प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तेलंगाना में लगभग 6,100 करोड़ रुपये की कई महत्वपूर्ण अवसंरचना विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।
प्रधानमंत्री लगभग 5,550 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली 176 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं में नागपुर-विजयवाड़ा कॉरिडोर का 108 किलोमीटर लंबा मंचेरियल-वारंगल खंड में शामिल हैं। इस खंड से मंचेरियल और वारंगल के बीच की दूरी में लगभग 34 किलोमीटर की कमी आएगी, जिससे यात्रा अवधि कम हो जाएगी और एनएच-44 और एनएच-65 पर यातायात की आवाजाही और बेहतर होगी। वे एनएच-563 के 68 किलोमीटर लंबे करीमनगर-वारंगल खंड को मौजूदा दो लेन से चार लेन में उन्नत करने की आधारशिला भी रखेंगे। इससे हैदराबाद-वारंगल औद्योगिक गलियारे, काकतीय मेगा टेक्सटाइल पार्क और वारंगल स्थित एसईजेड के बीच परिवहन सुविधा में सुधार करने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री रेलवे विनिर्माण इकाई, काजीपेट की आधारशिला भी रखेंगे। 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित की जाने वाली इस आधुनिक विनिर्माण इकाई से वैगन निर्माण क्षमता में वृद्धि होगी। यह संयंत्र नवीनतम प्रौद्योगिकी मानकों और सुविधाओं जैसे वैगनों की रोबोटिक पेंटिंग, अत्याधुनिक मशीनरी और सामग्री भंडारण और रखरखाव की आधुनिक सुविधा से सुसज्जित होगा। इससे स्थानीय रोजगार सृजन और आसपास के क्षेत्रों में सहायक इकाइयों के विकास में मदद मिलेगी।
पीएम, बीकानेर में
प्रधानमंत्री बीकानेर में 24,300 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनसे क्षेत्र की अवसंरचना का विस्तार होगा।
प्रधानमंत्री अमृतसर-जामनगर आर्थिक गलियारे के छह लेन वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे खंड का लोकार्पण करेंगे। राजस्थान में इस गलियारे की लंबाई 500 किमी से अधिक है, जो हनुमानगढ़ जिले के जाखड़ावाली गांव से जालोर जिले के खेतलावास गांव तक फैली हुई है। इसे लगभग 11,125 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया गया है। इस एक्सप्रेसवे से यात्रा के समय में काफी कमी आएगी और प्रमुख शहरों एवं औद्योगिक गलियारों के बीच परिवहन सुविधा में सुधार होगा। एक्सप्रेसवे न केवल वस्तुओं के निर्बाध परिवहन की सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि इससे पर्यटन और आर्थिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
प्रधानमंत्री क्षेत्र में बिजली क्षेत्र को बढ़ावा देते हुए, लगभग 10,950 करोड़ रुपये की लागत से हरित ऊर्जा गलियारे के लिए निर्मित अंतर-राज्य ट्रांसमिशन लाइन के चरण-I का लोकार्पण करेंगे। यह हरित ऊर्जा गलियारा लगभग 6 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा को एकीकृत करेगा और पश्चिमी क्षेत्र में ताप विद्युत उत्पादन और उत्तरी क्षेत्र में जल विद्युत उत्पादन के साथ नवीकरणीय ऊर्जा के ग्रिड संतुलन में मदद करेगा, जिससे उत्तरी क्षेत्र और पश्चिमी क्षेत्र के बीच ट्रांसमिशन क्षमता मजबूत होगी। प्रधानमंत्री बीकानेर-भिवाड़ी ट्रांसमिशन लाइन का भी लोकार्पण करेंगे। लगभग 1,340 करोड़ रुपये की लागत से पावर ग्रिड द्वारा विकसित की जाने वाली बीकानेर-भिवाड़ी ट्रांसमिशन लाइन राजस्थान में 8.1 गीगावॉट सौर ऊर्जा के उपयोग में मदद करेगी।
प्रधानमंत्री बीकानेर में 30 बिस्तरों वाले नए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल का लोकार्पण करेंगे। इस अस्पताल में 100 बिस्तरों तक के विस्तार की क्षमता होगी। यह अस्पताल एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा केन्द्र के रूप में काम करेगा, स्थानीय समुदाय की चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करेगा और सुलभ तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करेगा।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री बीकानेर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखेंगे। लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जाने वाले इस पुनर्विकास कार्य में शामिल होंगे – रेलवे स्टेशन की मौजूदा संरचना की विरासत स्थिति के संरक्षण को सुनिश्चित करते हुए फर्श और छत के साथ सभी प्लेटफार्मों का नवीनीकरण।
प्रधानमंत्री 43 किलोमीटर लंबी चूरू-रतनगढ़ रेलखंड के दोहरीकरण की आधारशिला रखेंगे। इस रेल लाइन के दोहरीकरण से रेल परिवहन सुविधा का विस्तार होगा तथा बीकानेर क्षेत्र से देश के शेष हिस्सों तक जिप्सम, चूना पत्थर, खाद्यान्न व उर्वरक उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी।







