ADVERTISEMENT
Monday, July 27, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

चंद्रयान-3 आज रात 2 बजे चंद्रमा के और करीब आएगा, लैंडर ने चांद की भेजीं तस्वीरें

UB India News by UB India News
August 20, 2023
in अंतरिक्ष
0
चंद्रयान-3 आज रात 2 बजे चंद्रमा के और करीब आएगा, लैंडर ने चांद की भेजीं तस्वीरें
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

इसरो आज रात 2 बजे चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर को डीबूस्टिंग के जरिए चंद्रमा के और करीब लाएगा। डीबूस्टिंग यानी स्पेसक्राफ्ट की रफ्तार को धीमी करना। इस ऑपरेशन के बाद लैंडर की चंद्रमा से न्यूनतम दूरी 30 किमी और अधिकतम दूरी 100 किलोमीटर रह जाने की उम्मीद है।
सबसे कम दूरी से ही 23 अगस्त को शाम 5:47 बजे सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास किया जाएगा। 23 अगस्त को लैंडिंग में समस्या आती है तो एक महीने बाद फिर प्रयास होगा। क्योंकि चंद्रयान-3 को अगली सुबह का इंतजार करना होगा, जो वहां 28 दिन बाद होगी।

अभी विक्रम लैंडर की चंद्रमा से सबसे कम दूरी 113 Km और सबसे ज्यादा दूरी 157 Km है। इसरो ने 18 अगस्त को डीबूस्टिंग के जरिए लैंडर की ऑर्बिट घटाई थी। डीबूस्टिंग में यान के चलने की दिशा के अपोजिट डायरेक्शन में थ्रस्टर फायर किए जाते हैं।

RELATED POSTS

मंगल, चांद, सूरज और समुद्र… विक्रम-1 की सफल लॉन्चिंग के साथ भारत ने अंतरिक्ष में गाड़े झंडे

भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च कामयाब:450 किमी ऊपर कक्षा में पहुंचा; पीएम मोदी ने फोन पर बधाई दी

लैंडर ने चंद्रमा की तस्वीरें खींची
इससे पहले 17 अगस्त को चंद्रयान-3 के प्रोपल्शन मॉड्यूल को लैंडर-रोवर से अलग किया गया था। सेपरेशन के बाद लैंडर ने प्रोपल्शन मॉड्यूल से कहा- ‘थैक्स फॉर द राइड मेट।’ इस दौरान लैंडर पर लगे कैमरे ने प्रोपल्शन मॉड्यूल की फोटो के साथ चंद्रमा की भी तस्वीरें खींचीं।

4 जरूरी सवालों के जवाब…

डीबूस्टिंग कैसे पूरी होगी: चंद्रयान के लैंडर के चार पैरों के पास लगे 800 न्यूटन शक्ति के 1-1 थ्रस्टर की बदौलत संभव होगा। दो-दो थ्रस्टर 2 चरणों में काम करेंगे।

लैंडिंग में कितनी मुश्किलें: 30 किमी की ऊंचाई से लैंडिंग प्रोसेस शुरू होगी। लैंडर की रफ्तार को 1680 मीटर प्रति सेकेंड से 2 मीटर प्रति सेकेंड पर लानी होगी।

23 अगस्त को ही लैंडिंग क्यों: लैंडर-रोवर दोनों ही पावर जेनरेट करने के लिए सोलर पैनल यूज करेंगे। अभी चंद्रमा पर रात है और 23 तारीख को सूर्योदय होगा।

च्रंद्रयान-3 क्या काम करेगा: प्रोपल्शन मॉड्यूल धरती से आने वाले रेडिएशन्स का अध्ययन करेगा। लैंडर-रोवर सतह पर पानी की खोज सहित अन्य प्रयोग करेंगे।

चंद्रयान-3 आज रात 2 बजे चंद्रमा के और करीब आएगा:

अभी उसकी चंद्रमा से दूरी 113 Km, लैंडर ने चांद की तस्वीरें भेजीं । लैंडर पर लगे कैमरे ने प्रोपल्शन मॉड्यूल की फोटो के साथ चंद्रमा की तस्वीरें खींची। इसरो ने इसे शेयर किया है।

मैं चंद्रयान-3 हूं… मुझे चांद की ग्रैविटी महसूस हो रही है
मिशन की जानकारी देते हुए इसरो ने X पोस्ट में चंद्रयान के भेजे मैसेज को लिखा था, ‘मैं चंद्रयान-3 हूं… मुझे चांद की ग्रैविटी महसूस हो रही है।’ इसरो ने यह भी बताया था कि चंद्रयान-3 सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में स्थापित हो गया है।’ 23 अगस्त को लैंडिंग से पहले चंद्रयान को कुल 4 बार अपनी ऑर्बिट कम करनी है। वो रविवार को एक बार ऑर्बिट कम कर चुका है।

थ्रस्टर तब फायर किए जब ऑर्बिट में चंद्रमा के सबसे करीब था चंद्रयान

इसरो ने बताया था कि पेरिल्यून में रेट्रो-बर्निंग का कमांड मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स (MOX), ISTRAC, बेंगलुरु से दिया गया था।

