ADVERTISEMENT
Wednesday, July 8, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

चीन–रूस संबंध: गठजोड़़ से सतर्क रहे भारत………

UB India News by UB India News
January 6, 2023
in अन्तर्राष्ट्रीय, खास खबर
0
चीन–रूस संबंध: गठजोड़़ से सतर्क रहे भारत………
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

सोवियत नेता निकिता ख्रुश्चेव 1960 के दशक में भारत के बहुत अच्छे दोस्त थे और उस समय सोवियत संघ और चीन के बीच सीमा पर गहरा तनाव था। इन परिस्थितियों में भी १९६२ में चीन ने जब भारत पर हमला किया तो उसे रोकने के लिए जो सामरिक दबाव बनाया गया था‚ वह अमेरिका का था और इसीलिए चीन को भारत के इलाके वापस लौटाने पड़े थे।

इस समय देश की उत्तरी सीमा पर चीन के साथ गहरा तनाव है और युद्ध जैसी स्थितियां है। भारत अपनी सुरक्षा जरूरतों के लिए रूस पर काफी हद तक निर्भर है। दुनिया में रूस से सबसे ज्यादा हथियार खरीदने वालों में भारत शुमार है। पिछले चार सालों की ही बात की जाए–२०१७ से २०२१–के बीच रूस के कुल हथियार निर्यात में भारत का हिस्सा लगभग अट्ठाइस फीसद था। वहीं यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद वैश्विक स्तर पर हालात बेहद बदल गए हैं। पश्चिमी देशों और अमेरिका के आर्थिक प्रतिबंधों के बाद भी रूस अभी तक यूक्रेन को लेकर अपने रु ख से पीछे नहीं हटा है। इसका एक प्रमुख कारण रूस को चीन से मिलने वाली मदद है। चीन और रूस के बीच व्यापार अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग रूस के राष्ट्रपति पुतिन को अपना आदर्श बता चूके हैं। दोनों देशों के बीच आर्कटिक में संयुक्त ऊर्जा साझेदारी बढ़ रही है और रूस के रेलवे और पोर्ट में चीन का निवेश बढ़ रहा है। रूस और चीन अब ज़्यादा से ज़्यादा अपनी मुद्राएं रूबल और युआन में व्यापार कर रहे हैं। दोनों देश डॉलर और यूरो में कम–से–कम व्यापार को बढ़ावा दे रहे हैं‚ जिससे पश्चिम के आर्थिक दबाव को कम किया जा सके।

RELATED POSTS

राम मंदिर के नाम पर फर्जी रसीद ,गोपाल राव पर भी चढ़ावा चोरी की आंच!

भारत की मिसाइलें बन रहीं दुनिया की जरूरत……………

चीन और रूस की बढ़ती नजदीकियां भारत की चिंता बढ़ाने वाली है। इस साल की शुरु आत में वियना में एक कार्यक्रम में विदेश मंत्री जयशंकर ने बेहद साफ शब्दों में चीन से संबंधों को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कम्युनिस्ट देश से लगती उत्तरी सीमाओं पर स्थिति को असामान्य बताया। पिछले तीन चार सालों से भारत चीन सीमा पर तनाव बहुत बढ़ गया है। १९५० के दशक से दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़प तो कई बार हो चुकी है‚ लेकिन १९६२ के बाद इस समय जिस प्रकार तनाव नजर आ रहा है‚ उसे युद्ध से कम बिल्कुल नहीं समझा जा सकता। डोकलाम‚ गलवान‚ लेह‚ लद्दाख से लेकर तवांग में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई है और कहीं–कहीं यह बड़े संघर्ष में भी तब्दील हुई है। दो जून २०१७ को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में कहा था कि चीन और भारत में भले सीमा विवाद है‚ लेकिन दोनों देशों के बीच सीमा पर पिछले ४० सालों में एक भी गोली नहीं चली है। चीन ने प्रधानमंत्री मोदी इस बयान का स्वागत किया था और हाथोंहाथ लिया था‚ मगर इन सबके बीच चीन ने भारतीय सीमा पर लगातार अतिक्रमण किया है तथा तेज नुकीले डंडों से भारतीय सैनिकों पर हमला भी किया है।

भारत और रूस के रक्षा संबंध उच्च कोटि के हैं‚ लेकिन चीन से संघर्ष की स्थिति में रूस को लेकर भारत आश्वस्त नहीं रह सकता। पिछले तीन चार सालों में कूटनीतिक स्तर पर भारत और चीन के बीच बातचीत बेनतीजा ही रही है और यह तनाव के बढ़ने के संकेत हैं। भारत के विदेशमंत्री जयशंकर अपने चीनी समकक्ष से कई बार मिले‚ मगर चीनी सेना के वर्तमान स्थिति से वापस पीछे हटने जैसे समझौते नहीं हो सके। अब चीन के नये विदेश मंत्री अमेरिका में चीन के राजदूत रहे चिन गांग को नियुक्त किया गया है। उन्हें राष्ट्रपति जिनपिंग का करीबी माना जाता है। चिन गांग एक बेहद सख्त कुटनीतिज्ञ के रूप में चर्चित रहे हैं‚ जो आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करने से परहेज नहीं करते। भारत के लिए यह स्थिति अनुकूल नहीं हो सकती। भारत और चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी स्थिति को लगातार मजबूर कर रहे हैं। चीन लगातार भारत को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। चीन का पाकिस्तान में ग्वादर‚ श्रीलंका में हम्बनटोटा‚ जिबूती और बांग्लादेश में चटगांव पोर्ट कभी भी रणनीतिक इस्तेमाल में बदल सकता है। भारत से लगती सीमा के आसपास चीन ने बड़े पैमाने पर सड़क और रेलवे ट्रैक का जाल बिछा दिया है। वहीं सीमा पर चीन की बढ़ती सक्रियता से निपटने के लिए भारत ने भी अरु णाचल प्रदेश में अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है। इसमें हर मौसम में सीमावर्ती क्षेत्रों तक आवाजाही आसान बनाने वाली नई सुरंगों के अलावा नई सड़कों का निर्माण‚ पुल‚ हेलीकॉप्टर बेस और गोला–बारूद के लिए भूमिगत भंडारण वाले ठिकाने तैयार करना शामिल है।

