राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द करने के खिलाफ कांग्रेस रविवार को देशभर में संकल्प सत्याग्रह कर रही है। प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन जैसे बड़े नेता सुबह-सुबह राजघाट पहुंचे। पुलिस ने यहां धारा 144 लगा दी, लेकिन नेता और कार्यकर्ता इसके बावजूद पहुंचे।
राहुल गांधी ने भी रविवार को ट्विटर पर अपना बायो बदल दिया। उन्होंने खुद को डिसक्वालिफाइड सांसद लिखा है।प्रियंका गांधी ने कहा कि आज तक हम चुप रहे हैं, आप हमारे परिवार का अपमान करते गए। मैं पूछना चाहती हूं कि एक आदमी का कितना अपमान करोगे। मुझ पर केस लगा दो, लेकिन सच ये है कि इस देश का प्रधानमंत्री कायर है।
दिल्ली में महात्मा गांधी की समाधि पर कांग्रेस सत्याग्रह में प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस संसद में मेरे शहीद पिता का अपमान होता है, शहीद प्रधानमंत्री के बेटे को मीर जाफर बोला जाता है। मेरे पूरे परिवार का अपमान होता है, पूरे कश्मीरी समाज के रिवाज का अपमान होता है, लेकिन इसके बाद भी इनपर कोई मुकदमा नहीं होता।
1. 32 साल पुराना किस्सा किया याद
प्रियंका गांधी ने कहा, ‘मुझे 32 साल पुरानी बात याद आई, मई 1991 की बात। मेरे पिता की शव यात्रा तीन मूर्ति भवन से निकल रही थी। अपनी मां, भाई के साथ हम एक गाड़ी में बैठे थे। सामने भारतीय सेना की एक ट्रक थी, फूलों से लदी हुई, उसके ऊपर मेरे पिता जी का शव था। थोड़ी देर काफिला चला फिर राहुल कहने लगे कि मैं उतरना चाहता हूं। मां ने मना किया। राहुल ने जिद की, मैंने कहा उतरने दो। राहुल गाड़ी से उतरा और सेना के ट्रक के पीछे चलने लगा। और तीन मूर्ति से लेकर कड़ी धूप में पिता के जनाजे के पीछे-पीछे चलते-चलते यहां पहुंचा। इस जगह से 400-500 मीटर दूर… मेरे शहीद पिता का अंतिम संस्कार मेरे भाई ने किया।’
2. अडानी मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रियंका ने कहा, ‘आप परिवारवादी कहते हैं तो भगवान राम कौन थे? क्या वो परिवारवादी थे? क्या पांडव परिवारवादी थे? और हमें क्या शर्म आनी चाहिए कि हमारे परिवार के सदस्य इस देश के लिए शहीद हुए? अहंकारी, तानाशाह जब जवाब नहीं दे पाते तो पूरी सत्ता को लेकर जनता को दबाने की कोशिश करते हैं। आपने कभी सोचा है ये पूरी सरकार एक आदमी को बचाने की इतनी कोशिश क्यों कर रही है? इस अडानी में है क्या कि आप इसे देश की सारी संपत्ति दे रहे हैं। ये अडानी है कौन कि इनका नाम सुनते ही आप बौखला जाते हैं।
3. प्रधानमंत्री पर बोला बड़ा हमला
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘इस देश का प्रधानमंत्री कायर है, केस लगा दो मुझपर, डाल दो मुझे जेल में… मैं नहीं डरूंगी। लेकिन सच्चाई यही है कि देश का प्रधानमंत्री कायर है। अपनी सत्ता के पीछे छिपा हुआ है। अहंकारी है और इस देश की बहुत पुरानी परंपरा है, हिंदू धर्म की पुरानी परंपरा है कि अहंकारी राजा को जनता जवाब देती है।’
4. ‘राहुल इतने पढ़े लिखे और आप पप्पू बुलाते हैं’
उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ झूठ बोलकर जनता का ध्यान भटका रही है। राहुल गांधी को आप पप्पू बुलाते हैं, जबकि वो इतने बड़े संस्थानों में पढ़े हैं। अब आपको पता चल रहा है कि राहुल गांधी पप्पू नहीं हैं, इनके साथ तो लाखों लोग चल रहे हैं, उन्होंने संसद में ऐसे सवाल उठाए कि ये लोग घबरा गए, सरकार पर जवाब तक नहीं था। राहुल गांधी कन्याकुमारी से चलकर 5 हजार किलोमीटर का सफर तय करके कश्मीर गया. और जनता की आवाज उठाई।
5. ‘इस देश में इतनी महंगाई क्यों है’
लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है इनको जवाब देने का। इस देश में इतनी महंगाई क्यों है? जनता को एक हजार का सिलेंडर मिल रहा है और उनकी संपत्ति सिर्फ एक आदमी के हवाले की जा रही है। आप इतने काम कर सकते हो लेकिन एक सिलेंडर का दाम कम नहीं कर सकते। क्या आप अडानी को बचाने के लिए यह सबकुछ कर रहे हैं। आज पूरी सरकार एक शख्स को बचाने में जुटी है, ऐसा क्या है अडानी में… ये अडानी है कौन? आप सब उनका नाम उछलते ही खड़े हो जाते हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा- मेरे पिता का संसद में अपमान किया गया। ये लोग शहीद के बेटे को देशद्रोही कहते हैं, मीर जाफर कहते हैं। एक मुख्यमंत्री तो यहां तक कहते हैं कि राहुल को पता ही नहीं उनका पिता कौन है। आपके प्रधानमंत्री भरी संसद में कहते हैं कि हमारा परिवार नेहरू नाम क्यों इस्तेमाल करता है। आपको कोई सजा नहीं मिलती, न संसद से बाहर निकालता है।
जिस व्यक्ति ने सूरत में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, वह कोर्ट में गया और 1 साल के लिए अपने ही मामले पर रोक लगाने के लिए कहा, लेकिन राहुल गांधी ने अडाणी पर संसद में भाषण देने के बाद मामले को फिर से ओपन करवाया। 1 महीने के अंदर सुनवाई हुई और राहुल को दोषी करार दिया गया।
आज तक हम चुप रहे हैं, आप हमारे परिवार का अपमान करते गए। मैं पूछना चाहती हूं कि एक आदमी का कितना अपमान करोगे। मेरा भाई पीएम के पास गया, उन्हें गले लगाया और कहा कि मुझे आपसे नफरत नहीं है। हमारी विचारधारा अलग है लेकिन हमारे पास नफरत की विचारधारा नहीं है। क्या भगवान राम और पांडव परिवारवादी थे। हमारा परिवार देश के लिए शहीद हुआ तो क्या हमें शर्म आनी चाहिए।







