चक्रवाती तूफान लगातार खतरनाक रूप लेता जा रहा है. इसके गुरुवार (15 जून) को गुजरात में कच्छ तट से टकराने की संभावना है. कुछ क्षेत्रों में चक्रवात का असर दिखाई देना शुरू हो गया है. गुजरात में दो अलग-अलग जगहों पर तीन लोगों की मौत हो गई है. तेज हवाओं के चलते पेड़ उखड़ने की वजह से दो बच्चों सहित तीन लोगों की मौत हो गई. अरब सागर में उठे इस चक्रवात के चलते रेलवे ने गुजरात के तटीय इलाकों में चलने वाली 67 ट्रेनों को रद्द कर दिया है. मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवात बिपरजॉय के चलते 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. साथ ही भारी बारिश भी हो सकती है. चक्रवात से किसी अनहोनी की आशंका के चलते गुजरात के तटीय इलाकों को खाली कराया जा रहा है. आपदा प्रबंधन बल ने अब तक साढ़े सात हजार से ज्यादा लोगों को सरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है.
मौसम विभाग ने ताजा जानकारी में बताया है कि अभी वीएससीएस (बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान) बिपरजोय 02:30 IST पर पूर्वोत्तर और आस-पास के पूर्वी मध्य अरब सागर में पोरबंदर से लगभग 290 किमी दक्षिण पश्चिम में और जखाऊ बंदरगाह से 360 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में केंद्रित है। इसके 15 जून की शाम तक जखाऊ बंदरगाह के पास सौराष्ट्र और कच्छ को पार करने की संभावना है।
मौसम विभग के ताजा अपडेट के मुताबिक, मंगलवार की सुबह छह बजे के करीब चक्रवाती तूफान बिपरजॉय गुजरात के पोरबंदर तट से करीब 290 किलोमीटर दूर अरब सागर में मौजूद है और इसके 15 जून की शाम तक गुजरात के मांडवी और पाकिस्तान के कराची के बीच से सौराष्ट्र और कच्छ को पार करने का अनुमान है। आईएमडी ने गुजरात के कच्छ से लेकर मुंबई तक अलर्ट घोषित किया है। तुफानी चक्रवात बिपरजॉय के मद्देनजर कांडला बंदरगाह बंद होने की वजह से सैकड़ों ट्रक गांधीधाम में खड़े हैं।
अलर्ट पर तीनों सेनाएं
चक्रवात बिपरजॉय का असर मुंबई और गुजरात में देखा जा सकता है. गुजरात और मुंबई के तट के पास ऊंची-ऊंची लहरें उठती देखी जा सकती है. जिसके चलते मायानगरी मुंबई हाई अलर्ट पर है. बिपरजॉय के असर के चलते पश्चिम रेलवे ने गुजरात के तटवर्ती इलाकों से गुजरने वाली 67 ट्रेनों को रद्द कर दिया है. इनमें से कई ट्रेनों को 12 से 15 जून या इससे ज्यादा समय तक के लिए रद्द किया गया है. जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनमें दिल्ली सराय रोहिल्ला-ओखा स्पेशल (अप-डाउन), ओखा राजकोट अनारक्षित, अहमदाबाद-वरावल एक्सप्रेस और इंदौर-वरावल महामना एक्सप्रेस शामिल हैं.
सौराष्ट्र और कच्छ के लिए जारी किया गया ऑरेंज अलर्ट
चक्रवात बिपरजॉय से भारी नुकसान होने की आशंका के चलते भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) सौराष्ट्र और कच्छ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. आईएमडी अहमदाबाद केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती के मुताबिक, चक्रवात बिपरजॉय के गुरुवार दोपहर में कच्छ के जखाऊ बंदरगाह के पास टकरा सकता है. इसके असर के चलते पहले 135-145 किमी से लेकर 150 किमी प्रति घंटे से हवाएं चलेंगी. साथ ही भारी बारिश होगी.