शी जिनपिंग चीन के इतिहास में माओ के बाद सबसे शक्तिशाली नेता के रूप में उभरे हैं। वे अपनी प्राथमिकता कम्युनिस्ट पार्टी के राजनीतिक लक्ष्यों को बता चुके हैं। चीन से सीमा विवाद का प्रमुख कारण यह है कि वह मैकमोहन रेखा को अंतराष्ट्रीय सीमा मानने को तैयार ही नहीं है। चीन इसे औपनिवेशिक रेखा मानते हुए भारत के अरु णाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत बताते हुए उस पर अपना दावा करता है। ऐतिहासिकता के आधार पर भारत का दावा पुख्ता है और चीन के दावों की अब कोई प्रासंगिकता नहीं दिखाई देती। चीनी खतरों के बीच भारत की सामरिक और कूटनीतिक चुनौतियां है‚ जिससे सामंजस्य बिठाने का प्रयास किया गया है। यूक्रेन पर रूस के हमले का भारत ने सीधा विरोध तो नहीं किया‚ लेकिन रूस को युद्ध से बचने की नसीहत भी दी।

भारत ने सतर्कतापूर्वक रूस से आपसी संबंधों को मजबूत किया वहीं क्वाड का समूह बनकर समुद्र में चीन की दादागिरी रोकने के लिए अमेरिका से सामरिक सहयोग को भी बढ़ाया गया। पिछले महीने भारत और अमेरिका ने भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगभग १०० किलोमीटर दूर उत्तराखंड के औली में युद्ध अभ्यास किया तो इस पर चीन ने एतराज भी जताया था। जाहिर है निकट भविष्य में भारत और चीन के रिश्तों में सुधार की कोई उम्मीद नहीं है और इससे युद्ध जैसी आशंकाएं बनी रह सकती हैं। ऐसे में किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए रूस और अमेरिका से संबंधों को लेकर भारत की नियंत्रण और संतुलन की नीति ही ज्यादा कारगर हो सकती है।

पिछले महीने भारत और अमेरिका ने भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगभग १०० किमी दूर उत्तराखंड में युद्धाभ्यास किया तो चीन ने एतराज जताया था। जाहिर है निकट भविष्य में भारत और चीन के रिश्तों में सुधार की उम्मीद नहीं है और इससे युद्ध जैसी आशंकाएं बनी रह सकती हैं। ऐसे में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए रूस और अमेरिका से संबंधों को लेकर भारत की नियंत्रण और संतुलन की नीति ही ज्यादा कारगर हो सकती है॥

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

क्या है अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावे के गबन का पूरा मामला………………

राम मंदिर के नाम पर फर्जी रसीद ,गोपाल राव पर भी चढ़ावा चोरी की आंच!

by UB India News
July 8, 2026
0

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने आरोपियों से मंदिर की फर्जी चंदे की...

भारत की मिसाइलें बन रहीं दुनिया की जरूरत……………

भारत की मिसाइलें बन रहीं दुनिया की जरूरत……………

by UB India News
July 8, 2026
0

भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए मंगलवार एक अहम दिन बनकर आया। दरअसल, इंडोनेशिया ने भारत से उसकी ब्रह्मोस मिसाइल...

मुनीर के मंसूबे नाकाम होंगे………………

मुनीर के मंसूबे नाकाम होंगे………………

by UB India News
July 8, 2026
0

पाकिस्तान एक बार फिर भारत के एक्शन से बौखला गया है. भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल...

आखिर टीम इंडिया बार-बार क्यों हार रही है?…………….

आखिर टीम इंडिया बार-बार क्यों हार रही है?…………….

by UB India News
July 8, 2026
0

इंग्लैंड ने तीसरे टी-20 मैच में भारत को 125 रन से हरा दिया। यह टी-20 में भारत की सबसे बड़ी...

FIFA World Cup 2026 :क्या इजिप्ट के साथ हुई बेईमानी…

FIFA World Cup 2026 :क्या इजिप्ट के साथ हुई बेईमानी…

by UB India News
July 8, 2026
0

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अर्जेंटीना क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई है, लेकिन राउंड ऑफ 16 में हुआ उनका मैच...

Next Post
Taliban 20 ने अमेरिकी राजनीति को बनाया ‘बंधक’, जानें कौन हैं और क्या है इनका मकसद

Taliban 20 ने अमेरिकी राजनीति को बनाया 'बंधक', जानें कौन हैं और क्या है इनका मकसद

Delhi MCD Clash: दिल्ली MCD में भिड़ गए AAP-BJP पार्षद

Delhi MCD Clash: दिल्ली MCD में भिड़ गए AAP-BJP पार्षद

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend