दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. दिल्ली के आबकारी नीति केस में एक बार फिर मनीष सिसोदिया को बेल नहीं मिली है. इस केस में दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज की है. अब वे निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील करेंगे.
आपको बता दें कि मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर अदालत ने एक सप्ताह पहले ही फैसला सुरक्षित रख लिया था. पिछली सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कोर्ट में दलील पेश की थी कि अगर मनीष सिसोदिया को जमानत दी जाती है तो वह हमारी जांच को प्रभावित कर सकते हैं. इस मामले में उनका दखल और प्रभाव काफी बड़े पैमाने पर है. CBI ने यह भी दावा किया था कि सिसोदिया ने इसलिए अपने मोबाइल फोन तोड़ दिए थे, क्योंकि उन्हें घोटाले से जुड़ी चैट को समाप्त करना था. ऐसे में अब उन्हें बेल मिलती है तो वह सारे सबूतों को नष्ट भी कर सकते हैं.
निचली अदालत से जमानत नहीं मिलने के बाद अब मनीष सिसोदिया दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. वे अब HC में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ याचिका दायर करेंगे. आपको बता दें कि दिल्ली की नई शराब नीति में भ्रष्टाचार के आरोप में सीबीआई ने 26 फरवरी को मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था. तब से लेकर आज तक वे जेल में ही कैद हैं.