NDRF की टीमों ने संभाली कमान
बिपरजॉय के चलते राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है. शासन-प्रशासन ने भी बिपरजॉय से निपटने की तैयारियां कर ली हैं. गुजरात के राहत आयुक्त आलोक कुमार पांडे के मुताबिक, चक्रवात बिपारजॉय को लेकर राज्य और केंद्र सरकार अलर्ट पर हैं. कच्छ, पोरबंदर, जूनागढ़, जामनगर, देवभूमि द्वारका, गिर सोमनाथ, मोरबी और राजकोट जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 12 टीमों को तैनात किया गया. अनुरोध के बाद केंद्र की ओर से तीन टीमें और भेजी गई हैं. जिन्हें राजकोट, गांधीधाम और कच्छ में रिजर्व पर रखा गया है. जिससे जरूरत पड़ने पर उनसे मदद ली जा सके.
मुंबई में तैनात की गईं एनडीआरएफ की दो टीमें
उधर, बिपरजॉय से निपटने के लिए मुंबई में एनडीआरएफ की दो और टीमें तैनात की गई हैं. यहां पहले से ही तीन टीमें तैनात हैं. इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 15 और टीमों को तैयार रखा गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार भारतीय तटरक्षक और नौसेना ने अपने जहाजों और हेलिकॉप्टरों को भी तैनात किया है. जो जरूरत पड़ने पर राहत, तलाश व बचाव अभियान में मदद कर सकें. यही नहीं भारतीय वायुसेना और सेना ने भी अपनी कार्यबल इकाइयों को स्टैंडबाय पर रखा है.
कच्छ के तटवर्ती इलाकों में स्कूल-कॉलेज बंद, धारा 144 लागू
चक्रवात बिपरजॉय के खतरे को देखते हुए गुजरात के तटीय इलाकों से 7,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है. इसके साथ ही कच्छ के तटवर्ती इलाकों में धारा 144 लागू की गई है. इसके अलावा जिले के सभी स्कूल कॉलेजों को 15 जून तक बंद कर दिया गया है. कच्च के जिलाधिकारी के मुताबिक, समुद्र तट से 10 किमी के दायरे में आने वाले सभी गांवों से करीब 23 हजार लोगों को अस्थायी शिविरों में रखने की व्यवस्था की गई है. वहीं 30-31 तटवर्ती गांवों के लोगों के लिए शेल्टर बनाए गए हैं. जहां एक शेल्टर में 500 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है. इसके साथ ही मछुआरों को समुद्र में जाने से रोक दिया गया है.
अलर्ट पर हैं राज्य सरकार-केंद्र सरकार
चक्रवात बिपारजॉय के मद्देनजर राज्य सरकार, केंद्र सरकार अलर्ट पर है। हमारे पास एनडीआरएफ की 12 टीमें हैं और उन्हें कच्छ, पोरबंदर, जूनागढ़, जामनगर, देवभूमि द्वारका, गिर सोमनाथ, मोरबी और राजकोट जिलों में तैनात किया गया है। केंद्र से 3 टीमें हमारे पास आ चुकी हैं और उन्हें राजकोट, गांधीधाम, कच्छ में रिजर्व में रखा गया है-कहा,आलोक कुमार पांडे, राहत आयुक्त, गुजरात ने।
टीम कमांडर NDRF, द्वारका के वेद प्रकाश ने कहा कि चक्रवात #Biperjoy के कारण एहतियातन NDRF की एक टीम को यहां तैनात किया गया है। गांधीनगर से भी एक टीम आ रही है। चक्रवात के कारण अलग-अलग प्रकार की आपातकालीन स्थिति पैदा होती है। हम हर प्रकार की परिस्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद हैं।
चक्रवात को लेकर रेलवे अलर्ट, बंद किए गए पोर्ट
चक्रवात के कारण भारतीय रेलवे ने अपने आपदा प्रबंधन तंत्र को हालात से निपटने के लिए एक्टिव कर दिया है। इस चक्रवात के बुधवार को गुजरात में दस्तक देने की आशंका है, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है। इसे देखते हुए रेलवे ने भावनगर, महुवा, वेरावल से पोरबंदर, ओखा से हापा और गांधीधाम क्षेत्र सहित संवेदनशील खंडों की पहचान की है।
रेलवे ने उठाए हैं एहतियाती कदम
रेलवे अधिकारियों के अनुसार भावनगर, राजकोट, अहमदाबाद और गांधीधाम में मंडल मुख्यालयों में आपातकालीन नियंत्रण कक्षों का संचालन शुरू कर दिया गया है।
हवा की स्पीड 50 किमी प्रति घंटे से ज्यादा होने पर ट्रेनों को रोकने का निर्देश दिया है।
सभी रेलवे जोनों को यात्रियों की आपातकालीन निकासी के लिए पर्याप्त डीजल इंजन और डिब्बों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
तूफान को देखते हुए फिलहाल ‘डबल-स्टैक कंटेनरों’ की लोडिंग का काम भी रोक दिया गया है.
