैं। प्रथम तल पर प्रवेश द्वार के गलियारे में लगाई गई बड़ी–बड़ी इलेक्ट्रानिक स्क्रीन चकाचौंध पैदा कर रही है। ई वीथिका से विधान सभा के इतिहास से लेकर अन्य जानकारियों की अनमोल धरोहर को संजोया जा रहा है। देश की बड़ी लाइब्रेरी में शामिल विधान सभा लाइब्रेरी का डिजीटलाइजेशन किया जा रहा है। विधानसभा का मुख्य मंडप अलग ही छटा बिखेर रहा है। अब हर विधानसभा सदस्य की सीट पर टैबलेट लगे हैं। पूरी विधान सभा की कार्यवाही डिजिटल हो गई है। विधान भवन के बाहरी हिस्से की लाइटिंग के लिए नई एलईडी लाइट लगाई गई है। इस साज–सज्जा से विधान भवन के बाहरी से लेकर अंदरूनी हिस्से का स्वरूप ही बदल गया है।

उत्तर प्रदेश विधान सभा‚ भारत की ऐतिहासिक धरोहरों में से एक विशिष्ट भवन है। इस विशाल और शानदार इमारत के अब से ५ वर्ष बाद २०२८ में इसके निर्माण के १०० वर्ष पूरे हो जाएंगे। इतनी अवधि पूरे होने के बाद भी इमारत की मजबूती और भव्यता शान से अपने इतिहास की गौरव गाथा बताती है।

पिछले कुछ वर्षों में भवन की आंतरिक साज–सज्जा में काफी बदलाव किया गया है। इस सजावट और आकर्षण के चक्कर में मूल भवन की मजबूती के कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है। बहुत कम लोगों को जानकारी होगी और यह जानकर आश्चर्य होगा कि उत्तर प्रदेश विधान सभा कही जाने वाली वर्तमान मूल भवन का जब निर्माण कार्य पूरा हुआ तो इसकी कुल लागत मात्र २१ लाख रु पए थी‚ जबकि आज इस भवन के रखरखाव और साज–सज्जा के नाम पर प्रति वर्ष १०० से १५० करोड़ रु पए का खर्च हो रहा है। ब्रिटिश सरकार के निर्देश में तत्कालीन गवर्नर सर स्पेंसर हरकोर्ट बटलर ने १५ दिसम्बर १९२२ को विधान भवन के निर्माण का प्रस्ताव रखा। इस भवन के निर्माण के वास्तुकार सर स्वीनन जैकब और हीरा सिंह थे। यह बिल्डिंग ब्रिटिश एवं भारतीय निर्माण व वास्तु कला के मिश्रण की अद्भुत देन हैं। इसका निर्माण मेसर्स मार्टिन एंड कंपनी ने किया था। इसके पूर्व तत्कालीन संयुक्त प्रांत की राजधानी १९२२ तक इलाहाबाद में थी। ॥ १९२२ में ब्रिटिश सरकार ने इलाहाबाद से हटाकर लखनऊ को राजधानी बनाया और विधान भवन के निर्माण का प्रस्ताव हुआ। बटलर ने ४ अगस्त १९२३ को भवन निर्माण की नींव रखी। ५ वर्ष में इस भवन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद २१ फरवरी १९२८ को बटलर ने ही इसका उद्घाटन किया। गवर्नर हरकोर्ट बटलर तब आज की बटलर कालोनी की एतिहासिक कोठी में रहते थे। इस कोठी की शान यहां की शानदार झील थी। आज इस इलाके में कई शानदार सरकारी कोठिया तथा बंगले बन गए हैं।

विधान सभा का इतिहास
ब्रिटिश शासन में पहली बार एम.एन. राय ने १९३४ में संयुक्त राज्य–आज के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड–के लिए विधान सभा के गठन का विचार प्रस्तावित किया। इसके बाद तत्कालीन कांग्रेस पार्टी ने १९३५ में विधान सभा की मांग उठाई। कांग्रेस की मांग थी कि विधान सभा में जनता की समस्याओं के साथ ही उनकी आवाज उठाई जा सकती है। कांग्रेस की मांग पर १९४० में ब्रिटिश संसद ने कैबिनेट मिशन योजना के तहत घटक विधान सभा के चुनाव कराने की अनुमति दी। ब्रिटिश शासन के भारत सरकार अधिनियम १९३५ के तहत संयुक्त प्रांत के लिए सदस्यों की संख्या २२८ निर्धारित की गई। इसका कार्यकाल ५ वर्ष निर्धारित किया गया। संयुक्त प्रांत विधान सभा का गठन १ अप्रैल १९३७ को किया गया। ३१ जुलाई १९३७ को संयुक्त विधान सभा के सभापति तथा उप सभापति का निर्वाचन किया गया। पुरुषोत्तम दास टंडन सभापति और अब्दुल हलीम उप सभापति बने। संयुक्त प्रांत विधान सभा के सदस्य के रूप में तत्कालीन कई बड़े राजनेता शामिल रहे। इसकी कार्य संचालन नियमावली और सदन के निर्देशों को लेकर ब्रिटिश सरकार जब तब विरोध करती रही‚ जिसके कारण कुछ सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया। आजादी के बाद ३ नवम्बर १९४७ को संयुक्त प्रांत की नई विधान सभा का गठन किया गया। ४ नवम्बर १९४७ की पहली बैठक में विधान सभा की कार्यवाही एवं संचालन नियमावली बनाई गई। विधान सभा की कार्यवाही के लिए हिंदी भाषा को अनिवार्य किया गया। तब के संयुक्त प्रांत में रामपुर और टिहरी गढ़वाल जैसी बड़ी रियासतें थी। २५ जनवरी १९५० को सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रयास से इन रियासतों को मिलाकर संयुक्त प्रांत को उत्तर प्रदेश बना दिया गया। पंडित गोविंद वल्लभ पंत इसके पहले मुख्यमंत्री बने।

