केंद्र की मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने पर गृह मंत्री अमित शाह पंजाब और हरियाणा में रैली करेंगे। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने हरियाणा की सभी 10, जबकि पंजाब की 13 सीटों में से 4 सीटें हासिल की थीं। इनमें 2 सीटें अकाली दल की भी शामिल हैं, जो अब BJP का साथ छोड़ चुकी है। कांग्रेस को पंजाब में 8 सीटें मिली थीं।
पंजाब में शाह की रैली गुरदासपुर की दाना मंडी में हो रही है। कुछ ही देर में गृहमंत्री अमित शाह यहां पहुंचने वाले हैं। जिसमें वह मोदी सरकार की उपलब्धियों और खासकर सिखों एवं किसान-ग्रामीणों के लिए कामों को गिनाएंगे। फिर दोपहर बाद करीब 4 बजे वह हरियाणा के सिरसा में रैली करेंगे। रैली में काले रंग के कपड़े और रूमाल आदि को बैन किया गया है।

गुरदासपुर लोकसभा क्षेत्र की नाराजगी दूर करेंगे
गुरदासपुर सीट से इस वक्त बॉलीवुड स्टार सनी देओल सांसद हैं। हालांकि यहां उनकी गैरहाजिरी को लेकर विरोधी अक्सर भाजपा की आलोचना करते रहते हैं। इस सीट पर ज्यादातर शहरी इलाके हैं, इसलिए भाजपा इसे अगले साल चुनाव में गंवाना नहीं चाहती। इसलिए शाह की रैली गुरदासपुर में रखवाई गई है। यहां गुरदासपुर और पठानकोट जिले के 9 विधानसभा क्षेत्रों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को बुलाया गया है।

हरियाणा में सर्वे में कमजोर आई थी सिरसा सीट
हरियाणा के सिरसा में शाह की रैली के भी सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। यहां से अभी भाजपा की सांसद सुनीता दुग्गल हैं। सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने हरियाणा की सभी 10 लोकसभा सीटों पर सर्वे करवाया था। जिसमें रोहतक और सिरसा में पार्टी की स्थिति कमजोर नजर आई थी। इसे देखते हुए शाह का हरियाणा में लोकसभा का चुनावी आगाज सिरसा से कराया जा रहा है।
दोनों राज्यों में विरोध की आशंका, पुलिस का एक्शन जारी
शाह की रैली को लेकर दोनों राज्यों में पुलिस और खुफिया एजेंसियों का अलर्ट है। उन्हें शाह की रैली के विरोध की आशंका लग रही है। पंजाब में PM नरेंद्र मोदी की सुरक्षा चूक जैसी कोई घटना न हो, इसलिए पुलिस सख्ती दिखा रही है। इसी सिलसिले में सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई की मांग कर रहे कौमी इंसाफ मोर्चा के नेताओं को हिरासत में लिया जा रहा है।
वहीं हरियाणा में किसान और सरपंच शाह की रैली का विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि आंदोलन के दौरान किए समझौते लागू नहीं हुए। वहीं सरपंच हरियाणा सरकार के पंचायती कामकाज में ई-टेंडरिंग का विरोध कर रहे हैं।
इसे देखते हुए पुलिस ने करीब 130 लोगों के वारंट जारी किए थे, लेकिन वे SDM कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसके बाद पुलिस अलर्ट होकर उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही है। इसके अलावा शाह की रैली के विरोध में किसान और सरपंचों ने काले झंडे लगाने का ऐलान किया है।