पश्चिम रेलवे ने तटीय गुजरात की तरफ जाने वाली अपनी 56 ट्रेनों को उनके डेस्टिनेशन से पहले ही रोक दिया है।
पश्चिम रेलवे अगले 3 दिनों के लिए कुछ ट्रेनों को रद्द करने पर भी विचार कर रहा है।
13 जून से 15 जून के बीच करीब 95 ट्रेनों को रद्द करने का प्रस्ताव दिया जा रहा है।
आईएमडी ने बिपरजॉय को किया डाउनग्रेड
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुजरात में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।इस बीच राहत भरी खबर ये है कि आईएमडी ने बिपरजॉय को अति गंभीर तूफान की कैटेगरी से डाउनग्रेड करके बहुत गंभीर तूफान घोषित किया है।
मुंबई में नहाने गए 6 लड़के बहे
मुंबई में बिपरजॉय तूफान के अलर्ट के बावजूद जुहू बीच में नहाने गए 6 लड़के समुद्र की तेज लहरों के साथ बह गए. जानकारी के अनुसार समुद्र में नहाने उतरे कुछ लड़के जब तेज लहरों के कारण डूबने लगे तो वहां मौजूद लाइफगार्ड ने किसी तरह दो को तो बचा लिया, लेकिन 4 लड़कों पानी की लहरों के साथ काफी अंदर चल गए. काफी खोजबीन के बाद दो लड़कों की बॉडी बरामद हुई है ,जबकि शेष दो को तलाशने के लिए सर्च ऑपरेश चलाया जा रहा है.
आपको बता दें कि चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के प्रभाव को देखते हुए मुंबई में हाई अलर्ट जारी किया गया था. लोगों से समुद्र में न उतरने की अपील की गई थी. बावजूद इसके कुछ लोग चेतावनी की नजरअंदाज करते हुए समुद्र में उतर गए. बताया जा रहा है कि लड़कों का यह ग्रुप यहां पिकनिक मनाने आया था. इस ग्रुप में 8 लड़के थे, जिसमें से 2 ने पानी में जाने से मना कर दिया था. यह घटना कल याना सोमवार शाम की बताई जा रही है. समुद्र में नहाने उतरे लड़कों की पहचान धर्मेश (15), शुभग भोगनिया (16), मनीष (15) और जय ताजभरिया (16) के रूप में हुई है. सभी लड़के सांताक्रुज ईस्ट के वकोला में दत्ता मंदिर इलाके के बताए जा रहे हैं. जिस लड़के को बचाया गया है, उनमें से एक का ना दीपेश करण (16) है.
जानें क्या है ‘बिपोर्जॉय’चक्रवाती तूफान
दरअसल, ‘बिपोर्जॉय’ एक तरह का चक्रवाती तूफान है. तूफान को ‘बिपरजॉय’नाम बांग्लादेश की देन है. ‘बिपरजॉय’का शाब्दिक अर्थ आपदा. एक रिपोर्ट में बताया गया कि विश्व मौसम विज्ञान संगठन के मेंबर देशों ने इस नाम को 2020 में स्वीकार किया था. ‘बिपरजॉय’ बंगाल की खाड़ी और उत्तरी भारतीय महासागर समेत सभी तरह के चक्रवातों को समेटता है. आपको बता दें कि चक्रवातों के नाम क्षेत्रीय नियमों के आधार पर ही निर्धारित किए जाते हैं.