पेरिल्यून यानी वह पॉइंट जिस पर चंद्र कक्षा में एक यान चंद्रमा के सबसे करीब होता है।

रेट्रो-बर्निंग यान के थ्रस्टर को अपोजिट डायरेक्शन में फायर करने को कहा जाता है।

यान की स्पीड धीमी करने के लिए अपोजिट डायरेक्शन में थ्रस्टर फायर किए जाते हैं।

अब तक का चंद्रयान-3 का सफर…
इस मिशन को तीन हिस्सों में बांटा जा सकता है:

1. पृथ्वी से उसकी कक्षा तक का सफर

  • 14 जुलाई को चंद्रयान पृथ्वी की 170 km x 36,500 km की ऑर्बिट में छोड़ा।
  • 15 जुलाई को पहली बार ऑर्बिट बढ़ाकर 41,762 km x 173 km की गई।
  • 17 जुलाई को दूसरी बार ऑर्बिट बढ़ाकर 41,603 km x 226 km की गई।
  • 18 जुलाई को तीसरी बार ऑर्बिट बढ़ाकर 51,400 km x 228 km की गई।
  • 20 जुलाई को चौथी बार ऑर्बिट बढ़ाकर 71,351 x 233 Km की गई।
  • 25 जुलाई को 5वीं बार ऑर्बिट बढ़ाकर 1,27,603 km x 236 km की गई।

2. पृथ्वी की कक्षा से चंद्रमा की कक्षा का सफर

31 जुलाई और 1 अगस्त की रात चंद्रयान पृथ्वी की कक्षा से चंद्रमा की ओर बढ़ गया।

5 अगस्त को चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की 164 Km x 18074 Km की कक्षा में प्रवेश किया।

3. चंद्रमा की कक्षा से लैंडिंग तक का सफर

6 अगस्त को चंद्रयान की ऑर्बिट पहली बार घटाकर 170 Km x 4313 Km की गई।

9 अगस्त को चंद्रयान की ऑर्बिट दूसरी बार घटाकर 174 km x 1437 km की गई।

14 अगस्त को चंद्रयान की तीसरी बार ऑर्बिट घटाकर 150 Km x 177 Km की गई।

16 अगस्त को चंद्रयान 153 Km X 163 Km की करीब-करीब गोलाकार कक्षा में आ गया।

17 अगस्त को चंद्रयान-3 के प्रोपल्शन मॉड्यूल को लैंडर-रोवर से अलग किया गया।

18 अगस्त को विक्रम लैंडर डीबूस्टिंग प्रोसेस से 113 x 157 Km की कक्षा में आ गया।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

मंगल, चांद, सूरज और समुद्र… विक्रम-1 की सफल लॉन्चिंग के साथ भारत ने अंतरिक्ष में गाड़े झंडे

मंगल, चांद, सूरज और समुद्र… विक्रम-1 की सफल लॉन्चिंग के साथ भारत ने अंतरिक्ष में गाड़े झंडे

by UB India News
July 18, 2026
0

भारत ने मंगल और चंद्रमा पर अंतरिक्ष यान भेजे हैं, सैकड़ों उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया है और अब...

भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च कामयाब:450 किमी ऊपर कक्षा में पहुंचा; पीएम मोदी ने फोन पर बधाई दी

भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च कामयाब:450 किमी ऊपर कक्षा में पहुंचा; पीएम मोदी ने फोन पर बधाई दी

by UB India News
July 19, 2026
0

भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है. शनिवार (18 जुलाई) को स्काईरूट एयरोस्पेस के ikram-1 रॉकेट...

इसरो का PSLV-C62 रॉकेट रास्ते से भटका, प्रक्षेपण के बाद तकनीकी समस्या,जांच जारी………..

इसरो से पलायन के बीच नियमों की कठोरता बस तात्कालिक उपाय हैं!

by UB India News
July 18, 2026
0

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों और अभियंताओं के बढ़ते पलायन के बीच अंतरिक्ष विभाग द्वारा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और...

अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन दो रूसी सहयोगियों के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे

अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन दो रूसी सहयोगियों के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे

by UB India News
July 16, 2026
0

भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन मंगलवार को कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के...

14 जुलाई को डॉ अनिल मेनन स्पेस स्टेशन के लिए भरेंगे उड़ान………………….

14 जुलाई को डॉ अनिल मेनन स्पेस स्टेशन के लिए भरेंगे उड़ान………………….

by UB India News
July 11, 2026
0

भारतीय मूल के नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन 14 जुलाई को कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन...

Next Post
जी-20 मीट में बोले प्रधानमंत्री मोदी, सरकार लाएगी एआई संचालित भाषिणी

जी-20 मीट में बोले प्रधानमंत्री मोदी, सरकार लाएगी एआई संचालित भाषिणी

अररिया में अपराधियों ने दैनिक अखबार के पत्रकार को गोली मारकर की हत्या

अररिया पत्रकार हत्याकांड में पुलिस का एक्शन, 8 नामजद अभियुक्तों में 4 हुए गिरफ्तार

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend