भारतीय अरबपति गौतम अडानी (Gautam Adani) के अडानी ग्रुप पर अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों पर मार्केट रेग्युलेटर सेबी (SEBI) ने अपनी रिपोर्ट फाइनल कर ली है. इस रिपोर्ट को सेबी आज सुप्रीम कोर्ट में सौप सकता है. Supreme Court ने सेबी को मामले में अपनी जांच पूरी करने के लिए 14 अगस्त तक का समय दिया था. अब इस मामले में सुनवाई 29 अगस्त 2023 को होने वाली है.
सेबी ने इन प्वाइंट पर किया है फोकस
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्केट रेग्युलेटर सेबी (Market Regulater SEBI) की जांच खत्म होने के बाद अब नजर अडानी हिंडनबर्ग मामले में कोर्ट के फैसले पर टिक गई है. ये रिपोर्ट आज सोमवार को कोर्ट में सौंपी जा सकती है. गौरतलब है कि इस जांच रिपोर्ट को नियामक ने मामले से जुड़े कई बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए तैयार किया है. इनमें अडानी ग्रुप द्वारा न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (MPS) मानदंडों में खामियों का फायदा उठाकर कंपनियों के स्टॉक्स की कीमतों में हेर-फेर करने, संबंधित लेन-देन से जुड़े खुलासे नहीं करने जैसे बिंदुओं पर फोकस किया गया है.
नियामक ने 6 महीने का मांगा था समय
SEBI ने इस मामले की जांच के लिए कोर्ट से 6 महीने का समय मांगा था. इस संबंध में याचिका दायर कर कहा गया था कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट (Hindenburg Report) में जिन 12 संदिग्ध ट्रांजैक्शन का जिक्र किया गया है वो सीधे सपाट नहीं हैं, बल्कि काफी जटिल हैं, और इनसे जुड़े लेन-देन दुनिया के कई देशों में स्थित फर्म्स से संबंधित हैं. इन सभी 13 लेन-देन से जुड़े आंकड़ों की जांच और नतीजों की पड़ताल करने में अभी काफी समय लगेगा. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त 2023 तक सेबी को अपनी जांच पूरी करने के लिए कहा था.







