जी-20 की तैयारी को लेकर सर्वदलीय बैठक में बिहार के तरफ से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित आरजेडी के किसी भी नेता ने शिरकत नहीं किया। इसको लेकर बीजेपी नेता सुशील मोदी ने जमकर हमला बोला है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो बार धोखा दिया।
उनमें पीएम के सामने पड़ने की हिम्मत नहीं, इसलिए जी-20 मुद्दे पर बुलायी गई सर्वदलीय बैठक में न मुख्यमंत्री गए, न जदयू अध्यक्ष ललन सिंह शामिल हुए। राजद ने भी इस बैठक में भाग नहीं लिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री मोदी से नजर चुरा रहे हैं। अब उनके बिहार आने पर क्या मुख्यमंत्री प्रोटोकॉल के अनुसार पीएम का स्वागत करने भी नहीं जाएंगे?
कब तक पीएम से दूरी बनाएंगे नीतीश
क्या वे केंद्र सरकार की उन बैठकों में नहीं सम्मिलित होंगे, जिसमें प्रधानमंत्री उपस्थित रहेंगे? मोदी ने कहा ऐसे रवैये से राज्य का नुकसान होगा और बिहार की छवि खराब होगी। लेकिन नीतीश कुमार को इसकी चिंता नहीं है। ऐसा अहंकारपूर्ण व्यवहार राजनीतिक जीवन में उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारत को जी-20 का नेतृत्व मिलने के उपलक्ष्य में बिहार सहित देश भर में 200 से ज्यादा कार्यक्रम होने वाले हैं। क्या नीतीश कुमार इन कार्यक्रमों में भी असहयोग करेंगे? यदि ऐसा हुआ, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होगा।
द्रोपदी मुर्मू को दिया था समर्थन
पहली दफा नहीं है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने आने से कतरा रहे हैं। इससे पहले भी जब वह बीजेपी के साथ थे और महागठबंधन में जाने की तैयारी थी तब भी नीतीश कुमार प्रधानमंत्री से मिलने से कतराते रहे है। भले नीतीश कुमार ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को अपना समर्थन दिया था।
लेकिन, उनके शपथ ग्रहण समारोह और उनके सम्मान में आयोजित भोज में शामिल होने नीतीश कुमार दिल्ली नहीं गए थे। उससे पहले पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के विदाई समारोह में शामिल होने भी बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं गए। अगस्त महीने नीति आयोग की हुई बैठक में भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल नहीं हुए थे।
मुलायम सिंह की अंत्येष्टी में भी नहीं गए नीतीश
यही नहीं, समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के अंतिम दर्शन के समय जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले थे तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना प्रोग्राम कैंसिल कर दिया था। एक बार फिर जी-20 की तैयारी को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में नीतीश कुमार शामिल नहीं हुए। इस रुख से उन्होंने साफ कर दिया है कि वह किसी भी हाल में नरेंद्र मोदी का सामना नहीं करना चाहते।







