मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा की यदि विशेष राज्य का दर्जा मिल गया होता तो प्रदेश इतना विकसित हो जाता‚ जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। नीतीश ने बुधवार को बक्सर जिले में समाधान यात्रा के क्रम में बाबा ब्रह्मेश्वरनाथ मंदिर में पूजा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान बिहार को विशेष राज्य का दर्जा के सवाल पर कहा कि अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल जाता तो इसका काफी विकास हो जाता।
अभी कई काम बिहार सरकार को खुद करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि अगर विशेष राज्य को दर्जा मिल जाता तो बिहार इतना विकसित हो जाता जिसकी कल्पना आप नहीं कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने के बावजदू हमलोग बिहार का विकास कर रहे हैं। पहले कई पिछड़े राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया वैसे ही अभी भी देनी चाहिए। सभी पिछड़े राज्य विकसित हो जायेंगे तो देश विकसित हो जायेगा। विकसित राज्य से आनेवाले लोग दूसरे राज्य की बात को समझ ही नहीं रहे हैं। वे जहां से आये हैं वह राज्य शुरू से ही विकसित था। नीतीश ने रामचरितमानस विवाद पर कहा कि यह बहुत गलत बात है। धार्मिक मामलों में बहस नहीं करनी चाहिए। अपने–अपने धर्मों को मानने के लिए सभी को अधिकार है। उन्होंने शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के माफी नहीं मांगने के सवाल पर कहा कि यह बहुत गलत बात है। उनकी पार्टी के लोगों ने ही सभी बातों को कह दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई में ही बाबा ब्रमेश्वरनाथ मंदिर मंदिर का शिलान्यास किया था। यहां पर जो काम हो रहा है उसे हमलोगों ने देखा है। यहां आने–जाने में सुविधा हो इसके लिए जो काम जरूरी है वह किया जायेगा। सभी लोगों से विचार विमर्श कर मंदिर के विस्तार को लेकर आगे भी काम किया जायेगा। मंदिर को और विकसित किया जायेगा‚ इससे यहां आने वाले लोगों को और सुविधा होगी। इस मंदिर में वर्ष २००५ और २००९ में भी आये थे। इस अवसर पर वित्त‚ वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी‚ जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा‚ अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान‚ पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सह बक्सर जिले के प्रभारी मंत्री मो. आफाक आलम आदि मौजूद थे।







