केंद्र की मोदी सरकार ने लंबे समय के इंतजार के बाद केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी दी है. केंद्रीय कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना यानी ओल्ड पेंशन स्कीम का लाभ मिलने जा रहा है. इसके बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले होने वाली है. हालांकि, ओल्ड पेंशन स्कीम का लाभ सभी कर्मचारियों को नहीं मिलने वाला है. क्योंकि सरकार की ओर से जारी नई अपडेट के मुताबिक, कुछ चुनिंदा कर्मचारियों को ही ओल्ड पेंशन स्कीम चुनने का मौका दिया जा रहा है.
ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों के मन में यह सवाल है कि वे पुरानी पेंशन के तहत मिलने वाले लाभ के लिए पात्र हैं या नहीं. अगर आप केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं और ये जानना चाहते हैं कि आप पुरानी पेंशन योजना का लाभ पाने वालों में शामिल हैं या नहीं तो ये खबर जरूर पढ़ लें.
किन कर्मचारियों को मिलने जा रहा ओल्ड पेंशन स्कीम का लाभ
ओल्ड पेंशन को लेकर आई नई अपडेट के अनुसार, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली यानी एनपीएस को अधिसूचित किये जाने की तारीख 22 दिसंबर, 2003 से पहले विज्ञापित या अधिसूचित पदों के तहत केंद्र सरकार की सेवाओं में शामिल होने वाले कर्मचारी केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 (अब 2021) के तहत पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने के पात्र हैं. इसे आसान शब्दों में समझें तो यदि कोई कर्मचारी 22 दिसंबर 2003 के पहले निकली भर्ती के जरिये सरकारी नौकरी में शामिल हुआ है तो उसे पुरानी पेंशन का लाभ मिलेगा. वहीं. जिन कर्मचारियों को 22 दिसंबर 2003 के बाद निकली भर्ती के जरिए नौकरी मिली है उन्हें पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा. उन्हें नेशनल पेंशन स्कीम के तहत पेंशन कवर दिया जाएगा.
जानें पुरानी पेंशन योजना चुनने की आखिरी तारीख
जो सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना चुनने के पात्र हैं वह 31 अगस्त, 2023 तक इस विकल्प का उपयोग कर सकते हैं. इसके साथ ही सरकार ने यह भी बताया है कि यदि योग्य कर्मचारी 31 अगस्त, 2023 तक पुरानी पेंशन योजना का विकल्प नहीं चुनते हैं तो उन्हें नई पेंशन योजना के तहत पेंशन दिया जाएगा.
वहीं, अगर कोई कर्मचारी नई पेंशन योजना से पुरानी पेंशन योजना में जाने क विकल्प चुन लेते हैं तो वह अंतिम विकल्प माना लिया जाएगा. इसका मतलब है कि वह फिर नई पेंशन योजना में स्विच नहीं कर पाएगें.
क्या है Old Pension Scheme
आपको बता दें कि पुरानी पेंशन योजना यानी ओल्ड पेंशन स्कीम के तहत सरकार साल 2004 से पहले कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद एक निश्चित पेंशन देती थी. यह पेंशन कर्मचारी के रिटायरमेंट के समय उनके वेतन पर आधारित होती थी. इस स्कीम में रिटायर हुए कर्मचारी की मौत के बाद उनके परिजनों को भी पेंशन का लाभ दिया जाता था. हालांकि, केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2004 को पुरानी पेंशन योजना को बंद करने का फैसला किया था. जिसके बाद साल 2004 में पुरानी पेशन योजना के बदले राष्ट्रीय पेंशन योजना शुरू की गई थी.
केंद्रीय कर्मचारी पुरानी पेंशन को लागू करने की मांग कर रहे थे. उनका मामना है कि नई पेंशन स्कीम में पुरानी पेंशन स्कीम की अपेक्षा कम सुविधाएं एवं लाभ मिलते हैं. इसके साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों के अनुसार, नई पेंशन स्कीम में उनको कुछ समस्याओं का सामना भी करना पड़ रह था.







