जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने प्रशांत किशोर के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सिर्फ सुर्खियां बटोरने के लिए वे मुख्यमंत्री के सम्बंध में अनावश्यक बयानबाजी कर रहे हैं। उनका बयान दर्शाता है कि उन्हें भाषा की बुनियादी समझ नहीं है। वह अपनी छवि अपने हाथों ही धूमिल कर रहे हैं। सार्वजनिक जीवन में रहने वाले व्यक्ति को तमीज और तहजीब का उचित ख्याल रखना चाहिए‚ लेकिन प्रशांत किशोर की भाषा सडÃक के मवाली की तरह हो गई है।
प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर भाजपा के रिमोट से कंट्रोल हो रहें हैं और भाजपा आलाकमान के कहने पर बिहार की जनता को बरगलाने निकले थे‚ लेकिन धरातल पर जनता द्वारा नकार दिए जाने के बाद से वो अंतर्मन से बौखलाए हुए हैं और इसी का नतीजा है कि वे अब भाषाई नियंत्रण भी खो चुकें है) तमाम राजनीतिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर वे हमारे नेता के खिलाफ अपमानजनक बयानबाजी कर रहे हैं। उनकी असलियत जनता के सामने आ चुकी है। प्रशांत किशोर बिहार में भाजपा का एजेंडा चला रहें हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के अंदर सीधे तौर पर राजनीतिक लडाई लडने की क्षमता खत्म हो चुकी है। भाजपा को याद रखना चाहिए कि यह महान चाणक्य की भूमि है। हर तरह की राजनीतिक कुटिलता यहां औंधे मुंह धराशाई हो जाती है। भाजपा की यह होशियारी उसके लिए नुकसानदेह साबित होगा॥। श्री कुशवाहा ने कहा कि भाजपा और उसके पिछलग्गू सहयोगी चाहे जितनी मर्जी कोशिश कर लें‚ लेकिन २०२४ लोकसभा चुनाव में उनकी लुटिया डूबनी अब तय है। कोई भी शक्ति या साजिश भाजपा का सफाया होने से रोक नहीं सकती है। उन्होंने कहा कि प्रशान्त किशोर बेवजह ही राजनीति में अपना समय जाया कर रहे हैं‚ कोई लाभ नहीं मिलने वाला है उन्हें। उनके लिए बेहतर होगा कि वह पुनः अपने पारंपरिक व्यापार में लग जाएं। उनकी भाषाशैली और व्यवहार एक राजनेता की तरह कतई नहीं है।
स्वतंत्रता दिवस पर बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद कार्यालय में देशभक्ति का उत्साह
बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के मंदिरी स्थित कार्यालय में शनिवार को 79वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण...