वर्तमान विधान सभा १८वीं है। इसके अध्यक्ष सतीश महाना है। वैसे विधा सभा के आंतरिक साज–सज्जा को लेकर दशकों से कम चल रहा है। २०१७ में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद इस दिशा में काफी तेजी आई है। विधान भवन के द्वितीय तल के गलियारे की साज–सज्जा एवं खूबसूरत लाइटिंग दर्शकों को आकर्षित कर रही है‚ तो इनके फर्श के रंग बिरंगे पत्थर चार चांद लगा रहे हैं। प्रथम तल पर प्रवेश द्वार के गलियारे में लगाई गई बड़ी–बड़ी इलेक्ट्रानिक स्क्रीन चकाचौंध पैदा कर रही है। ई वीथिका से विधान सभा के इतिहास से लेकर अन्य जानकारियों की अनमोल धरोहर को संजोया जा रहा है। देश की बड़ी लाइब्रेरी में शामिल विधान सभा लाइब्रेरी का डिजीटलाइजेशन किया जा रहा है। विधानसभा का मुख्य मंडप अलग ही छटा बिखेर रहा है। अब हर विधानसभा सदस्य की सीट पर टैबलेट लगे हैं। पूरी विधान सभा की कार्यवाही डिजिटल हो गई है। विधान भवन के बाहरी हिस्से की लाइटिंग के लिए नई एलईडी लाइट लगाई गई है। इस साज–सज्जा से विधान भवन के बाहरी से लेकर अंदरूनी हिस्से का स्वरूप ही बदल गया है।

 

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

BJP के लिए खुशखबरी! अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में 5 उम्मीदवार जीतेंगे निर्विरोध

BJP के लिए खुशखबरी! अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में 5 उम्मीदवार जीतेंगे निर्विरोध

by UB India News
March 28, 2024
0

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के मुक्तो विधानसभा सीट से निर्विरोध जीतने की संभावना है. इसके साथ ही वह...

दिल्लीवासियों के नाम CM केजरीवाल का जेल से VIDEO संदेश, पत्नी सुनीता ने बढ़कर सुनाया

दिल्लीवासियों के नाम CM केजरीवाल का जेल से VIDEO संदेश, पत्नी सुनीता ने बढ़कर सुनाया

by UB India News
March 23, 2024
0

दिल्ली शराब नीति केस में प्रवर्तन निदेशालय की रिमांड पर चल रहे आम आदमी पार्टी के संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद...

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के 3 अयोग्य विधायकों ने दिया इस्तीफा, भाजपा में हो सकते हैं शामिल

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के 3 अयोग्य विधायकों ने दिया इस्तीफा, भाजपा में हो सकते हैं शामिल

by UB India News
March 23, 2024
0

हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ते राजनीतिक संकट के बीच कई पूर्व विधायक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो सकते...

उम्मीदवार घोषित करने में बीजेपी ने क्यों की जल्दबाजी?

मिशन-370 के लिए दक्षिण के भरोसे PM मोदी? BJP की कौनसी रणनीति आएगी काम

by UB India News
March 21, 2024
0

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) को लेकर BJP के नेतृत्व में NDA की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं....

राजद से टिकट की आस बाहुबली अशोक महतो ने शादी रचाई

राजद से टिकट की आस बाहुबली अशोक महतो ने शादी रचाई

by UB India News
March 20, 2024
0

लोकसभा चुनाव शुरू होने में अब काफी कम समय बाकी रह गया है। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे...

Next Post
क्रूरता की दोषी महिलाएं…….

क्रूरता की दोषी महिलाएं.......

तैयार हैं हम’ का संदेश…

तैयार हैं हम' का संदेश...

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend