प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 जुलाई 2023 को मंत्रियों के साथ बैठक में कहा था कि केवल आगामी लोकसभा चुनाव को न देखें बल्कि 2047 की तरफ देखते हुए काम करें। इसी को ध्यान में रखकर सारी योजनाएं भी बनाई जा रही हैं। यानि उनका पूरा जोर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने पर है और इसके लिए वह दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। पीएम मोदी देश के लिए कितना मेहनत करते हैं, इसे इस बात से समझा जा सकता है कि अगले दो दिन में वह चार राज्यों में एक दर्जन कर्यक्रमों में हिस्सा लेकर विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे और आधारशिला रखेंगे। पीएम मोदी 7 और 8 जुलाई 2023 को 36 घंटे में 4 राज्यों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे छत्तीसगढ़, यूपी, तेलंगाना और राजस्थान का दौरा करेंगे। पीएम मोदी की ये यात्रा ऐतिहासिक होगी, जिसमें वह 36 घंटे के अंदर 5 शहरों में करीब एक दर्जन कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी इन 4 राज्यों के दौरे में रायपुर, गोरखपुर, वाराणसी, वारंगल और बीकानेर जाएंगे और वहां 50 हजार करोड़ रुपये की करीब 50 परियोजनाओं का सौगात देंगे।
पीएम मोदी रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर की आधारशिला रखेंगे
पीएम मोदी के इस तूफानी दौरे की शुरुआत 7 जुलाई को होगी। पीएम मोदी सबसे पहले दिल्ली से रायपुर जाएंगे, जहां वह कई परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। छत्तीसगढ़ में पीएम मोदी रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर के छह लेन सेक्शन की आधारशिला भी रखेंगे। यहां वो एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
गोरखपुर में गीता प्रेस के शताब्दी समारोह में लेंगे हिस्सा
पीएम मोदी रायपुर के दौरे के बाद 7 जुलाई को उत्तरप्रदेश के गोरखपुर पहुंचेंगे। गोरखपुर में वह गीता प्रेस के शताब्दी समारोह में शामिल होंगे। हिंदू धार्मिक पुस्तकों को छापने वाली गीता प्रेस के 100 साल पूरा होने पर यह कार्यक्रम रखा गया है। इसके बाद पीएम मोदी 3 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। वह गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला भी रखेंगे।
गोरखपुर के बाद वाराणसी पहुचेंगे पीएम मोदी
रायपुर और गोरखपुर के बाद पीएम मोदी अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी आएंगे। यहां वह कई प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के अलावा, वह पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन से सोन नगर तक फ्रेट कॉरिडोर (माल ढुलाई गलियारा) वाली नई लाइन का लोकार्पण करेंगे।
मणिकर्णिका घाट का करेंगे जीर्णोद्धार का शिलान्यास
प्रधानमंत्री वाराणसी से जौनपुर एनएच 56 जनता को समर्पित करेंगे। इसके बाद पीएम मोदी मणिकर्णिका घाट पहुंचेंगे। जहां वह मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट के जीर्णोद्धार का शिलान्यास करेंगे।
नागपुर-विजयवाड़ा कॉरिडोर की नींव रखेंगे पीएम मोदी
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी 8 जुलाई को वाराणसी से तेलंगाना के वारंगल पहुंचेंगे। जहां वह विभिन्न परियोजना की नींव रखेंगे जिसमें नागपुर-विजयवाड़ा कॉरिडोर अहम है। प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान करीमनगर और वारंगल के बीच एनएच 563 की भी नींव रखेंगे। इसके बाद पीएम मोदी एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस वे का लोकार्पण
पीएम मोदी वारंगल से राजस्थान के बीकानेर जाएंगे। यहां भी वह कई परियोजनाओं और शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। वह अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस वे के कई सेक्शन का लोकार्पण करेंगे। वह ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज- 1 के लिए अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन लाइन का भी लोकार्पण करेंगे।
इंटर स्टेट ट्रांसमिशन लाइन फॉर ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर का लोकार्पण
पीएम मोदी राजस्थान के बीकानेर में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की आधारशिला रखेंगे। पीएम इंटर स्टेट ट्रांसमिशन लाइन फॉर ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेस वन भी देश को समर्पित करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री बीकानेर रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण की भी आधारशिला रखेंगे। जहां से वह सीधे एक विशाल जनसभा में पहुंचेंगे, जहां वह प्रदेश वासियों को संबोधित करेंगे।
…तो इसलिए लोगों ने पीएम मोदी को दिल में बसाया
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 36 घंटे में पूरब में छत्तीसगढ़ उत्तर में उत्तर प्रदेश दक्षिण में तेलंगाना और पश्चिम में राजस्थान का दौरा करेंगे। इस लिहाज से पीएम मोदी का यह दौरा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का संदेश देते हुए विकसित भारत के संकल्प को सिद्धि को ले जाने वाला है। पीएम मोदी चुनाव और जीत-हार से परे देश के विकास में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। जिस तरह से 2014 के बाद से भारत विकास के पथ पर अग्रसर है उसे देखते हुए देशवासियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल में बसा लिया है।
कैबिनेट में फेरदबल की चर्चा
कैबिनेट में फेरदबल की चर्चा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7-8 तक दो दिन तीन चुनावी राज्यों के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान, वह उत्तर प्रदेश में अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, वहां से लौटने के तुरंत बाद इस टर्म में कैबिनेट का दूसरा फेरदबल हो सकता है।
आते ही बदलाव पर मुहर?
पीएम मोदी का यह दौरा इसलिए अहम होगा कि इसके ठीक बाद कैबिनेट में बड़े फेरबदल की संभावना लगभग तय है। उससे पहले पार्टी में भी संगठन स्तर पर भी बड़े बदलाव की चर्चा है जिसके तहत सरकार से जुड़े कुछ लोगो को चुनाव को देखते हुए पार्टी में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। केंद्र सरकार में मंत्री जी. किशन रेड्डी को तेलंगाना का पार्टी अध्यक्ष बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार, इसी कारण उन्होंने बुधवार को कैबिनेट मीटिंग में भी भाग नहीं लिया। इसके अलावा सरकार से जुड़े कुछ सीनियर नेताओं के भी हटने और उनकी जगह नए मंत्रियों को जगह देने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, 9 से 12 अगस्त के बीच किसी दिन फेरबदल की संभावना है। पीएम मोदी 14 जुलाई को फ्रांस के दौरे पर जा रहे हैं और उनके आने के तुरंत बाद संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो जाएगा। पीएम मोदी ने दो दिन पहले सभी अपनी सरकार के सभी मंत्रियों के साथ मीटिंग भी की थी। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित सरकार में सीनियर मंत्री अर्जुन मेघवाल, किरण रिजिजू ने भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा से मुलाकात की थी। इसके बाद से व्यापक फेरबदल की चर्चा और तेज हो चुकी है।
क्या हैं दो बड़े संदेश?
हाल में जिस तरह की सियासी घटनाक्रम हुआ है उससे साफ संकेत जा चुका है कि बीजेपी में पार्टी और सरकार दोनों स्तर पर बहुत बड़ा बदलाव होना लगभग तय है। यह इसलिए भी अहम है कि इसमें दो बड़ा संदेश दिया जा सकता है। पहला संदेश यह कि ऐसे समय जब बीजेपी पर यह आरोप लग रहा है कि सहयोगियों को साथ लेकर चलने में वह विफल है, पार्टी इसमें नए-नए सहयोगियों को मौका देकर चौंका सकती है। दूसरा संदेश है कि अगले साल होने वाले आम चुनाव की तैयारी हो रही है। पार्टी और सरकार में नए चेहरे और नई पीढ़ी को सामने लाने की कोशिश भी हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी की यह शैली रही है कि वह समय के हिसाब से बड़ा बदलाव करते रहे हैं। 2014 में सत्ता में आने के बाद ऐसे कई बदलाव देखे भी गए।







